पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अब घर में इलाज का बंदोबस्त गांव-गांव में:होम आइसोलेशन का नया प्रोटोकॉल, कोरोना मरीज के साथ परिजन को भी दवा अनिवार्य

रायपुर24 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • एप में मितानिनों को भी दवा बांटने के लिए आईडी

प्रदेश में तीसरी लहर के लिए होम आइसोलेशन के मद्देनजर भी तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके तहत अब होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिए नया प्रोटोकॉल बनाया जा रहा है। तीसरी लहर में फोकस मरीज के साथ परिजनों को भी कोरोना संक्रमण से बचाने पर है। लिहाजा मरीज के साथ परिजनों को भी बचाव की दवाएं अनिवार्य रूप से दिए जाने के लिए सिस्टम बनाया जा रहा है।

हर मरीज के परिजनों को बचाव के लिए प्रोफाईलेंक्टीक दवाएं निश्चित तौर पर दी जाने की जानकारी भी एप के जरिए रखी जाएगी। ताकि गांव-गांव में भी घर में इलाज के सेटअप को मजबूत किया जा सके। गांव में स्वास्थ्य विभाग के मितानिन और हेल्थ वर्करों की आईडी भी अब होम आइसोलेशन एप के लिए बनाई जा रही है। ताकि गांव में भी मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा मिल सके। इसके तहत हर जिले के हर ब्लॉक को सेक्टरों के साथ उपस्वास्थ्य केंद्रों में भी बांटा जाएगा। इसी के जरिए मरीजों के टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और ट्रेसिंग भी की जानी है। मरीजों को होम आइसोलेशन की मंजूरी जिला स्तर से ही दी जाएगी। इसके बाद मरीज के गांव में रहने वाले हेल्थ वर्कर होम आइसोलेशन के मरीज के घर तक दवाएं पहुंचाएंगे। इसमें परिजनों को बचाव के लिए दी जानी वाली दवाएं भी शामिल रहेगी।

रेफरल कंट्रोल पर भी फोकस
गांव में आपात स्थिति में नजदीकी कोरोना अस्पताल या केयर सेंटर तक मरीज किस तरह पहुंचाया जाएगा, इसके लिए हेल्थ विभाग के साथ गांव में निचली पायदान पर काम कर रहे लोगों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। मरीज को होम आइसोलेशन में किन किन परिस्थितियों में रेफर किया जाना है, इसके लिए भी प्रोटोकॉल बनाया जा रहा है। ताकि कोरोना डेथ के मामलों पर भी कंट्रोल किया जा सके। दूसरी लहर में कोरोना मौत के मामले होम आइसोलेशन में भी बढ़े हैं। इसलिए मरीज को इमरजेंसी में तत्काल केयर सेंटर या अस्पताल तक ले जाने की व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है।

एप को अपग्रेट करने की तैयारी, तीन बटन रहेगी, इमरजेंसी में इसी से अस्पताल
होम आइसोलेशन एप को अपग्रेड करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत होम आइसोलेशन के एप में तीन तरह के बटन रखे जा रहे हैं। जिसमें एक बटन के जरिए मरीज के लिए कोरोना के इलाज की दवाएं और परिजन के लिए बचाव की दवाएं पहुंची या नहीं, इसका रिकॉर्ड रखा जाएगा। जबकि दूसरे बटन के जरिए ऐसे मरीज जिन्हें होमआइसोलेशन के लिए मंजूरी नहीं देकर अस्पताल भेजा जा रहा उनकी जानकारी रखी जाएगी। तीसरी बटन के जरिए अगर मरीज बताए हुए पते पर नहीं मिलता तो उसकी जानकारी दी जाएगी। इस तरह हेल्थ विभाग के साथ अन्य विभागों के लोग इस एप के जरिए होम आइसोलेशन के मरीजों पर पूरी नजर रखेंगे।

खबरें और भी हैं...