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नेशनल मेडिकल कमीशन ने भेजा मेल:जीएसटी पेमेंट नहीं, बेड भी 330 से कम तीन मेडिकल कॉलेजों की अर्जी ही रद्द

रायपुर3 महीने पहले
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महासमुंद, कांकेर और कोरबा में थी कॉलेज शुरू करने की तैयारी - Dainik Bhaskar
महासमुंद, कांकेर और कोरबा में थी कॉलेज शुरू करने की तैयारी
  • जीएसटी पटा, बेड की जानकारी भी भेजी गई

राज्य में इस साल शुरू होने वाले महासमुंद, कांकेर व कोरबा मेडिकल कॉलेज के आवेदन निरस्त करने के ईमेल से खलबली मच गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की ओर से चिकित्सा शिक्षा संचालक कार्यालय भेजे गए मेल में कहा गया है कि आपके कॉलेज में मान्यता देने लायक न तो 330 बिस्तर हैं और न ही जीएसटी अदा की गई है। ऐसे में मान्यता का आवेदन ही निरस्त किया जा सकता है।

एनएमसी के मेल के बाद आनन-फानन में चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से पर्याप्त बिस्तर होने की जानकारी भेजने के साथ जीएसटी का बकाया भी जमा कर दिया है। राज्य में सरकार महासमुंद, कांकेर व कोरबा में 100-100 सीटों का नया मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पिछले साल दिसंबर में एनएमसी को आवेदन कर दिया गया था। उस समय महासमुंद में 210, कांकेर में 200 व कोरबा में 240 बेड का अस्पताल था।

एनएमसी की गाइडलाइन के अनुसार 100 सीटों के लिए कम से कम 350 बेड का अस्पताल अनिवार्य है। नए कॉलेज के लिए एनएमसी को 3.50 लाख का भुगतान चिकित्सा शिक्षा विभाग कार्यालय से किया गया था। इसकी जानकारी किसी डीन को नहीं हुई, क्योंकि पिछले साल दिसंबर में नए कॉलेजों के आवेदन डीएमई कार्यालय से हुए थे। ई-मेल भी और पासवर्ड वहीं जनरेट किया गया था। रायपुर में एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज भी खुल रहा है। इस संबंध में वहीं से एनएमसी से मेल आने की जानकारी हुई।

तीनों कॉलेजों को दो-दो सौ करोड़ मंजूर किए
तीनों कॉलेजों के लिए केन्द्र ने 200-200 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। 50-50 करोड़ रुपए भी मिल चुके हैं। कॉलेज के लिए 60 फीसदी फंड केंद्र देगी। बाकी फंड राज्य सरकार देगी। कोरबा में अभी तक कॉलेज बिल्डिंग तय नहीं है। वहां इंजीनियरिंग कॉलेज वाले हर माह 9.84 लाख रुपए किराया मांग रहे हैं। इस पर डीन ने डीएमई को पत्र लिखकर समस्या का समाधान करने की गुजारिश की है।

जब आवेदन किया, तब बेड कम थे: डीएमई
एनएमसी को भेजे मेल में डीएमई कार्यालय ने कहा है कि पिछले साल दिसंबर में आवेदन किया था तब महासमुंद, कांकेर व कोरबा में बेड कम थे। अब कोरबा में 357, महासमुंद व कांकेर में 330-330 बेड का अस्पताल हो गया है। जीएसटी की जानकारी नहीं थी, इसलिए जमा नहीं कर पाए। अब बेड भी पर्याप्त है और जीएसटी भी जमा कर दिया है तो आवेदन निरस्त न किया जाए।

जब नए कॉलेजों के लिए आवेदन किया गया, तब तीनों जिला अस्पतालों में एनएमसी की गाइडलाइन के अनुसार बेड नहीं थे। अब गाइडलाइन के अनुसार 330 या इससे ज्यादा बेड हो गए हैं। जीएसटी जमा करने की जानकारी भी नहीं थी। सोमवार को महासमुंद कॉलेज का जवाब चला गया। मंगलवार को कांकेर व कोरबा का जवाब भी भेज दिया गया है।
डाॅ. आरके सिंह, डीएमई

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