कलिंगा यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार पर मारपीट का आरोप:एडमिशन मांगने आए छात्र को कुलसचिव ने मारा तमाचा, प्रबंधन ने कहा- जिसने आरोप लगाया उसे बदमाशी के कारण कॉलेज से निकाला जा चुका है

रायपुर4 महीने पहले
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प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ छात्र नेताओं की बहस भी हुई। - Dainik Bhaskar
प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ छात्र नेताओं की बहस भी हुई।

रायपुर की कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलसचिव पर एक छात्र को पीटने का आरोप लगा है। इस मामले में छात्रों के संगठन ने बवाल कर दिया है। 15 सितंबर को यूनिवर्सिटी कैंपस में एक छात्र को पीटे जाने की बात सामने आई थी। इसे लेकर अब छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार को यूनिवर्सिटी के तेलीबांधा स्थित सिटी ऑफिस का छात्रों ने घेराव कर दिया। लगातार सभी नारेबाजी करते हुए कुलसचिव को हटाने की मांग करते रहे। उधर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने ऐसी घटना से इनकार कर आरोप लगाने वाले छात्र को दोषी बताया है।

करीब 2 घंटे तक छात्र जमे रहे।
करीब 2 घंटे तक छात्र जमे रहे।

छात्र नेता ज्ञान चंद्राकर ने बताया कि कलिंगा यूनिवर्सिटी के अफसर शिक्षा का व्यवसाय मनमाने ढंग से कर रहे हैं। इस यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने गए छात्रों को सिर्फ इसलिए एडमिशन नहीं दिया जा रहा क्याोंकि स्थानीय छात्र छात्र हितों की मांग उठाते हैं। कुलसचिव डॉ संदीप गांधी ने कह दिया था, स्थानीय छात्र राजनीति करते हैं, इसलिए उन्हें एडमिशन नहीं देंगे। 15 सितंबर को कुछ स्थानीय छात्र कैंपस में एडमिशन लेने गए थे। शात तक इंतजार करवाकर जब संदीप गांधी घर लौटने लगे ताे छात्रों ने एडमिशन देने का सवाल किया संदीप छात्रों को भला बुरा कहने लगे और एक छात्र को थप्पड़ जड़ दिया।

छात्र नेताओं और यूनिवर्सिटी का एक-दूसरे पर आरोप
छात्रों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी में एडमिशन की मांग कर रहे छात्रों को यूनिवर्सिटी के अफसर धमका रहे थे। इसे एक छात्र ने रिकॉर्ड करने की कोशिश की तो अफसर मारपीट पर आमादा हो गए। छात्रों के साथ हिंसा की घटना यूनिवर्सिटी के कैमरों में भी कैद हुई मगर बाद में सभी को गायब करवा दिया गया। उधर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कुछ वीडियो जारी किए हैं जिसमें छात्र एडमिशन देने के लिए जबरदस्ती दबाव बना रहे हैं। 17 सितंबर को भी इस मामले पर जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में यूनिवर्सिटी ने स्थानीय स्टूडेंट्स को एडमिशन देने से इंकार कर दिया।

कलेक्टर से कार्रवाई की मांग
छात्र नेता ज्ञान चंद्राकर ने बताया कि हमने अब तहसीलदार को रायपुर कलेक्टर के नाम का ज्ञापन सौंपा है। हमने मांग की है कि अब इस मामले की जांच करवाई जाए । उन्होंने कहा यदि जल्द ही इस मसले पर कोई फैसला नहीं लिया गया तो छात्र उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

जिसने आरोप लगाया उसे रैगिंग के कारण कॉलेज से निकाला जा चुका है

इस मामले में कलिंगा यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डाक्टर संदीप गांधी ने लिखित में स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने कहा कि राहुल चंद्राकर नामक पूर्व छात्र अपने निजी फायदे के लिए और यूनिवर्सिटी पर दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है। राहुल को रैगिंग, मारपीट और अनैतिक आचरण के कारण अनुशासन समिति ने यूनिवर्सिटी से निकाल दिया है। उसने इसी के चलते 16 सितंबर को यूनिवर्सिटी में महिला कर्मचारियों और दूसरे लोगों को धमकी दी थी। इसकी रिपोर्ट पुलिस में की गई है। वह फिर यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए दबाव बना रहा है। छात्र को थप्पड़ मारने जैसी कोई भी घटना नहीं हुई है।

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