राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 28 से:देश-दुनिया के 1000 से अधिक कलाकार पहुंचेंगे, पहले दिन 'पहुना' होंगे झारखंड CM हेमंत सोरेन; तैयारी अंतिम चरण में

रायपुर8 महीने पहले
साइंस कॉलेज मैदान में आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन को पारंपरिक रंग देने की कोशिश है।

रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान पर राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में है। 28 अक्टूबर सुबह 11 बजे समारोह का उद्घाटन होना है। इसमें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि होंगे। राज्यपाल अनुसूईया उइके इस महोत्सव का उद्घाटन करने वाली हैं। तीन दिन के इस उत्सव में देश-दुनिया के एक हजार से अधिक कलाकार भाग लेने वाले हैं।

समारोह स्थल पर पंडाल बनाने का काम पूरा हो चुका है। वहां बैठक व्यवस्था भी ठीक कर ली गई है। अब सजावट का काम जारी है। मुख्य पंडाल को ऐसा बनाया गया है कि एक साथ करीब 4 हजार लोग बैठ सकते हैं और एक हजार से अधिक लोगों के खड़े होने की भी जगह है। इसको सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से कई हिस्सों में बांट दिया गया है। मुख्य पंडाल के अलावा, प्रशासनिक और सुरक्षा कार्यालय भी बनाए गए हैं।

आयोजन स्थल पर इस तरह के अलग-अलग पंडाल भी बनाए गए हैं।
आयोजन स्थल पर इस तरह के अलग-अलग पंडाल भी बनाए गए हैं।

विभिन्न प्रदर्शनियों, गतिविधियों, खान-पान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विभागीय कार्यों के लिए अलग-अलग पंडाल बनाए गए हैं। बताया जा रहा है, बुधवार देर रात तक काम पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद आयोजन स्थल को बंद कर दिया जाएगा जो उद्घाटन सत्र से पहले खोला जाएगा। इस समारोह में 7 देशों और 27 राज्यों व 6 केंद्र शासित प्रदेशों के 59 आदिवासी नर्तक दल शामिल हो रहे हैं। 63 विदेशी कलाकारों सहित करीब एक हजार से नर्तक इस महोत्सव में अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन करने वाले हैं।

मुख्य पंडाल तैयार है। मंच पर सजावट और लाइट और साउंड का काम जारी है।
मुख्य पंडाल तैयार है। मंच पर सजावट और लाइट और साउंड का काम जारी है।

पहले दिन ऐसा रहेगा कार्यक्रम

पहले दिन उद्घाटन सत्र में अतिथियों के संबोधन के बाद चार सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुति होगी। इसमें नाइजीरिया, फिलिस्तीन, छत्तीसगढ़ और त्रिपुरा के कलाकार शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ के आदिवासी कलाकार गौर सिंग नृत्य पेश करने वाले हैं। दोपहर के भोजन के बाद प्रतियोगिता शुरू होगी। पहले दिन विवाह विधा में मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, असम, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और गुजरात की प्रस्तुति होनी हैं। शाम को दूसरे पारंपरिक नृत्य विधा में छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, तेलंगाना, झारखंड और गुजरात के नर्तक दलों की प्रस्तुतियां होंगी। रात आठ बजे के बाद स्वाजीलैंड, उज्बेकिस्तान और माली के कलाकार अपनी संस्कृति का रंग दिखाएंगे।

व्यवस्था में भारी पुलिस बल तैनात

आयोजन स्तर पर पुलिस कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। यहां से पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सुरक्षा कार्यों में लगे कर्मियों के बीच समन्वय का काम देखेंगे। यहां पुलिस और प्रशासन के 3500 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसके लिए विभिन्न जिलों से अतिरिक्त बल मंगाया गया है।

उद्घाटन समारोह पर पंचरंगी संस्कृति

सरकार उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने की तैयारी में है। समारोह के दौरान बड़ी राजनीतिक जुटान भी होगी। इस दौरान नर्तक दलों की मार्च पास्ट भी होनी है। इसमें युगाण्डा, उत्तर प्रदेश, फिलीस्तीन, सिक्किम और छत्तीसगढ़ के आदिवासी नर्तक दल अपनी विशिष्ट संस्कृति के रंग बिखेरेंगे।

उद्घाटन समारोह के लिए छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने भी खास तैयारियां की हैं।
उद्घाटन समारोह के लिए छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने भी खास तैयारियां की हैं।

हर रोज 20 दलों का प्रदर्शन

महोत्सव के लिए कुल 59 सांस्कृतिक दल पहुंचे हैं। ऐसे में आयोजकों ने हर दिन 20 दलों को प्रदर्शन का मौका दिया है। यह प्रदर्शन एक प्रतियोगिता के तहत होनी है। इसके लिए विशेष जूरी को भी बुलाया गया है। अलग-अलग राज्यों से आदिवासी कला-संस्कृति और परंपरा के मर्मज्ञों को जूरी में रखा गया है, जो हर प्रदर्शन का आकलन कर अंक देंगे। इन्हीं अंकों के आधार पर प्रतियोगिता का विजेता घोषित होगा।

जीतने वाली टीम को पांच लाख का पुरस्कार

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के लिए सरकार ने 20 लाख रुपए की पुरस्कार राशि तय की है। प्रतियोगिता की किसी विधा में पहले स्थान पर रही टीम को पांच लाख रुपए का पुरस्कार मिलेगा। दूसरे स्थान वालों को 3 लाख और तीसरा स्थान पाने वाली टीम 2 लाख रुपए का पुरस्कार पाएगी। प्रतियोगिता दो वर्गों में होनी है। पहला विवाह के अवसर पर किया जाने वाला नृत्य और दूसरा उस देश-प्रदेश का कोई भी पारंपरिक नृत्य।

उज्बेकिस्तान के ये कलाकार भी मंगलवार देर शाम तक रायपुर पहुंचने वाले हैं।
उज्बेकिस्तान के ये कलाकार भी मंगलवार देर शाम तक रायपुर पहुंचने वाले हैं।

नाइजीरिया, श्रीलंका और फिलिस्तीन का दल पहुंचा

तैयारियों के बीच कलाकारों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। नाइजीरिया का दल सोमवार को ही रायपुर पहुंच गया। वहीं श्रीलंका और फिलिस्तीन का सांस्कृतिक दल भी मंगलवार दोपहर तक पहुंच गया। उन्हें एक होटल में ठहराया गया है। इस बीच उज्बेकिस्तान का सांस्कृतिक दल भी दिल्ली पहुंच गया है। देर शाम तक वह दल भी रायपुर पहुंच जाएगा। देशी-विदेशी टीमों को होटल, मैरेज हॉल में ठहराने का इंतजाम किया जा चुका है।

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