कोविड सेंटरों की प्राथमिकता सूची में इंडोर स्टेडियम टॉप पर:दूसरी लहर में 4 दिन में बना था 334 बेड का अस्पताल, इस बार दो दिन में तैयार होगा

रायपुर2 महीने पहले
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इंडोर स्टेडियम। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
इंडोर स्टेडियम। (फाइल फोटो)

ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे के बाद हेल्थ विभाग ही नहीं, बल्कि दूसरी शहरी एजेंसियों ने भी राजधानी में लोगों को राहत और तेजी से इलाज उपलब्ध करवाने के उपाय शुरू कर दिए हैं। इन कोशिशों में स्मार्ट सिटी को बड़ी कामयाबी मिली है। दूसरी लहर के दौरान राजधानी के इंडोर स्टेडियम को स्मार्ट सिटी और नगर निगम ने मिलकर सिर्फ 4 दिन में 336 बेड के कोविड केयर सेंटर में तब्दील कर दिया था और मरीजों की भर्ती भी शुरू हो गई थी।

इस बार ज्यादा संसाधनों के साथ स्मार्ट सिटी ने यही काम 2 दिन यानी सिर्फ 48 घंटे में करने की तैयारी कर ली है। यानी, केवल 2 दिन में इंडोर स्टेडियम को कोविड केयर सेंटर में बदलकर मरीजों की भर्ती भी शुरू कर दी जाएगी। दूसरी लहर के दौरान इंडोर स्टेडियम को बेहद कम समय में 334 मरीजों के लिए बेड से लेकर फिजिकल, मेंटल और दूसरी एक्टिविटी के लिए भी बंदोबस्त बनाते हुए केयर सेंटर में कन्वर्ट किया गया था। अस्पताल शुरू होने के साथ ही कुछ खामियां सामने आईं जिन्हें 24 घंटे के भीतर सुधार लिया गया था।

उस अनुभव और नए साजोसामान के साथ अफसरों ने दावा किया कि उन्होंने ड्रिल करके देख लिया है, अब वे सिर्फ 2 दिन में स्टेडियम को मरीजों के लिए तैयार कर लेंगे। तीसरी लहर की तैयारी में इंडोर स्टेडियम राजधानी के प्रमुख सेंटरों में टाॅप पर रखा गया है। इसी तरह, स्वास्थ्य विभाग ने एम्स रायपुर और अंबेडकर अस्पताल के हजार बिस्तरों के अलावा 878 बिस्तरों के सेटअप को तैयार कर लिया है।

कोरोना की पहली और दूसरी लहर में स्मार्ट सिटी ने शहर में 16 कोविड केयर सेंटर का संचालन किया था। जिनमें 17 सौ से अधिक मरीजों के लिए बिस्तरों का बंदोबस्त बनाया गया था। यही नहीं, पिछली दो लहरों की तरह इस बार भी होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज या नए पॉजिटिव मरीजों की ट्रेकिंग हाईटेक करने के लिए जयस्तंभ चौक के कंट्रोल रूम में सारी सुविधाएं रहेंगी। दरअसल, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के कंट्रोल रूम के जरिए मरीजों के घरों की जीपीएस ट्रेकिंग जैसे एक्टिव सर्विलांस से जुड़े सारे काम यहीं से संचालित किए गए थे।

शहर में 76 सौ बेड की व्यवस्था रेडी
राजधानी में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने कोरोना की तीसरी लहर का जो प्लान बनाया है, उसके तहत शहर में कोरोना इलाज के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र के हॉस्पिटल मिलाकर 76 सौ से अधिक बिस्तरों की व्यवस्था रहेगी। इसमें 53 सौ से ज्यादा आक्सीजन वाले बेड रहेंगे।

सरकारी सेटअप में कोरोना इलाज के लिए इस बार केयर सेंटर को भी अस्पताल के तौर पर तब्दील करने पर फोकस है। केवल गंभीर स्थिति वाले मरीज ही बड़े अस्पतालों में जाएंगे।

बच्चों के वार्ड में मां भी साथ रह सकेंगी
इंडोर स्टेडियम के केयर सेंटर को इस बार कोविड हॉस्पिटल के रूप में विकसित करने के लिए जून की शुरूआत में ही प्लान बनाया गया था। जिसके तहत यहां सिलेंडर के जरिए मरीज के बिस्तर तक आक्सीजन पहुंचाने के लिए व्यवस्था बनाई गई है। यही नहीं, कंसंट्रेटर और दूसरी सुविधाओं की भी तैयारी है। इस बार यहां 400 बिस्तरों की व्यवस्था रहेगी। चूंकि बीच में शहर में मरीजों की संख्या लगातार कम होती रही, लिहाजा आक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर जैसे सामान को तैयारी के तौर पर यहां रख लिया गया है।

अफसरों का कहना है कि मरीजों के बिस्तर, अलग-अलग वार्ड जैसी सुविधाएं केवल 2 दिन के अंदर ही जुटाई जा सकती है। शहर में जिस दर से एक्टिव केस बढ़ेंगे उसके मुताबिक प्लान पर काम शुरु कर दिया जाएगा। इंडोर स्टेडियम में पीडियाट्रिक वार्ड में मां और बच्चे साथ में रह सकें इसके लिहाज से कमरों में व्यवस्था बनाई गई है।

इंडोर स्टेडियम में कोविड मरीजों के लिए इस बार केवल 48 घंटे में ही केयर सेंटर बना लेंगे। इसकी तैयारी कर ली है। प्रशासन से जैसे ही निर्देश मिलेंगे, 48 घंटे में सब तैयारी कर लेंगे।
-चंद्रकांत वर्मा, एडिशनल एमडी-स्मार्ट सिटी

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