हिंसा के 11 दिन बाद कवर्धा गए गृह मंत्री:ताम्रध्वज बोले- भाजपा के नेता आग भड़काने के लिए वहां गए, उनके पास मुद्दा नहीं

रायपुर10 महीने पहले
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कवर्धा में हिंसक झड़प के लगभग 11 दिनों के बाद प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और कवर्धा से विधायक मंत्री मोहम्मद अकबर रायपुर से रवाना हुए। गुरुवार सुबह रायपुर हैलीपैड से सरकारी हैलीकॉप्टर में मंत्रियों की जोड़ी कवर्धा के लिए निकली। मीडिया से बात करते हुए गृहमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी को लेकर अहम बयान दिया। पत्रकारों ने मंत्री से कहा कि भाजपा की तरफ से आरोप लगाया जा रहा है कि प्रदेश सरकार ने कुछ पक्षों को संरक्षण दिया, जिसकी वजह से विवाद बढ़ा?

जवाब देते हुए साहू ने कहा कि भाजपा नेताओं के पास कोई काम बचा नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जो काम किए हैं, उनकी वजह से प्रदेश की आम जनता को राहत पहुंची है। सरकार का विरोध करने के लिए कोई मुद्दा अब भाजपा के पास नहीं है, इसलिए इस तरह की सांप्रदायिकता की बात वह करते हैं। कवर्धा जाने में देरी के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि देरी जैसी कोई बात नहीं है, भाजपा के नेता तो वहां आग भड़काने के लिए गए थे और आग भड़काने का काम उन्होंने किया। हम यहां से मॉनिटरिंग कर रहे थे। हर दिन दो से तीन बार जिला प्रशासन और पुलिस अफसरों से हमारी बातचीत हो रही थी। पूरे घटनाक्रम पर हमारी निगरानी थी सिर्फ जाने से ही व्यवस्था हो, ऐसी बात नहीं है। बिना जाए भी व्यवस्था बनाई जा सकती है।

कवर्धा में बैठक के दौरान मंत्री और अफसर।
कवर्धा में बैठक के दौरान मंत्री और अफसर।

समाज प्रमुखों से मुलाकात
कवर्धा जाकर भी गृहमंत्री और मोहम्मद अकबर ने जिला प्रशासन के अफसरों से मुलाकात की। वहां के कुछ समाज प्रमुखों से भी मुलाकात की। इस दौरान शांति व्यवस्था कायम करने को लेकर चर्चा हुई। कवर्धा में कर्फ्यू जारी है। इसमें ढील देने को लेकर रणनीति सरकार बना रही है। गुरुवार दोपहर कवर्धा से लौटने के बाद गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने साफ किया कि कवर्धा में स्थिति सामान्य है। लोग प्रशासन का पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और ईद तक कर्फ्यू को बढ़ाने का सुझाव मिला है। हम इस पर विचार करेंगे। मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि वहां पुलिस वीडियो फुटेज के माध्यम से हिंसक घटना को अंजाम देने वालों की पहचान कर रही है, उनकी गिरफ्तारियां भी हो रही हैं।

यह हुआ था कवर्धा में
पूरा विवाद 3 अक्टूबर को वार्ड नंबर 27 के लोहारा नाका चौक इलाके में झंडा लगाने को लेकर शुरू हुआ था। रविवार दोपहर कुछ युवकों ने अपना झंडा चौराहे पर लगा दिया। इसी बात को लेकर दो गुटों के युवक सड़क पर लाठी-डंडे लेकर उतर आए। एक दूसरे को पीटा। पत्थरबाजी हुई। पुलिस की आंखों के सामने एक युवक को भीड़ पीटती रही। मारपीट में 8 लोग घायल हुए थे। इसके बाद सोमवार को शांति समिति की बैठक भी बुलाई गई थी। 5 अक्टूबर को जिले में कुछ संगठनों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंसक घटनाएं हुई। गाड़ियों में तोड़-फोड़ भी की गई।