तीन साल की सरकार को भाजपा ने फेल बताया:नितिन नबीन बोले- यहां पुलिस विद्रोह हुआ, दंगे हुए, कर्ज लेकर शासन चलाया जा रहा

रायपुर5 महीने पहले
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रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा नेता। - Dainik Bhaskar
रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा नेता।

रायपुर के भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी और बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। यहां उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए कहा कि हर मोर्चे पर सरकार नाकाम रही। उन्होंने कहा हाल ही में हमने देखा कि एक साथ 14 सौ से अधिक संख्या में आरक्षी बलों ने अपने हथियार शासन को जमा करा दिए और नक्सल इलाके में धरना दे दिया। ये मामला बीजापुर का है। सहायक आरक्षक वेतन और पीएफ जैसी मांगों को लेकर आंदोलन को मजबूर हो गए।

प्रदेश निर्माण से आजतक यहां कभी सांप्रदायिक दंगे नहीं हुए। अविभाजित मध्य प्रदेश के ज़माने से लेकर आजतक तक कभी कर्फ्यू लगाने की नौबत नहीं आयी। मगर कवर्धा में हालात बिगड़े और ये सब करना पड़ा। सुकमा में तो एसपी और संभाग के कमिश्नर को आधिकारिक पत्र जारी कर धर्मांतरण पर अपने अमलों को चेताना पड़ा।

नबीन ने कहा कि ऐसे मामलों के अलावा कांग्रेस की विफलताओं, विश्वासघातों की लम्बी सूची है। किसानों से बड़े-बड़े वादे करके सत्ता में आयी कांग्रेस सरकार ने साफ़ तौर पर सदन में यह कहा है कि प्रदेश में किसानों की मृत्यु से संबंधित कोई भी आंकडें शासन के रिकॉर्ड में नहीं है, न ही उसने यहां असमय दिवंगत हुए किसानों को कोई भी मुआवजा दिया है। निंदनीय है कि अन्य प्रदेशों में किसान आन्दोलन में कथित तौर पर दिवंगत 700 किसानों का रिकॉर्ड कांग्रेस के पास है लेकिन अपने प्रदेश में ही दिवंगत हुए, आत्महत्या करने को मजबूर कर दिए किसानों को किसी तरह की मुआवजा तो दूर इसका रिकॉर्ड तक नहीं है।

झूठ बोल रही भाजपा
कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर भाजपा नेताओं की इस प्रेस कांफ्रेंस को कांग्रेस ने भाजपा नेताओं की खीझ और बौखलाहट बताया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के कांग्रेस सरकार के खिलाफ बोलने के लिये झूठ के सिवा कुछ नहीं है। प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा नेता केंद्र सरकार के छत्तीसगढ़ विरोधी रवैये का बचाव करते नजर आये केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ से उसना चावल नहीं ले रहा लेकिन भाजपा नेताओं को इसमें कोई ऐतराज नहीं है। केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ को बारदाना नहीं दे रहा। भाजपा नेता केंद्र के इस कम का भी बचाव कर रहे है। छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता और उनके प्रभारी मोदी-शाह के डर से राज्य के हितों की बात भी केंद्र के समक्ष उठाने का साहस नहीं दिखा पा रहे है।

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