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कई निजी स्कूलों में पढ़ाई ऑनलाइन:अर्द्धवार्षिक परीक्षा भी इसी पैटर्न से संभव; स्कूल खुले पर अभिभावक बच्चों को भेजने राजी नहीं, सरकारी में 50% से कम उपस्थिति

रायपुर9 महीने पहले
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सरकारी आदेश के अनुसार ऑफलाइन पढ़ाई के लिए राज्य में सारे स्कूल खुल चुके हैं। - Dainik Bhaskar
सरकारी आदेश के अनुसार ऑफलाइन पढ़ाई के लिए राज्य में सारे स्कूल खुल चुके हैं।

सरकार ने 2 अगस्त से भले ही स्कूलों को खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं, लेकिन कोरोना का डर अब भी पैरेंट्स के मन से हटा नहीं है। यही वजह है कि सरकारी स्कूल खुल गए लेकिन आधे से भी कम बच्चे पहुंच रहे हैं। निजी स्कूलों में तो अधिकांश पैरेंट्स ने सहमति ही नहीं दी है, इसलिए राजधानी में एक भी प्रमुख निजी स्कूल नहीं खुला है और सभी जगह ऑनलाइन पढ़ाई तथा आने वाले एग्जाम भी ऑनलाइन करने की सूचना बच्चों को मिल गई है।

भास्कर की पड़ताल के मुताबिक राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 1 लाख छात्रों में से 50 हजार से कम बच्चे पिछले दो दिन से स्कूल जा रहे हैं। सीबीएसई से जुड़े अधिकांश निजी स्कूलों में पढ़ाई ऑनलाइन ही है। इन स्कूलों के 70 हजार बच्चे डेढ़ साल से स्कूल ही नहीं गए हैं। स्कूल बच्चों को बुलाना चाहते हैं, लेकिन पैरेंट्स की अनुमति की अनिवार्यता से यह मामला फंस गया है।

ऐसे में शिक्षा विभाग से लेकर निजी स्कूलों के प्रबंधन भी अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं कि उनके स्कूल कब खुल पाएंगे। सरकारी आदेश के अनुसार ऑफलाइन पढ़ाई के लिए राज्य में सारे स्कूल खुल चुके हैं। स्कूल खुलने संबंधी आदेश के बाद यह संभावना बनी थी कि पहले की तरह ही सभी स्कूलों में कक्षाएं लगेंगी और अब ऑनलाइन पढ़ाई का सिलसिला बंद हो जाएगा। लेकिन कोरोना का डर पैरेंट्स के बीच अब भी बना हुआ है। इसलिए निजी स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू नहीं हो पायी है।

निजी स्कूलों का कहना है कि कक्षाएं शुरू करने के लिए पैरेंट्स से सहमति जरूरी है। लेकिन पालक बच्चे को स्कूल भेजना ही नहीं चाहते तो ऑफलाइन पढ़ाई कैसे होगी? यही नहीं, स्कूल खोलने के सरकारी आदेश में कई शर्तें हैं, जिन्हें पूरा कर पाना अभी मुश्किल है। इसलिए आने वाले एक-डेढ़ माह तक तो निजी स्कूलों में ऑपलाइन पढ़ाई की संभावना नहीं है।

सरकारी स्कूलों में ऑफलाइन परीक्षा
सीबीएसई से जुड़े निजी स्कूलों में हाफ ईयरली एग्जाम इसी महीने से होंगे। अधिकांश स्कूलों में क्लासेस की तरह ही एग्जाम भी ऑनलाइन होंगे। इसके लिए निजी स्कूलों ने सूचना जारी कर दी है। हालांकि, कुछ प्रमुख निजी स्कूलों में ऑफलाइन एग्जाम होंगे। निजी स्कूलों के प्रबंधन से जुड़े लोगों ने भास्कर को बताया कि पैरेंट्स बच्चों को स्कूल ही नहीं भेजना चाहते, तो फिर वे ऑफलाइन एग्जाम के लिए क्यों भेजेंगे? दूसरा, अगर क्लास ऑनलाइन चल रही है तो एग्जाम भी ऑनलाइन ही लेने होंगे। हालांकि इसके विपरीत, सरकारी स्कूलों में तिमाही की परीक्षा भी सितंबर में होनी है और ज्यादातर सरकारी स्कूलों ने इसे ऑफलाइन ही लेने की तैयारी शुरू कर दी है।

स्कूल खोलने के लिए ये शर्तें

  • शहरी क्षेत्र से संबंधित वार्ड पार्षद एवं स्कूल की पालक समिति की अनुशंसा जरूरी।
  • ग्रामीण स्कूलों के लिए ग्राम पंचायत एवं स्कूल की पालक समिति की अनुशंसा जरूरी।
  • उन जिलों में स्कूल खुलेंगे, जहां कोरोना संक्रमण दर 7 दिनों में 1 प्रतिशत से कम हो।
  • प्रतिदिन आधी संख्या में विद्यार्थी बुलाए जाने हैं और और बाकी आधे इसके अगले दिन।
  • किसी भी विद्यार्थी को यदि सर्दी, खांसी, बुखार है तो उसे कक्षा में नहीं बैठाया जाना है।

स्कूलों की राय

पैरेंट्स से चर्चा करेंगे
ज्ञानगंगा एजुकेशनल एकेडमी की प्रिंसिपल प्रतिमा राजगौर का कहना है कि छठवीं, सातवीं, नवमी और ग्यारहवीं की कक्षाएं ऑफलाइन शुरू करने के शासन के निर्देश मिले हैं। लेकिन स्कूल तभी खोले जा सकेंगे, जब पैरेंट्स इसकी सहमति देंगे।

परीक्षा ऑफलाइन लेंगे
डीपीएस के प्रिंसिपल रघुनाथ मुखर्जी का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाएं चल रही है। ऑफलाइन के लिए पैरेंट्स से सहमति मांगी पर 80 प्रतिशत ने मना कर दिया। फिर भी हाफ इयरली एग्जाम सितंबर में ही ऑफलाइन लेने की तैयारी कर रहे हैं।

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