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छग में स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता का निधन:पिछले साल कोरोना को मात, इस नहीं हरा पाए; शहीद का दर्जा देने की मांग उठी

रायपुर8 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. सुभाष पाण्डेय के निधन से विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों में दु:ख का माहौल है। - Dainik Bhaskar
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. सुभाष पाण्डेय के निधन से विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों में दु:ख का माहौल है।

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता और रायपुर में संयुक्त संचालक डॉक्टर सुभाष पाण्डेय का कोरोना से निधन हो गया। शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं शुरू करने वाले डॉक्टर पाण्डेय, 2020 में भी कोरोना से संक्रमित हुये थे। उस समय उन्होंने महामारी को मात देकर वापसी की। दुर्भाग्य से इस बार ऐसा नहीं हो पाया और वायरस से लड़ते हुए उनका निधन हो गया। अब राजनीतिक-सामाजिक हलकों में उन्हें शहीद का दर्जा देने की मांग उठ रही है।

बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान शुक्रवार को ही उन्हें बुखार महसूस हुआ था। उसके बाद जांच हुई। शनिवार और रविवार को होम आइसोलेशन में उनका इलाज चला। दिक्कत बढ़ने पर सोमवार को उन्हें रायपुर AIIMS में भर्ती कराया गया। स्थिति नहीं सुधरी तो मंगलवार देर रात उन्हें ICU में ले जाया गया। AIIMS के डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनको बचाया नहीं जा सका। पिछले वर्ष जुलाई में भी वे कोरोना संक्रमण की चपेट में आये थे। 10 दिन इलाज के बाद वे स्वस्थ हो गये और काम पर वापस लौट आये थे।

अक्टूबर 2020 में उन्हें स्वास्थ्य विभाग का प्रवक्ता बनाया गया था। कोरोना संक्रमण, ठीक होने वालों की संख्या और कोरोना से हो रही मौतों से जुड़े सरकारी आंकड़ों को मीडिया को देने की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी। अधिकारियों ने बताया, डॉक्टर पाण्डेय इसी वर्ष सेवा से रिटायर होने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी, बेटी सहित कई डॉक्टर हैं।

लंबे समय तक राज्य टीकाकरण अधिकारी थे

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जयनारायण पाण्डेय के पुत्र डॉक्टर सुभाष पाण्डेय करीब 15 वर्षों तक राज्य के टीकाकरण अधिकारी रहे थे। बाद में उन्हें दुर्ग का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बनाकर भेजा गया। वहां से उन्हें रायपुर में स्वास्थ्य विभाग का संभागीय संयुक्त संचालक बनाया गया। प्रदेश में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। डॉ. सुभाष पाण्डेय उन अधिकारियों में से थे जिन्होंने पहले दिन ही यह टीका लगवाया था।

होम आइसोलेशन का ट्रायल इन्हीं की देखरेख में हुआ

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया, पिछले वर्ष रायपुर में होम आइसोलेशन व्यवस्था का जो ट्रायल हुआ था उसकी निगरानी करने वाले छह डॉक्टरों में डॉ. पाण्डेय भी एक थे। वे राज्य स्तरीय डेथ ऑडिट कमेटी के अध्यक्ष भी थे। यह कमेटी कोरोना से हो रही मौतों की परिस्थितियों और इलाज का विश्लेषण कर रोकथाम के नये उपाय सुझाती है।

कांग्रेस नेता ने उठाई शहीद का दर्जा देने की मांग

कांग्रेस के प्रदेश सचिव और प्रवक्ता विकास तिवारी ने डॉ. सुभाष पाण्डेय को शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई है। विकास ने कहा, "डॉ. सुभाष पांडेय बेहद मिलनसार और सहयोगी भाव के व्यक्ति थे। अपने कर्तव्यपरायणता के चलते उनकी मृत्यु हुई है।मै मुख्यमंत्री जी से स्वर्गीय डॉ. सुभाष पांडे जी को "शहीद"दर्जा देने हेतु निवेदन करता हूं।" कांग्रेस चिकित्सा विभाग के प्रमुख और छत्तीसगढ़ हास्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने भी डॉ. पाण्डेय को श्रद्धांजलि दी है।

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