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भास्कर एक्सक्लूसिव:घर से बारहवीं के पेपर देने का मौका मिला तो 2 नंबर के प्रश्न के जवाब भी दो-दो सौ शब्दों में

रायपुर22 दिन पहलेलेखक: सुधीर उपाध्याय
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छात्रों ने जवाब काफी लंबे-लंबे लिखे। - Dainik Bhaskar
छात्रों ने जवाब काफी लंबे-लंबे लिखे।

कोरोना काल में बारहवीं सीजी बोर्ड की परीक्षा ऑनलाइन मोड में हुई, तो बहुत सारे छात्रों ने ऐसी-ऐसी जगह प्रतिभा दिखाई, जिसकी उतनी जरूरत नहीं थी। अभी कापियां लगभग जंच गई हैं और नतीजे तैयार हो रहे हैं, इसी बीच आंसरशीट को लेकर कई दिलचस्प बातें सामने आ रही हैं। जैसे, घर से परीक्षा देने की वजह से छात्रों ने 2 नंबर के प्रश्न के जवाब भी दो-दो सौ शब्दों में दिए हैं, जिन्हें पहले 20-30 शब्दों में समेट दिया करते थे। कई जवाब तो इतने लंबे-लंबे थे कि आंसरशीट जांचनेवाले भी हैरान रह गए।

बारहवीं सीजी की परीक्षा में छात्रों ने घर से पर्चा बनाया, इसलिए भास्कर ने मूल्यांकनकर्ताओं से ट्रेंड के बारे में बातचीत की। उन्होंने बताया कि एक काॅमन ट्रेंड यही था कि छात्रों ने जवाब काफी लंबे-लंबे लिखे। जैसे-2 अंक के सवाल के लिए अधिकतम 25 से 30 शब्द लिखने चाहिए। लेकिन मौका भरपूर मिला और कोई चूक न रह जाए, इसलिए ऐसे प्रश्नों के जवाब भी छात्रों ने 150 से 200 शब्दों में लिखे हैं, यानी जमकर पेज भरे गए हैं। इंग्लिश विषय की लेटर राइटिंग में पूछे गए सवाल के जवाब भी इस बार अधिकांश छात्रों ने दिए।

आमतौर पर बारहवीं इंग्लिश में जो भी लेटर पूछे जाते हैं, आमतौर से छात्र इसे बमुश्किल एक पेज में लिखते हैं, लेकिन इस बार लेटर भी चार-चार पेज में लिखे गए हैं। मूल्यांकनकर्ताओं ने यह भी बताया कि कई छात्रों ने आंसर ऐसे लिखे हैं, जिनमें कई कापियों में एक शब्द का फर्क नहीं है। यही नहीं, अधिकांश परीक्षार्थियों की राइटिंग भी अच्छी रही, कापियां सजाकर लिखी गईं और सवालों के जवाब भी क्लीयर रहे।

ऑब्जेक्टिव कई छात्रों ने छोड़े
बारहवीं के विभिन्न विषयों में पिछले वर्षों के मूल्यांकन में यह देखा गया है कि परीक्षार्थी ऑब्जेक्टिव में पूछे गए 50 प्रतिशत सवालों के जवाब देते हैं। इस बार छात्रों ने घर से परीक्षा दी, इसके बावजूद लगभग उतने ही ऑब्जेक्टिव सवाल छ‌ोड़े गए हैं। इससे मूल्यांकनकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे कि ऑब्जेक्टिव की बजाए छात्रों ने बड़े सवालों के जवाब पर ज्यादा ध्यान दिया।

अधिक नंबर की उम्मीद में
शिक्षाविद डॉ.जवाहर सूरी शेट्टी के अनुसार किसी भी प्रश्नपत्र में सवाल के आगे लिखा जाना चाहिए कि कितने शब्दों में जवाब लिखे। ऐसा नहीं होने की वजह से छात्र अधिक नंबर पाने के लिए ज्यादा लिखते हैं। स्कूलों में यह मानसिकता सिखाई जाती है कि ज्यादा और अच्छा लिखो तो अधिक नंबर मिलते हैं। कम लिखने पर नंबर कम मिलते हैं। बारहवीं की परीक्षा इस बार छात्रों घर से दी इसलिए अधिक नंबर की चाह में ही ऐसा हुआ होगा।

जवाब लिखने के तरीके से अनभिज्ञ
बीकेएस रे, सेवानिवृत्त आईएएस तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल के पूर्व अध्यक्ष का कहना है कि बारहवीं सीजी बोर्ड की परीक्षा त्रुटिपूर्ण है, यह बात अलग है कि विकल्प नहीं था। छोटे प्रश्नों के जवाब में बड़े-बड़े अनावश्यक उत्तर यदि दिया गया, तो यह उचित नहीं है। इससे यह प्रतीत होता है कि परीक्षार्थियों ने ढंग से प्रश्न का अध्ययन नहीं किया है, या उत्तर लिखने की प्रक्रिया से अनभिज्ञ हैं। यह दुखद पहलू है, इसमें सुधार की जरूरत है।

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