म्युकरमाइकोसिस से रहें सतर्क:ब्लैक फंगस को लेकर हेल्थ विभाग का अलर्ट- लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच

रायपुर5 महीने पहले
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प्रदेश में ब्लैक फंगस के 76 से अधिक मामले सामने आने के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने इस बीमारी को लेकर आम लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि ब्लैक फंगस के लक्षण नजर आते ही जांच जरूरी है। प्रदेश के सभी जिलों में इसकी जांच का बंदोबस्त है। किसी भी जिला अस्पताल में जाकर ब्लैक फंगस की जांच करवाई जा सकती है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलों को कहा गया है कि वो ब्लैक फंगस के मामलों की रिपोर्टिंग कोरोना की तरह कमांड सेंटर को हर दिन करें। दरअसल, ब्लैक फंगस म्युकरमाइकोसिस का इलाज अभी सभी मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है। अंबेडकर अस्पताल के क्रिटिकल केयर इंचार्ज डॉ. ओपी सुंदरानी ने बताया कि कोरोना के पोस्ट कोविड मामलों में दूसरी लहर में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसलिए मरीजों को हम कह कर रहे हैं कि वो निगेटिव आने के बाद भी असहज लगने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।

ब्लैक फंगस की बीमारी व्यक्तिगत साफ सफाई, मुंह की सफाई नहीं रखने वाले लोगों को हो सकती है। इसके अलावा ऐसे लोग जिनका अंग प्रत्यारोपण हुआ हो और उन्हें इम्यूनोसप्रेसेंट दवाईयां दी गई हों ,उनमें भी ब्लैक फंगस होने की संभावना अधिक होती है। ब्लैक फंगस (म्युकरमाइकोसिस) एक फंगल संक्रमण है।

यह उन लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है जो दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित है और दवाईयां ले रहे हैं। इससे उनकी प्रतिरोधात्मक क्षमता प्रभावित होती है। यदि व्यक्ति के शरीर में यह फंगस सूक्ष्म रूप में शरीर के अन्दर चला जाता है तो उसके साइनस या फेफड़े प्रभावित होंगे जिससे गम्भीर बीमारी हो सकती है। यदि इस बीमारी का इलाज समय पर नहीं किया गया तो यह घातक हो सकती है।

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