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  • His Gang Is Expert In Such Theft, The Gang Of Jharkhand's History Sheeter Lodged In Maharashtra Jail Is Suspected Of Stealing Jewelery In Raipur.

साहिबगंज के हिस्ट्रीशीटर का रिकार्ड मिला:उसी का गैंग ऐसी चोरी में है माहिर, महाराष्ट्र जेल में बंद झारखंड के हिस्ट्रीशीटर के गिरोह पर रायपुर में जेवर चोरी का शक

रायपुर15 दिन पहले
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गुढ़ियारी नवकार ज्वेलर्स में सवा करोड़ की सेंधमारी झारखंड के हिस्ट्रीशीटर के गैंग ने की है। हिस्ट्रीशीटर अभी महाराष्ट्र की जेल में बंद है। पुलिस को क्लू मिला है कि जेल में रहकर उसने पूरी वारदात की प्लानिंग की और अपने गुर्गों से चोरी करवायी। वह महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश में इसी पैटर्न पर सराफा दुकान में सेंधमारी कर चुका है। महाराष्ट्र में वारदात के बाद वह पकड़ा गया। अभी वह जेल में रहकर अपना गैंग ऑपरेट कर रहा है।

पुलिस ने अब तक चोरी में शामिल जितने भी गिरोहबाजों की पहचान की है, सभी साहिबगंज के हिस्ट्रीशीटर हसन चिकना के गुर्गे बताए जा रहे हैं। वह मूलत: मिदनापुर बंगाल का रहने वाला है। बंगाल और झारखंड बार्डर पर उसने अपना ठिकाना बनाया है। वारदात के बाद वह एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंच जाता है। इस तरह वह पुलिस को आसानी से चकमा देकर बच निकलता है। पुलिस ने हसन चिकना का पूरा रिकार्ड खंगालने के साथ ही उसके एक-एक गुर्गे की पहचान कर ली है। गुढ़ियारी की सराफा दुकान में चोरी करने वाले जितने भी चोरों की पहचान हुई है, सभी उसके करीबी या उसी के लिए काम करने वाले हैं। इसी वजह से पुलिस को शक है कि जेल में रहते हुए उसने चोरी की प्लानिंग की और गुर्गों को रायपुर भेजा। पुलिस ये पता लगा रही है कि चिकना कितनी बार रायपुर आया या उसने यहां कोई वारदात की है या नहीं?

ओडिशा और बिहार में छिपे होने का शक
पुलिस अफसरों के अनुसार चोर गिरोह अलग-अलग बंटकर छिपते फिर रहे हैं। क्लू मिला है कि कुछ बदमाश बिहार और कुछ ओडिशा में छिपे हैं। उन्हें ये पता चल चुका है कि पुलिस ने उनके बारे में पूरी जानकारी जुटा ली है। यही वजह है कि बदमाश अपने घर भी नहीं जा रहे हैं। पुलिस ने बदमाशों के ठिकानों के आस-पास भी पहरा बिठा दिया है। उनके करीबियों और मिलने-जुलने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। चोरों ने स्टेशन रोड स्थित एक होटल में आधार कार्ड देकर कमरा बुक कराया था। होटल से उन सभी के आधार कार्ड मिल गए। इसी वजह से पुलिस उनके पते को लेकर बिलकुल आश्वस्त है।

ओडिशा के बाद बिहार में पकड़ा गया संदिग्ध
पुलिस ने ओडिशा के बाद बिहार में संदिग्ध को पकड़ा है। हालांकि उनके नाम उजागर नहीं किए जा रहे हैं, लेकिन ऐसा पता चला है कि दोनों संदिग्ध चिकना गैंग के सदस्य रह चुके हैं। हाईटेक जांच में उनका क्लू मिला है। उसी के बाद दोनों को पकड़ा गया। पुलिस की एक टीम गुढ़ियारी में वारदात वाली रात सराफा दुकान के आस-पास के टॉवर में जितने भी मोबाइल थे, उन सभी का मौजूदा लोकेशन चेक करवा रही है। इसी जांच के दौरान ओडिशा और बिहार में संदिग्धों का क्लू मिला है। पुलिस हालांकि हाईटेक जांच को लेकर पूरी तरह से गोपनीयता बरत रही है। गौरतलब है कि गुढ़ियारी स्थित नवकार ज्वेलर्स में सेंधमारी के बाद बदमाश एसयूवी में फरार हुए हैं। पुलिस को ओडिशा में एसयूपी का फुटेज मिला है। ओडिशा के बाद एसयूवी किसी भी टोल प्लाजा से नहीं गुजरी। पुलिस का अनुमान है कि चोरों ने एसयूवी को ओडिशा में ही कहीं छिपा दिया है और वे खुद अलग-अलग साधनों से भागकर छिपे हैं। पुलिस की आधा दर्जन टीम अलग-अलग राज्यों में डेरा डालकर बैठी है।

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