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करोड़ों का सराफा कारोबार प्रभावित होने के आसार:गोल्ड ज्वेलरी में हॉलमार्कजून से अनिवार्य सराफा कारोबारियों ने किया कड़ा विरोध

रायपुरएक महीने पहले
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केंद्र सरकार ने 1 जून 2021 से गोल्ड ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। भारतीय मानक ब्यूरो की ओर से इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। कानून लागू होने में केवल एक महीने का समय बाकी है और रायपुर समेत राज्य के कई शहरों में हॉलमार्किंग सेंटर ही नहीं है। ऐसे में करोड़ों का सराफा कारोबार प्रभावित होने के आसार हैं।

दावा किया जा रहा है कि कई दुकानें बंद होने की स्थिति में पहुंच जाएगी। केंद्र सरकार के इस नियम का छत्तीसगढ़ कैट और रायपुर सराफा एसोसिएशन ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। इस संबंध में केंद्रीय वाणिज्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल को चिट्ठी भी लिखी गई है। कुछ दिन पहले आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने भी इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। अभी कोरोना संकट में इस तरह के नियम व्यवहारिक नहीं है।

अधिकतर शहरों में हालमार्किंग के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा मौजूद नहीं है। अभी देश के 733 जिलों में हॉलमार्किंग केंद्र केवल 250 जिलों में ही उपलब्ध हैं। देश के 11 राज्य तो ऐसे हैं जहां एक भी हॉलमार्किंग केंद्र नहीं हैं। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी और कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष विक्रम सिंहदेव ने बताया कि हॉलमार्किंग के लिए 35 रुपए प्रति आइटम का चार्ज निश्चित किया गया है। हॉलमार्किंग गलत होने पर व्यापारियों पर केस करने का प्रावधान है, इससे भी कारोबारी खुश नहीं हैं।

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