छत्तीसगढ़ियों को नई सुविधा:आम लोग भी सरकारी एजेंसी से करा सकेंगे भवन गुणवत्ता की जांच, क्वालिटी खराब निकली तो दावा करने में होगी आसानी

रायपुर10 महीने पहले
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राज्य सरकार के मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) को आवेदन देना होगा। एक निश्चित शुल्क अदा करने के बाद यह एजेंसी भवन की गुणवत्ता जांचेगी और प्रमाणपत्र देगी। - Dainik Bhaskar
राज्य सरकार के मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) को आवेदन देना होगा। एक निश्चित शुल्क अदा करने के बाद यह एजेंसी भवन की गुणवत्ता जांचेगी और प्रमाणपत्र देगी।

छत्तीसगढ़ में सरकारी भवनों की गुणवत्ता जांचने वाली एजेंसी अब आम लोगों के नए भवनों की गुणवत्ता का भी परीक्षण करेगी। इसके लिए राज्य सरकार के मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) काे आवेदन देना होगा। एक निश्चित शुल्क अदा करने के बाद यह एजेंसी भवन की गुणवत्ता जांचेगी और प्रमाणपत्र देगी। अगर गुणवत्ता के मानकों पर भवन फिट नहीं बैठता तो आपको कानूनी फोरम में दावा करने में आसानी होगी।

राज्य सरकार ने मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) कार्यालय को आम लोगों के भवन गुणवत्ता की जांच के लिए अनुमति प्रदान की गई है। नवीन भवनों के कांक्रीट की गुणवत्ता की जांच नॉन डिस्ट्रेक्टिव टेस्टिंग (एनडीटी) उपकरणों के माध्यम से निर्धारित शुल्क देने पर की जाएगी। अधिकारियों का कहना है, यह सुविधा शुरू हो जाने से आम लोगों को लागत के अनुरूप गुणवत्तायुक्त भवन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। भवन के रखरखाव में आने वाले अनावश्यक अतिरिक्त व्यय से मुक्ति मिलेगी।

राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत निर्माण कार्यों के गुणवत्ता पर नियंत्रण रखा जा सकेगा। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के प्रति आम लोगों में जागरूकता आयेगी एवं राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी। बताया गया, आवेदक ई-चालान सेवाओं के माध्यम से परीक्षण शुल्क की राशि सीधे शासन के राजस्व मद में जमा करेंगे। परीक्षण शुल्क राशि प्राप्त करने के बाद मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की टीम कार्य स्थल पर पहुंचकर कांक्रीट की गुणवत्ता का परीक्षण एनडीटी उपकरण के माध्यम से करेगी। आवेदक को निश्चित समय में परीक्षण परिणाम उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है।

जांच कराने के लिए कितना शुल्क देना होगा
अधिकारियों ने बताया, इसके लिए डिजीटल रिबाउंड हैमर हेतु परीक्षण शुल्क 2500 रुपए प्रति रीडिंग एवं अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी उपकरण से जांच के लिए 3 हजार रुपए प्रति रिडिंग जीएसटी सहित निर्धारित है। परीक्षण शुल्क की राशि ऑनलाईन अथवा कार्यालय में सीधे जमा की जा सकती है। ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा करने के लिए मुख्य तकनीकी परीक्षक (सर्तकता) की वेबसाइट ctev.cg.gov.in में ई-परीक्षक मेन्यू में जाकर निर्धारित शुल्क ई-चालान के माध्यम से जमा किया जा सकता है।

ऐसे कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा
मेन्यू में जाकर ई-परीक्षक लिंक को क्लिक करें। वेब पेज में डिजीटल रिबांउण्ड हैमर एवं अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी उपकरण का परीक्षण मूल्य प्रदर्शित होगा। आवेदक स्वयं की आवश्यकतानुसार विवरण में क्लिक करेंगे। परीक्षणों की संख्या दर्ज कर, कार्ट में डाले, को क्लिक करेंगे। निरीक्षण स्थल का विवरण भर कर, घोषणा के लिए बनाये गये चेक बॉक्स को क्लिक करने के पश्चात कुल देय राशि की गणना में क्लिक करें। ओटीपी सत्यापित कर राशि का भुगतान करें, पर क्लिक करें। आवेदक के मोबाइल फोन पर आए ओटीपी नंबर को सत्यापित करना होगा।

अलग-अलग जिलों के लिए अलग-अलग परीक्षण संख्या
राज्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) आर. पुराम ने बताया, ई-परीक्षक मॉड्यूल में प्रत्येक जिले के आवेदकों के लिए न्यूनतम परीक्षण निर्धारित किया गया है। बलरामपुर एवं जशपुर में न्यूनतम 4 परीक्षण कराना अनिवार्य है। इसी प्रकार बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोरिया, सुकमा, सूरजपुर एवं सरगुजा में 3 परीक्षण कराना होगा। जांजगीर-चांपा, कवर्धा, कांकेर, कोण्डागांव, कोरबा, नारायणपुर, रायगढ़ एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 2 परीक्षण एवं बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, महासमुन्द, मुंगेली, रायपुर एवं राजनांदगांव में 1 परीक्षण किए जाएंगे। न्यूनतम परीक्षण संख्या के अतिरिक्त प्रत्येक परीक्षण में चयनित उपकरण के आधार पर परीक्षण शुल्क में वृद्धि होगी।

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