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भास्कर एक्सक्लूसिव:स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि दो कंपनियां टीके नहीं दे पा रहीं, केंद्र सरकार अन्य कंपनियों को मंजूरी दे

रायपुरएक महीने पहले
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  • सिंहदेव ये भी कहा कि आंध्रप्रदेश से पहले छत्तीसगढ़ में मिल चुका एन-440 स्ट्रेन, आते रहेंगे ऐसे बदलाव

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि देश में वैक्सीन बनाने वाली दोनों कंपनियां फिलहाल छत्तीसगढ़ की 18 प्लस वैक्सीनेशन की जरूरत पूरी नहीं कर पा रही हैं। केंद्र सरकार को चाहिए कि दूसरी कंपनियों के टीकों को भी मंजूरी दे, ताकि उसे भी मंगवाया जा सके। क्योंकि प्रदेश में ही 18 प्लस श्रएमी में 1.30 करोड़ से ज्यादा लोगों को टीके लगने हैं, और यह तभी मुमकिन है कि जबकि टीकों की सप्लाई नियमित और पर्याप्त संख्या में होती रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र मंजूरी दे और टीके का रेट अच्छा हो तो छत्तीसगढ़ अन्य कंपनियों से भी वैक्सीन खरीद सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन को बढ़ाना कोरोना को काबू करने के लिए एक जरूरी तरीका माना जा रहा है। हम भी यही चाह रहे हैं कि अधिक से अधिक संख्या में लोगों का टीकाकरण किया जाए। हम शुरूआत से ही सभी के लिए टीको की मांग करते आ रहे हैं हमने पहले भी कहा कि हर नागरिक को टीका लगाने का केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन युवाओं के टीको की बारी में वो अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटा है। अब तक प्रदेश में 57.60 लाख से अधिक लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में हर दिन 2 से 4 लाख टीके लगाने की क्षमता भी है, अगर पर्याप्त संख्या में टीका मिले तो प्रदेश में टारगेट को बहुत जल्दी अचीव कर लिया जाएगा।

तीसरी लहर के लिए तैयारियां हर स्तर पर
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि आंध्र प्रदेश में मिला एन -440 वैरिएंट छत्तीसगढ़ में पहले भी मिल चुका है। वायरस के स्वरूप में बदलाव आगे भी आता रहेगा। सबसे अहम बात ये है कि हम कोरोना के प्रति अपनी रोजाना की जिंदगी में कितनी सतर्कता खुद से बरतते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को कोरोना से बचाव के लिए अपनाने वाली आदतों को अब कड़ाई से अपना हिस्सा बनाना होगा। मास्क, दूरी, हाथों की सफाई, वक्त पर जांच और इलाज जैसी आदतों पर लंबे वक्त तक बने रहना होगा। वैक्सीन की बारी आने पर वैक्सीन लगाने के लिए भी आगे आना होगा।

बस्तर, बिलासपुर में केस का बढ़ना चिंताजनक
दुर्ग और रायपुर संभाग के बाद अब कोरोना के केस सरगुजा, बस्तर और बिलासपुर संभाग में बढ़ते नजर आ रहे हैं। यहां कोरोना को नियंत्रित करने के लिए फोकस बढ़ा दिया गया है। खासतौर पर टेस्टिंग ट्रेसिंग समय पर जांच और इलाज के जरिए कोरोना के मामलों को नियंत्रित करने के साथ यहां इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। ताकि किसी भी आपात स्थिति पर जल्द ही काबू पाया जा सके। इस बार कोरोना का असर गांव और शहर दोनों ही जगह समान रूप से दिखाई दे रहा है। इसलिए हर स्तर पर बारीकी से हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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