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स्टेट जीएसटी की टीम की कार्रवाई:फर्जी फर्म बनाकर सात करोड़ की जीएसटी चोरी, दो गिरफ्तार

रायपुर2 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो

राजधानी में एक बार फिर से सात करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी गई है। इस मामले में राजधानी के दो कारोबारी रोहन तन्ना और अभिषेक पाण्डेय को गिरफ्तार किया है। अभी कुछ दिन पहले ही 14 करोड़ की जीएसटी चोरी में एक कारोबारी को गिरफ्तार किया गया था। केंद्र और राज्य सरकार की टीम लगातार ऐसे फर्मों में नजर रख रही है जो फर्जी फर्म और बोगस बिल से जीएसटी की चोरी कर रही है।

स्टेट जीएसटी की टीम ने फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े ऐसे ही एक रैकेट का खुलासा कर इन दोनों को कोर्ट में पेश किया जहां उन्हें 2 अगस्त तक के लिए जेल भेज दिया गया है। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक इन मामलों में 14 लोगों को गिरफ्तार और 150 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी जा चुकी है।

जीएसटी इंटेलीजेंस रायपुर जोन के एडिशनल डायरेक्टर जनरल अजय कुमार पाण्डेय, एडिशनल डायरेक्टर नेम सिंह और डिप्टी डायरेक्टर टिकेंद्र कुमार कृपाल की टीम ने लगातार सात महीने तक 8 से ज्यादा फर्जी फर्मों में नजर रखी। दस्तावेजों को खंगलाने और ऑनलाइन रिटर्न की जांच के बाद पता चला कि फर्जी फर्म बनाकर करीब 7 करोड़ की जीएसटी चोरी की गई है। इन्हीं फर्जी फर्मों से फर्जी बिल जारी कर दूसरी कंपनियों को फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दिलवा गया। इन सबूतों को इकट्ठा करने कई जगहों पर छापे भी मारे गए।

इसके बाद ही पता चला कि रायपुर में विपिन तन्ना की फर्म मेसर्स जेआर ट्रेडर्स के एक ऑफिस से कई फर्मों का संचालन किया जा रहा था। इन सभी फर्मों के प्रोप्राइटर डमी थे। असलियत में इन सभी कंपनियों को रोहन तन्ना और अभिषेक पांडे ही चला रहे थे। इन फर्मों से माल बिक्री तो दिखाई गई, लेकिन कभी कोई खरीदी नहीं की गई। टैक्स चोरी का खुलासा होने के बाद दोनों को दफ्तर बुलाया गया था, लेकिन वे हाजिर नहीं हुए। बाद में उनके फरार होने की सूचना मिली। लेकिन अब इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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