एमएसटी के मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा हुई:सांसदों ने एमएसटी फिर से शुरू करने कहा यात्रियों को देना पड़ रहा है ज्यादा किराया

रायपुर19 दिन पहले
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रेलवे ने अभी तक मंथली सीजनल टिकट एमएसटी पर रोक लगा रखी है। इससे लोकल व दैनिक रेल यात्रियों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की इस परेशानी को रेलवे अधिकारी के साथ ही जनप्रतिनिधि भी समझते हैं। इसी कारण एमएसटी के मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा हुई।

चूंकि गुुरुवार को रायपुर के मंडल मुख्यालय में सांसदों और रेलवे अफसरों के बीच बैठक हुई। इस बैठक में छाया वर्मा, सांसद (राज्यसभा), केटीएस तुलसी सांसद (राज्यसभा), सुनील कुमार सोनी, सांसद (रायपुर लोकसभा), विजय बघेल, सांसद (दुर्ग लोकसभा), मोहन मंडावी, सांसद सदस्य (कांके लोकसभा) समेत डीआरएम श्याम सुन्दर गुप्ता एवं बिलासपुर मुख्यालय के प्रधान विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। सांसदों की बैठक बिलासपुर जोन के जीएम आलोक कुमार के साथ विजय बघेल की अध्यक्षता में हुई। सभी सांसदों में अपनी मांगे रेलवे अफसरों के समक्ष प्रस्तुत कर दी। इसमें सबसे अधिक जोर मंथली सीजनल टिकट की सुविधा देने पर रहा।

सांसद सुनील सोनी ने भास्कर से बातचीत करते हुए कहा कि दैनिक व लोकल यात्रियों को एमएसटी नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। इसलिए इसकी सुविधा तुरंत शुरू करने की मांग रेलवे से की गई है। लोकल व एक्सप्रेस ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को रिजर्व टिकट से ही सफर करने की अनुमति दी जा रही है। इसके चलते रायपुर से बिलासपुर तक आने-जाने वाले लोकल यात्रियों को एक तरफ के लिए टिकट बुकिंग में कम से कम 85 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। दोनों तरफ के लिए 170 रुपए है, तो यदि महीनेभर की बात करें तो 5100 रुपए खर्च करने की मजबूरी है। जबकि एमएसटी के जरिए यात्रियों को रायपुर-बिलासपुर के बीच सफर करने के लिए मात्र 665 रुपए ही देने पड़ते थे। इस कारण एमएसटी शुरू करने की मांग उठ रही है।

कई अन्य मांगों पर फोकस
सांसदों ने कहा कि सरकार के संकल्प को पूरा करने छत्तीसगढ़ के अन्य क्षेत्रों में भी रेल परिवहन की सुविधा प्रदान की जाए ताकि वहां के युवकों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हो। छत्तीसगढ़ की खनिज, अयस्क, वन संपदा का लाभ पूरे देश को मिले एवं छत्तीसगढ़ का हर क्षेत्र रेल मार्ग से पूरी तरह जुड़ सके। इसी कड़ी में बस्तर क्षेत्र का रेल विकास, रेल परियोजनाओं में गतिशीलता, दैनिक यात्री ट्रेनों, स्थानीय स्तर की समस्याओं, रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल, रेलवे हॉस्पिटल का विस्तार, दुर्ग स्टेशन पर दूसरे छोर पर भी यात्री सुविधाओं में विकास करने, अंतागढ़ रेल परिचालन करके यात्री सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) रायपुर लोकेश विश्नोई भी उपस्थित रहे। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ. विपिन वैष्णव ने बैठक की रूपरेखा तैयार की एवं इसका सफलतापूर्वक संचालन किया।

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