स्वास्थ्य विभाग:नशे के खिलाफ मुहिम में मेडिकल स्टोर, रेस्तरां ढाबों तक होगी जांच, स्कूलों में जागरुकता भी

रायपुर2 महीने पहले
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राजधानी में नशीली दवा को रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के साथ कई और विभाग मिलकर बड़ी मुहिम शुरू करने जा रहे हैं। इस मुहिम में मेडिकल स्टोर्स की लगातार जांच के साथ-साथ होटल-रेस्तरां और ढाबों पर छापे मारकर जांच की जाएगी। यही नहीं, कुछ एजेंसियां स्कूलों के सामने तथा सार्वजनिक स्थानों पर जागरुकता अभियान छेड़ेंगी, ताकि छात्रों से लेकर आम लोगों को नशीली दवाइयों के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जा सके।

हाल में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के संयुक्त सर्वे में यह बात सामने आई थी कि शहर के युवाओं में नशा, खासकर नशीली दवाइयों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए मंगलवार को जिलास्तरीय समन्वय समिति की बड़ी बैठक में एक्शन प्लान बनाया गया। बैठक में सहमति बनी कि नशे का कारोबार रोकने के लिए मेडिकल स्टोर, होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, जिलों से लगे दूसरे राज्यों के बॉर्डर समेत उन सभी जगहों पर अचानक छापे मारने चाहिए, जो नशे की सप्लाई के संभावित स्थान हैं। छापामार कार्रवाई में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ ही समाज कल्याण, आबकारी और खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। सभी विभागों के अफसरों की संयुक्त टीम बनाकर इस तरह की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, नशीली दवाइयों की बिक्री को नियंत्रण में रखने के लिए मेडिकल स्टोर्स को चेतावनी दी जाएगी। थोक दवा कारोबारियों से भी कहा जाएगा कि वे इस तरह की गतिविधियों में खास नजर रखे।

इंटेलिजेंस इनपुट पर फोकस
बैठक में पुलिस ने राजधानी में नशा रोकने के लिए सीमा की जांच बढ़ाने की रणनीति बताई है। अफसरों ने कहा कि नशीली दवाइयों की शहर में घुसपैठ रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा इंटेलिजेंस इनपुट जुटाने पर काम कर रहे हैं, ताकि ऐसी खेप सीमा पर ही पकड़ी जा सके। साथ ही ढाबे, होटल और रेस्टोरेंट की सरप्राइस चेकिंग भी होगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे एडीएम एनआर साहू ने बताया कि सभी विभागों ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरुकता अभियान चलाने पर भी सहमति जताई है। इसके लिए स्कूल-कॉलेजों के बाहर शिविर लगेंगे। नुक्कड़ नाटकों से संदेश दिया जाएगा और जागरुकता वाले पंपलेट बांटे जाएंगे।

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