बयानों का बीर-गांव:भाजपा बोली- पार्षदों को खरीदा, कांग्रेस ने कहा- हमने तो सत्यनारायण कथा का प्रसाद दिया; अजीत जोगी की कसम टूटी

रायपुर7 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ की राजधानी से लगी नगर निगम बीरगांव में जीत का ताज कांग्रेस के सिर है। मंगलवार को दिन भर चली चुनावी आपाधापी में महापौर और सभापति चुन लिए गए। इस बीच कुछ बयान ऐसे थे जो बेहद गंभीर और दिलचस्प रहे। तस्वीरें में देखिए दिन भर मची सियासी हलचल को और पढ़िए इस रिपोर्ट में जीत और हार के माहौल में कैसे भाजपा और कांग्रेस ने एक दूसरे को बयानों की वीरता दिखाई, और कैसे छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी की एक सियासी कसम सियासी फायदे के लिए तोड़ दी गई।

हार के बाद भाजपा की उदासी।
हार के बाद भाजपा की उदासी।

पहले जीत का दावा, फिर कहा- वो बिक गए
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने भाजपा का महापौर बनाने का दावा किया था। मगर जब नतीजे कांग्रेस के खाते में जीत पहुंचाते दिखे तो उन्होंने कहा कि धनबल का इस्तेमाल कर कांग्रेस ने निर्दलियों के साथ कर लिया। पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने कहा कि आम जनता ने बहुमत नहीं दिया था, निर्दलीय पार्षदों की खरीद फरोख्त की वजह से कांग्रेस कामयाब रही। भाजपा ने किसी का वोट नहीं खरीदा। सुंदरानी ने आगे कहा कि हम हार की समीक्षा करेंगे, मजबूत विपक्ष की भूमिका में रहेंगे।

बॉस को अपडेट तो बनता है- नंदलाल जीतने के बाद पंकज शर्मा के साथ।
बॉस को अपडेट तो बनता है- नंदलाल जीतने के बाद पंकज शर्मा के साथ।

सत्यनारायण की कथा का प्रसाद
बीरगांव चुनाव की डोर संभाले हुए कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने जीत के बाद कहा कि साफ पानी की सप्लाई हर घर में हो पहला काम यही करना है, प्रदूषण मुक्त, सुविधा युक्त बीरगांव बनाने की दिशा में हम काम करेंगे। पंकज के पिता विधायक सत्यनारायण शर्मा को टारगेट करते हुए भाजपा के चुनाव प्रभारी अजय चंद्राकर कहते थे कि यहां सत्यनारायण कथा चल रही है, पंकज ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि सत्यनारायण कथा का प्रसाद कांग्रेस के महापौर के रूप में उन्हें दे दिया है।

अजीत जोगी की वो कसम तोड़ दी गई
पिछले विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ के पहले CM और जनता कांग्रेस के संस्थापक अजीत जोगी ने भाजपा को लेकर कहा था कि मैं मौत को स्पर्श करना पसंद करूंगा, लेकिन भाजपा जैसे संगठन का साथ कभी नहीं दूंगा, उन्होंने ट्वीटर पर लिखा था- चाहे मुझे सूली पर चढ़ा दिया जाए मैं भाजपा का समर्थन न लूंगा न दूंगा।

भाजपा नेताओं के बीच जनता कांग्रेस नेता।
भाजपा नेताओं के बीच जनता कांग्रेस नेता।

अब बीरगांव में जनता कांग्रेस ने भाजपा के साथ गठबंधन किया। एक साथ दोनों दलों के नेता साथ बैठे नजर आए। इसे लेकर जनता कांग्रेस के नेता ओमप्रकाश नेता ने कहा कि बीरगांव के विकास और जनता के हित में जो फैसले लेने थे हमने वही किया, जोगी जी ने गठबंधन बीएसपी से किया था, जरूरत थी जनता के हित के लिए इसलिए ये गठबंधन किया। खास बात ये है कि इस गठबंधन में भी गड़बड़ी हो गई। भाजपा और जनता कांग्रेस के संयुक्त सभापति पद के उम्मीदवार एवज देवांगन को कुल 15 वोट मिलने थे, किसी एक पार्षद ने कांग्रेस को वोट दे दिया ।

इससे पहले भाजपा का सूरज बीरगांव में चमकता था। दिन ढलते-ढलते बीरगांव में कांग्रेस सरकार बनी।
इससे पहले भाजपा का सूरज बीरगांव में चमकता था। दिन ढलते-ढलते बीरगांव में कांग्रेस सरकार बनी।

बीरगांव निगम में अब कांग्रेस सरकार
कांग्रेस के नंदलाल देवांगन महापौर बने। उनको 40 में से 25 वोट मिले। भाजपा के पतिराम साहू को 15 मत मिले हैं। नंदलाल देवांगन महापौर बन गए, सभापति पद पर भी कांग्रेस ने कब्जा कर लिया है। कांग्रेस के सभापति पद के उम्मीदवार कृपाराम निषाद ने जेसीसीजे के एवज देवांगन को हरा दिया ।

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