पड़ोसी राज्यों से छत्तीसगढ़ में कम है वैट:केंद्र पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करेगा तो राज्य को 490 करोड़ का नुकसान

रायपुर23 दिन पहले
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केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कमी का सीधा असर राज्य को केंद्र से मिलने वाली राशि पर पड़ेगा। एक्साइज ड्यूटी में कमी से राज्यों को मिलने वाली राशि में लगभग 40% की कमी होगी। बता दें कि केंद्र सरकार ने डीजल पर 10 व पेट्रोल पर 5 रुपए एक्साइज डयूटी कम की है। इससे छग में डीजल पर 2.50 व पेट्रोल पर 1.25 रुपए कम वैट लगेगा। इससे सालाना राज्य को लगभग 490 करोड रुपए का नुकसान होगा। जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार ने यदि सेस कम किया हाेता तो राज्यों को यह नुकसान नहीं होता।

सेस कम करने से मूल्य में आएगी कमी
विशेषज्ञों का कहना है कि केन्द्र द्वारा डयूटी/सेस कम करने पर वैट कम हो जाता है। केंद्र सरकार अभी भी 22 रुपए से अधिक डयूटी/ सेस ले रही है। इसे समाप्त करने पर छत्तीसगढ में वैट 5.50 रुपए कम हो जाएगा। इस प्रकार डीजल व पेट्रोल के विक्रय मूल्य में कुल 27.50 रुपए की कमी और की जा सकती है। राज्य द्वारा एक या दो प्रतिशत कर कम करने से लोगों को लाभ नहीं होगा, परंतु केंद्र डयूटी/ सेस को समाप्त करती है तो राहत मिलेगी। जनता को 27.50 रुपए और कल दी गई राहत 12.50 रुपए सहित कुल 40 रुपए की राहत मिल सकती है।

पड़ोसी राज्यों से छत्तीसगढ़ में कम है वैट राज्य में पेट्रोल पर लगने वाले वैट की दर पड़ोसी राज्य ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना से कम है। ओडिशा में वैट की दर 32 प्रतिशत, एमपी में 29 प्रतिशत, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 26 प्रतिशत जबकि छत्तीसगढ़ में वैट 25 प्रतिशत है। बता दें कि फिलहाल राज्य में डीजल पर 25 प्रतिशत व 1 रुपए और पेट्रोल पर 25 प्रतिशत व दो रुपए वैट लगता है। अफसरों का कहना है कि केंद्र सरकार के इस कदम से राज्य को जो राजस्व हानि होगी, उसके कारण राज्य में फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में दिक्कत आ सकती है।

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