कोरोना में ये कैसी राजनीति:छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने केंद्र से मिले वेंटिलेटर को खराब बताया, अब राज्यपाल से जांच की मांग करने पहुंच गई भाजपा

रायपुर8 महीने पहले
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पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अगुवाई में राजभवन पहुंचे भाजपा नेताओं ने राज्यपाल अनुसूईया उइके को ज्ञापन सौंपा। - Dainik Bhaskar
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अगुवाई में राजभवन पहुंचे भाजपा नेताओं ने राज्यपाल अनुसूईया उइके को ज्ञापन सौंपा।

कोरोना संक्रमण के साथ छत्तीसगढ़ में राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा ने सरकार पर कोरोना प्रबंधन में लापरवाही और दवाओं के कालाबाजारी का आरोप लगाया। आरोप यह भी लगा कि प्रदेश सरकार केंद्र की ओर से भेजे गये वेंटिलेटर का उपयोग नहीं कर रही है। जवाब में कांग्रेस की ओर से कहा गया कि केंद्र सरकार की ओर से मिले वेंटिलेटर में से अधिकतर खराब थे। इन आरोपों से भड़के भाजपा नेता आज राज्यपाल के पास वेंटिलेटर के जांच की मांग करने पहुंच गये।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अगुवाई में राजभवन पहुंचे भाजपा नेताओं ने राज्यपाल अनुसूईया उइके से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा नेताओं ने एक ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था, केंद्र सरकार से जो वेंटिलेटर मिले थे उनका उपयोग क्यों नहीं किया गया। वह किन परिस्थितियों में खराब हो गया। वह वेंटिलेटर खराब मिला था या छत्तीसगढ़ में आने के बाद खराब हुआ इसकी पूरी जांच कराई जाए। भाजपा नेताओं ने कहा, प्रदेश में कितने वेंटीलेटर और ऑक्सीजन वाले बेड की व्यवस्था हुई है, यह सार्वजनिक किया जाये। भाजपा नेताओं ने कोरोना के इलाज में बजट की पर्याप्त व्यवस्था और सेस की राशि से 400 करोड़ रुपये भी जारी कराने की मांग की। राजभवन गये प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, रायपुर सांसद सुनील सोनी, विधायक बृजमोहन अग्रवाल और अजय चंद्राकर शामिल थे।

राज्यपाल से कहा, आप केंद्र सरकार से टीका और दवाओं का आग्रह करें

भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से कहा, वे केंद्र सरकार से आग्रह करें कि टीके और जीवन रक्षक उपकरणों की आपूर्ति छत्तीसगढ़ में की जाए। रेमडेसिविर और दूसरी जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति रेडक्रास से कराने का प्रस्ताव रखा। राज्य सरकार की ओर से मूल्य पर छूट दिलाने और दवाओं की कालाबाजारी रोकने के लिये कार्रवाई की मांग भी की गई।

डॉक्टरों की भर्ती-गरीबों को राशन

भाजपा नेताओं ने स्वास्थ्य विभाग के सभी रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करने और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी पूरी करने संविदा भर्ती की मांग की। उनका कहना था, लॉकडाउन के दौरान BPL परिवारों को राशन दिया जाए। वहीं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सरकार की ओर से काम उपलब्ध कराया जाए। आयुष्मान भारत कार्ड से पूरा इलाज हो। गरीबों के लिए बेड आरक्षित करने की भी मांग हुई।

असम से आये कांग्रेस-बीपीएफ प्रत्याशियों की जांच नहीं कराने का आरोप

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बाहर से आये लोगों की कोरोना जांच नहीं कराई जा रही है। पिछले दिनों असम से कांग्रेस और गठबंधन के लोगों को गोपनीय स्थानों पर रखा गया है।

भाजपा सांसद ने उठाया था वेंटिलेटर का सवाल, सिंहदेव ने दिया जवाब

सबसे पहले रायपुर सांसद सुनील सोनी ने केंद्र सरकार से पीएम केयर फंड से मिले वेंटिलेटर के उपयोग में नहीं आने का मुद्दा उठाया था। जवाब में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, केंद्र सरकार से प्राप्त वेंटिलेटरों में से 70 वेंटिलेटर खराब स्थिति में थे। उनमें से 66 की मरम्मत करवाकर उपयोग में लिया जा रहा है। केवल 4 वेंटिलेटर ही मरम्मत के लिए शेष हैं। राज्य सरकार, भेल, स्टेट बैंक और यूनिसेफ जैसी संस्थानों से मिले करीब 514 वेंटीलेटर का उपयोग किया जा रहा है। सिंहदेव ने पूछा था कि अगर सांसद के पास इसके अलावा भी कोई जानकारी हो जो विभाग के पास नहीं है तो जरूर बताएं।

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