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एसीबी ने किया नया खुलासा:जीपी ने 450 म्युचुअल फंड में 15 करोड़ लगाए, परिवार के नाम पर 125 बीमा पॉलिसी ली, अब कह रहे उन्हें प्राॅपर्टी की जानकारी नहीं

रायपुर4 दिन पहले
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एंटी करप्शन ब्यूरो और ईओडब्लू के चीफ रहे निलंबित एडीजी जीपी सिंह की 25 करोड़ से ज्यादा की अवैध संपत्ति और इन्वेस्टमेंट का बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में 6 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति का पता लगा था, लेकिन जैसे जैसे जांच आगे बढ़ी नए खुलासे होते गए। अबतक जीपी की 25 करोड़ से ज्यादा की अघोषित संपत्ति की जानकारी मिल चुकी है।

म्युचुअल फंड में ही 450 से ज्यादा निवेश हैं। इसमें 15 करोड़ से ज्यादा इन्वेस्ट किए गए हैं। हालांकि अभी एसीबी की रिमांड में पूछताछ के दौरान निलंबित एडीजी किसी सवाल का जवाब नहीं दे रहे। उनका कहना है कि उन्हें न तो प्रापर्टी याद है और न ही कोई पॉलिसी। दिल्ली गुड़गांव से हिरासत में लिए जाने के बाद जीपी मंगलवार को कोर्ट में पेश किए गए थे। कोर्ट ने जीपी को 2 दिन की रिमांड पर एसीबी को सौंपा है। एसीबी दफ्तर में उनसे आला अफसर दो दिन से पूछताछ कर रहे हैं। निलंबित एडीजी ज्यादातर सवालों के जवाब ही नहीं दे रहे हैं। वे किसी दस्तावेज पर भी हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। बात-बात में वे अपने वकील को बुलाने की मांग करते हैं। उनके घर से जब्त प्राॅपर्टी के दस्तावेजों को वे अपने नहीं मान रहे हैं।

शैल कंपनी में 93 वर्षीय पिता कंसल्टेंट, 80 साल की मां लाइजनिंग अफसर
एसीबी को दस्तावेज मिले हैं, उसके अनुसार अवैध कमाई को वाइट मनी यानी एक नंबर में लाने के लिए उन्होंने 93 साल के पिता और 80 साल की मां के नाम का इस्तेमाल किया गया। उनके पिता 1992 में रिटायर हुए। उस समय उन्हें 40 हजार सालाना सैलेरी मिलती थी। उसी दौरान परिवार में किसी की शादी के लिए उन्होंने 10 हजार लोन लिया। लेकिन 2000 यानी रिटायरमेंट के 8 साल बाद अचानक उनके पिता के खाते में पैसों का ट्रांजेक्शन शुरू हो गया। उन्हें ओडिशा की एक माइनिंग कंपनी का कंसल्टेंट बताकर उनके खाते में धीरे-धीरे करोड़ों का लेन-देन किया गया।

अभी भी उनके पिता के खाते में 1 लाख रुपए महीना सैलरी आती है। उसी कंपनी में उनकी माता को लाइजनिंग अफसर बताया गया है। उनके खाते में भी करीब एक लाख सैलरी आती है। अफसरों की टीम कंपनी का पता लगाते हुए ओडिशा बड़बील पहुंची। वह शैल कंपनी थी। कहीं फील्ड में कंपनी का वजूद नहीं मिला। वहीं बड़बील में एक पुरानी बिल्डिंग के चौथे फ्लोर पर एक कमरे का ऑफिस मिला। वही उस शैल कंपनी का हेड ऑफिस था। इतने खस्ताहाल ऑफिस से करोड़ों का ट्रांजेक्शन दिखाया गया। एसीबी को निलंबित एडीजी के परिवार के सदस्याें और माता-पिता के नाम पर जो म्युचुअल फंड और इंश्याेरेंस पॉलिसी के दस्तावेज मिले हैं, उन सभी में जीपी ही नॉमिनी हैं।