सावधान! फेसबुक पर गलत कमेंट से होगी 3 साल कैद:फेमस लॉ एक्सपर्ट MJ सर की क्लास; उकसाने वाला कमेंट करे या फेक ID से धमकाए तो होगी 3 साल की जेल

रायपुरएक महीने पहले
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वर्चुअल क्लास के दौरान एक्सपर्ट। - Dainik Bhaskar
वर्चुअल क्लास के दौरान एक्सपर्ट।

छत्तीसगढ़ स्टूडेंट्स ग्रुप की तरफ से आयोजित वर्चुअल लॉ वेबीनार में एक्सपर्ट मनमोहन जोशी शामिल हुए। सोशल मीडिया पर MJ सर के नाम से मशहूर इंदौर के मनमोहन जोशी ने इस दौरान छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देशभर के स्टूडेंट्स को कानून से जुड़ी कुछ अहम बातें बताई। रायपुर के संतोषी नगर स्थित एक सामुदायिक हॉल में यह वर्चुअल वेबीनार आयोजित किया गया था जिसमें मनमोहन जोशी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जुड़े।

एक्सपर्ट्स ने स्टूडेंट्स के सवालों के जवाब भी दिए।
एक्सपर्ट्स ने स्टूडेंट्स के सवालों के जवाब भी दिए।

उन्होंने सोशल मीडिया के इस्तेमाल के दौरान होने वाले साइबर अपराध के बारे में भी स्टूडेंट से सीधे बात की। उन्होंने बताया कि कैसे फेक आईडी या सिर्फ एक कमेंट की वजह से युवा जेल जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान में ऐसे कई नियम और कानून है जिनकी मदद से सोशल मीडिया पर यदि कोई आपको परेशान करे तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

साइबर बुलिंग पहुंचा देगी जेल

मनमोहन जोशी ने इस वेबीनार के दौरान बताया कि इन दिनों साइबर बुलिंग के मामले काफी देखने को मिल रहे हैं। साइबर बुलिंग का मतलब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी को कमेंट या तस्वीरों के जरिए उकसाने से है। कई बार लोग कमेंट पर एक दूसरे के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं या कई बार अश्लील तस्वीरें शेयर करते हैं ऐसा करने पर आईटी एक्ट और आईपीसी की नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

सेक्शन 67 और 66 ई-
मनमोहन जोशी ने बताया कि अगर कोई आपकी फेसबुक पोस्ट पर आपत्तिजनक उकसाने वाली कमेंट लिखता है या गालियां देता है तो सेक्शन 67 के तहत 5 लाख का जुर्माना और 3 साल की सजा हो सकती है।

कोई यदि आपकी प्राइवेट तस्वीरें वायरल करता है। उसे सोशल मीडिया पर आपकी मर्जी के बगैर पोस्ट करता है तो उसे सेक्शन 66- ई के तहत 3 साल की सजा और 3 लाख का जुर्माना हो सकता है।

फेक आईडी बनाकर अपनी पहचान छुपा कर लोगों को डराना धमकाना, या किसी के नाम से कोई फेक आईडी बनाता है तो उसे 507 सेक्शन आईपीसी के तहत 2 साल की जेल हो सकती है।

मनमोहन जोशी ने बताया कि आलोचना करना, बुलिंग की कैटेगरी में नहीं आती है। यदि कोई रचनात्मक या क्रिएटिव भाषा में आपके किसी काम की कमी बताता है तो यह बुलिंग की कैटेगरी में नहीं आता। लेकिन गालियां देना या धमकाना बुलिंग के अपराध की कैटेगरी में आता है। नियमों के तहत इसके खिलाफ शिकायत की जा सकती है।

LLM स्टूडेंट्स को किया मोटिवेट
पेशे से वकील और लॉ स्टूडेंट्स के मेंटर मनमोजन जोशी ने इस दौरान LLM की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को भी मोटिवेट किया। उन्होंने कहा कि आपकी शिक्षा यदि समाज के सीधे तौर पर काम आ पाए... आप लोगों को देश के संविधान नियमों और उनके अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक कर पाए तो आपकी शिक्षा सफल होती है। उन्होंने कोर्स रिलेटेड कई डाउट भी अपने इस वर्चुअल लेक्चर के दौरान दूर किए। उन्होंने लॉ स्टूडेंट्स से कहा कि फ्री गाइडेंस या टॉपिक रिलेटेड सवालों को उन्हें फेसबुक के पेज http://www.facebook.com/vidhikshiksha पूछकर फ्री गाइडेंस हासिल की जा सकती है।

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