लॉकडाउन में राहत / 45 ट्रेनाें से 56 हजार से अधिक मजदूर लाैटे, 10 दिनों में सवा लाख और आएंगे

More than 56 thousand laborers will be brought out of 45 trains, 1.25 lakh more will come in 10 days
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More than 56 thousand laborers will be brought out of 45 trains, 1.25 lakh more will come in 10 days

दैनिक भास्कर

May 26, 2020, 08:13 AM IST

रायपुर. (अमनेश दुबे ) देशभर के विभिन्न प्रांतों में फंसे छत्तीसगढ़ के मजदूरों को वापस लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अभी तक रायपुर सहित प्रदेश में 45 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें आ चुकी हैं। इन ट्रेनों से अबतक 56 हजार से भी अधिक मजदूरों को वापस लाया गया है। श्रमिकों को अन्य प्रदेशों से लाने की कवायद तेज कर दी गई है। राज्य सरकार की एजेंसियां फंसे हुए मजदूरों का आंकलन करके ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भेज रही है। मिली जानकारी के मुताबिक श्रमिक ट्रेनों से सवा लाख तक श्रमिकों को लाने का लक्ष्य तय किया गया है।
इसी के हिसाब से पूरी तैयारी की गई है। पिछले एक हफ्ते से रोजाना औसतन चार से पांच ट्रेनें रायपुर स्टेशन पहुंच रही हैं। इसी तरह राजनांदगांव, दुर्ग, बिलासपुर व चांपा स्टेशन में भी श्रमिक ट्रेनें पहुंच रही हैं। एक ट्रेन में 800 से 2 हजार तक यात्री आए। इनमें मजदूरों के साथ ही आम नागरिक भी आए हैं। रेलवे अफसरों से मिली जानकारी के मुताबिक अगले 10 दिनों तक देशभर में 2600 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। इसमें अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाली ट्रेनें भी शामिल हैं। राज्य शासन ने मजदूरों के पंजीयन को देखते हुए ट्रेनों की संख्या को बढ़ाने का फैसला किया है। जम्मू, आंध्रप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में फंसे मजदूरों को लाने के लिए भी कई ट्रेनें चलाने की तैयारी हैै। 
11 मई को अहमदाबाद से पहली श्रमिक स्पेशल: श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से मजदूरों को लाने का सिलसिला 11 मई से शुरू की गई। 15 दिनों से छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को लाने का क्रम जारी है। पहली ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद से बिलासपुर पहुुंची। इसके बाद रायपुर सहित अन्य स्टेशनों में भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से मजदूर आए। पहले से रायपुर व बिलासपुर में रूकने वाली ट्रेनों के स्टॉपेज को दुर्ग और भाटापारा व राजनांदगांव में बढ़ाया गया। ताकि जिला मुख्यालय से नजदीक ही मजदूरों को उतारकर सरकारी क्वारेंटाइन में भेजा जा सके।

15 प्रदेशों से आए श्रमिक, सबसे अधिक गुजरात से :अब तक छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को देशभर के 15 प्रदेशों से सकुशल वापस लाया गया है। सबसे अधिक गुजरात के विभिन्न स्टेशनों से 15 ट्रेनेें छत्तीसगढ़ आ चुकी हैं। गुजरात से लगभग 23 हजार श्रमिक ट्रेनों से आ चुके हैं। इसके बाद महाराष्ट्र से छह और उत्तरप्रदेश से पांच ट्रेनें आई हैं। जम्मू-कश्मीर से 04, तेलंगाना से 03 और पंजाब से 02 श्रमिक ट्रेनें से मजदूरों को लाया गया है। इसी तरह आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, उत्तराखंड, ओड़िशा, बिहार, राजस्थान और तमिलनाडु से भी 1-1 ट्रेनें आई हैं। मंगलवार को केरला से एक ट्रेन मजदूरों को लेकर आएगी।

कोरोना संदिग्ध युवक का फांसी से लटका मिला शव

मेडिकल काॅलेज अस्पताल के कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संदिग्ध युवक का शव सोमवार शाम को फांसी से लटका मिला। जब कर्मचारी चाय देने वार्ड में गए तो पता चला। कमरे के दरवाजे के रोशनदान में लुंड्रा थाने के ग्राम छेराडीह 
निवासी 25 वर्षीय करमचंद गीरी का शव गमछे से लटका था। सूचना पर एडिशनल एसपी ओम चंदेल, मणिपुर चौकी प्रभारी प्रमोद यादव पहुंचे। पुलिस ने आइसोलेशन वार्ड को दूर से देखा। युवक कुछ दिन पहले ही दिल्ली से लौटा था।  उसे लुंड्रा के क्वारेंटाइन सेंटर से लाकर मेडिकल काॅलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। युवक की कोरोना जांच रिपोर्ट भी अभी नहीं आई है।

 हालांकि रैपिड टेस्ट निगेटिव था। उसे अंबिकापुर मेडिकल काॅलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 23 मई को भर्ती किया गया था। युवक जिस कमरे में था, उसमें दो और कोरोना संदिग्ध थे जो डिस्चार्ज होकर रविवार को ही चले गए थे। इस वार्ड के अन्य कमरों में अभी करीब 7 कोरोना संदिग्ध है। युवक जिस कमरे में भर्ती था। अभी उसमें दूसरे मरीज नहीं थे।

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