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कोरोना की दूसरी लहर की आशंका:राजधानी में ठंड नहीं पर वेंटिलेटर वाले सारे बेड फुल, प्रदेश में 23 मौतें

रायपुर7 महीने पहले
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जगदलपुर में बुधवार से कोरोना की जांच में तेजी लाई गई। - Dainik Bhaskar
जगदलपुर में बुधवार से कोरोना की जांच में तेजी लाई गई।

रायपुर में ठंड के साथ-साथ कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी के संकेत दिए गए थे। नवंबर आधा बीत चुका है, ठंड तो नहीं बढ़ी अलबत्ता कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ठंड बढ़ेगी तो कोरोना के मामले और बढ़ेंगे, इससे स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस समय कोरोना की दूसरी लहर की आहट के साथ ही वेंटिलेटर वाले सारे बिस्तर फुल हो गए हैं। एम्स के 80 और अंबेडकर अस्पताल के 70 वार्ड में एक भी खाली नहीं। पिछला करीब दो माह रायपुर के लिए राहत भरा गुजरा। एक स्थिति तो ऐसी आई जब वेंटिलेटर वाले सारे बिस्तर खाली हो गए थे, उस दौरान मरीज कम होने पर एक भी वेंटिलेटर वाले बिस्तर नहीं बढ़ाए गए। उसी का नतीजा है कि दूसरी लहर का खतरा शुरू होते ही वेंटिलेटर वाले बिस्तर फुल हो गए। रायपुर में सितंबर के पहले सप्ताह में एक दिन में सबसे अधिक 1109 संक्रमित मिले। यह सबसे अधिक संख्या थी, इसलिए इसे पीक माना गया। उसके बाद सितंबर के ही अंतिम सप्ताह से मरीजों की संख्या में लगातार कमी होनी शुरू हुई। अक्टूबर आते आते में रोज मिलने वाले संक्रमितों की संख्या सितंबर की तुलना में आधी पहुंच गई। रोज मिलने वाले मरीजों की संख्या 500 के भीतर पहुंच गई। नवंबर आते-आते आंकड़े और राहत भरे होते गए और आंकड़ा 200 से कम हो गया। 15 नवंबर को रायपुर में सबसे कम केवल 50 संक्रमित सामने आए। अब पिछले तीन दिन से फिर मरीजों की संख्या फिर बढ़नी शुरू हुई। मरीजों की संख्या का आंकड़ा 500 भी नहीं पहुंचा है और वेंटिलेटर वाले सारे बिस्तर फुल हो गए हैं। अंबेडकर अस्पताल के आईसीयू प्रभारी ओपी सुंदरानी का कहना है तीन वार्डों में 70 वेंटिलेटर वाले बेड हैं। सभी में मरीज हैं।

वेंटिलेटर वाले वार्ड बढ़ाए जा रहे
स्वास्थ्य विभाग के मीडिया प्रभारी डाॅ. सुभाष पांडे का कहना है भले ही रायपुर में वेंटिलेटर वाले बेड नहीं बढ़ाए गए, लेकिन राज्य के दूसरे मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में संख्या बढ़ायी जा रही है। इससे रायपुर में प्रेशर कम पड़ेगा। मरीज अपने करीब के अस्पताल में ही भर्ती कराए जा सकेंगे।

दूसरी लहर का खतरा शुरू: एम्स डायरेक्टर
एम्स के डायरेक्टर डाॅ. नितिन एम नागरकर के मुताबिक प्रदेश में तो केस पहले ही कम नहीं हुए, लेकिन रायपुर में कमी आई थी। लेकिन अब दूसरी लहर का खतरा शुरू हो गया है। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है। एम्स में भले ही कोविड मरीजों के लिए वेंटिलेटर वाले बेड नहीं बढ़ाए गए, लेकिन बाकी विभागों में लगातार बढ़ाए जा रहे हैं।

बेमेतरा कलेक्टर समेत 2048 नए मरीज, 23 मौतें
प्रदेश में बुधवार को कोरोना के 2048 नए मरीज मिले हैं, जिनमें रायपुर के 227 संक्रमित शामिल हैं। बेमेतरा कलेक्टर शिवअनंत तायल कोरोना संक्रमित हो गए हैं। रायपुर में एक समेत 23 लोगों की मौत भी हुई है।
नए केस के बाद प्रदेश में मरीजों की संख्या 2 लाख 14 हजार 390 हो गई है। एक्टिव केस 19586 है। रायपुर में संक्रमितों की संख्या 43806 है। 7518 लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों व घर में चल रहा है। प्रदेश में अब तक 2634 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 635 रायपुर के हैं। दिवाली के तीन दिनों में रायपुर में 221 व प्रदेश में 2356 मरीज मिले थे। मंगलवार से मरीजों की संख्या 1500 पार होने लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने ठंड के सीजन को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग व जांच कराने को कहा है। दरअसल ठंड में सामान्य फ्लू व निमोनिया के मरीज मिल रहे हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में फ्लू व वायरल फीवर के मरीज बढ़ गए हैं।

सर्दियों के मौसम में गर्मी कम नहीं होगी 21 तक
नवंबर में लोगों की सेहत खराब कर देने वाली गर्मी 21 तारीख तक कम नहीं होने के आसार हैं। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा की दिशा बदली है। उत्तर से ठंडी हवा यहां नहीं आ रही है।

इसकी जगह समुद्र की ओर से नमीयुक्त हवा आ रही है, जिससे तापमान बढ़ गया है। पश्चिमी विक्षोभ एक-दो दिन में कमजोर पड़ेगा। संभावना है कि उसके बाद यानी 21 नवंबर के आसपास प्रदेश में उत्तर से ठंडी हवा आने का सिलसिला शुरू होगा। इसके बाद ही गर्मी से राहत मिलेगी और ठंड बढ़ेगी।

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