दूसरी लहर बुजुर्गों पर भारी:5 दिन में 60 साल या ऊपर के 400 से ज्यादा लोगों की जान गई

रायपुर6 महीने पहले
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  • जो स्वस्थ थे और कोई बीमारी भी नहीं थी, उन्होंने भी 12 से 24 घंटे के भीतर दम तोड़ा

कोरोना की दूसरी लहर बुजुर्गों पर भारी पड़ रही है। पिछले 5 दिनों में 400 से ज्यादा बुजुर्गों (60 वर्ष या ऊपर) की माैत हुई है। ओवरआल पिछले साल 29 मई से अब तक कोरोना से मरने वालों में बुजुर्गों की संख्या 50 फीसदी से ऊपर है। इसके बाद 45 से 59 वर्ष वालों की दूसरी सबसे ज्यादा मौत हो रही है। उनकी संख्या 40 फीसदी है। बाकी उम्र वाले 10 फीसदी हैं।

जिन बुजुर्गों की मौत हो रही है, वे अस्पताल पहुंचने के दौरान या अस्पताल में इलाज के 12 से 24 घंटे के बीच दम तोड़ रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह नए वेरिएंट को बताया जा रहा है। यानी यह वेरिएंट इतना खतरनाक है कि तेजी से फेफड़े को संक्रमित कर रहा है, जिससे बुजुर्ग ही नहीं हर उम्र के लोग जान गंवा रहे हैं। प्रदेश में पिछले 5 दिनों में 1037 व राजधनी में 213 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। रोज का औसतन 207 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है।

सीनियर सिटीजन की मौतें चौंकाने वाली जरूर है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती जाती है। यही कारण है कि वे कोरोना से पीड़ित होने के बाद तेजी से जान गंवा रहे हैं। हालांकि ऐसे बुजुर्ग भी हैं, जो उम्रदराज होते हुए भी कोरोना के मात दे रहे हैं। प्रदेश में 85 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना काे मात दे चुके हैं। हालांकि ऐसे लोगों की संख्या 5 से ज्यादा नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि पूरे कोरोनाकाल में खासकर बुजुर्गों की सेहत का ख्याल रखना सबसे बड़ी जरूरत है। अगर वे संक्रमित हुए तो गंभीर हो रहे हैं।

केस- 1 डीडीनगर निवासी 60 वर्षीय व्यक्ति को बुखार हुआ। फिर खांसी के बाद सांस लेने में तकलीफ हाेने लगी। उन्हें और कोई दूसरी बीमारी नहीं थी। परिजन अस्पताल लेकर गए, जहां उन्होंने 12 घंटे के भीतर दम तोड़ दिया।
केस- 2 रामनगर के 71 वर्षीय व्यक्ति को हायपरटेंशन था। कोरोना से संक्रमित हुए तो मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। फेफड़े में 90 फीसदी संक्रमण निकल गया। इलाज के दौरान 24 घंटे के भीतर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

डायबिटीज, बीपी के साथ ज्यादातर को गंभीर बीमारी
सीनियर सिटीजन में डायबिटीज व हाई ब्लड प्रेशर कॉमन बीमारी है। देखने में आ रहा है कि पिछले सप्ताहभर से गंभीर बीमारी वालों के बजाय जिन्हें कोई दूसरी बीमारी नहीं है, ऐसे लोगों की मौत की संख्या बढ़ी है। इसमें बुजुर्ग भी शामिल है। डायबिटीज व हाई ब्लड प्रेशर कोरोना में सबसे जानलेवा साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि घर में किसी सदस्य को लक्षण दिखते ही बुजुर्गों को आइसोलेट कर दें तो वे संक्रमित होने से बच जाएंगे।

कोरोना का नया वेरिएंट बुजुर्गों ही नहीं, सभी उम्र के लोगाें के लिए खतरनाक है। बुजुर्गों की ज्यादा मौत इसलिए हो रही है, क्योंकि उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
-डॉ. विष्णु दत्त, डीन नेहरू मेडिकल कॉलेज

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