राम वनगमन पथ की दूसरी प्रतिमा शिवरीनारायण में:किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे एमपी के मूर्तिकार हरिकृष्ण ने बनाई है प्रतिमा

रायपुर6 दिन पहलेलेखक: अमिताभ अरुण दुबे
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प्रदेश में राम वनगमन पथ की दूसरी साइट शिवरीनारायण में लगाई जाने वाली भगवान श्रीराम की प्रतिमा बनकर तैयार हो गई है। - Dainik Bhaskar
प्रदेश में राम वनगमन पथ की दूसरी साइट शिवरीनारायण में लगाई जाने वाली भगवान श्रीराम की प्रतिमा बनकर तैयार हो गई है।

प्रदेश में राम वनगमन पथ की दूसरी साइट शिवरीनारायण में लगाई जाने वाली भगवान श्रीराम की प्रतिमा बनकर तैयार हो गई है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में 25 फीट की इस प्रतिमा का निर्माण हुआ और रविवार देर रात सड़क मार्ग से इसे शिवरीनारायण के लिए रवाना कर दिया गया, जहां यह मंगलवार को दोपहर तक पहुंचेगी। इस प्रतिमा को बनाने वाले 44 साल के मूर्तिकार हरिकृष्ण कदम किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और अभी हफ्ते में तीन दिन डायलिसिस होता है। हरिकृष्ण 2019 में एक माह तक वेंटिलेटर पर भी थे।

हालांकि ऐसे मूर्तिकार हैं, जिनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शुमार है और अंतरराष्ट्रीय स्तर के 100 से अधिक पुरस्कार मिल चुके हैं। भास्कर को राम वनगमन पथ की दूसरी साइट में लगाई जाने वाली प्रतिमा के मूर्तिकार हरिकृष्ण कदम ने बताया कि इस प्रतिमा का निर्माण साढ़े चार माह में हुआ है। इसके लिए 15 से अधिक कलाकारों‌ ने दिन रात काम किया है।

भले ही गंभीर किडनी रोग से पीड़ित हैं, लेकिन उनका कहना है कि भगवान राम की मूर्ति के निर्माण के दौरान उनकी बीमारी कभी बाधा नहीं बनी। डायलिसिस के बाद काम पर जुट जाते थे, इसे वह भगवान का आशीर्वाद ही मानते हैं।

ग्वालियर सेंड स्टोन की प्रतिमा
शिवरीनारायण में लगाई जाने वाली राम भगवान की प्रतिमा ग्वालियर सेंड स्टोन से बनाई गई है। ग्वालियर सेंट स्टोन की खासियत है कि इससे बनाई गई प्रतिमाएं लंबे वक्त तक कायम रहती है। मूर्तिकार हरिकृष्ण के मुताबिक इस प्रतिमा की लाइफ लगभग 2 हजार साल की है। कई पीढ़ियां इस प्रतिमा को देखेंगी, यह उनके लिए बड़ी बात है। प्रतिमा निर्माण में करीब 35 लाख रुपए खर्च आया है। छत्तीसगढ़ में इससे पहले राम वनगमन पथ के चंदखुरी साइट पर एक प्रतिमा स्थापित हो चुकी है।

प्रतिमा के बारे में

  • प्रतिमा की ऊंचाई - 25 फीट
  • बनाने की अवधि - साढ़े 4 माह
  • कलाकार लगे - 15 से अधिक
  • बनाने का खर्च - 35 लाख रु.

प्रदेश में 9 जगहों पर लगाई जाने वाली प्रतिमाओं का निर्माण अलग अलग राज्यों में हो रहा है। चंदखुरी की प्रतिमा ओडिशा में बनी थी। राजिम में छत्तीसगढ़, एमपी और ओडिशा के कलाकार बना रहे हैं।
-अनुराधा दुबे, नोडल-राम वनगमन पथ