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हिंदी माध्यम के स्कूल भी ​​​​​​​बदलेंगे:अब जेएन पांडेय, जेआर दानी और सप्रे स्कूल होंगे अपग्रेड

रायपुर4 दिन पहले
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स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की तर्ज पर शहर के तीन हिंदी स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। इन स्कूलों की पहचान कर ली गई है। जेएन.पांडेय मल्टीपरपस गवर्नमेंट स्कूल, जेआर.दानी स्कूल और माधव राव सप्रे स्कूल को उत्कृष्ट स्कूल में तब्दील किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग से योजना बनायी जा रही है। संभावना है कि नए शिक्षा सत्र से पहले ये स्कूल अपग्रेड हो जाएंगे। पिछले साल राजधानी समेत राज्यभर में सरकारी इंग्लिश मीडियम खोले गए।

स्कूलों की डिमांड बढ़ी। इस साल इंग्लिश स्कूलों की संख्या बढ़कर 171 हो गई। इनमें से रायपुर जिले में 9 स्कूल शामिल है। पिछले साल रायपुर शहर में 3 इंग्लिश मीडियम स्कूल खुले थे। इन स्कूलों में प्रवेश को लेकर होड़ मची रही। कक्षा पहली से बारहवीं तक में प्रवेश के लिए बड़ी संख्या में आवेदन मिले। लॉटरी के आधार पर सीटें आबंटित की गई। सरकारी इंग्लिश स्कूलों में सुविधाएं प्राइवेट स्कूलों के जैसी है। अच्छी लैब, लाइब्रेरी, इंफ्रास्ट्रक्चर भी अच्छा है। इसके अलावा छात्रों के बैठने के लिए टेबल व बैंच भी अन्य सरकारी स्कूलों से अलग है।

इसी तर्ज पर हिंदी के 3 स्कूलों की सूरत बदलने की तैयारी है। अफसरों का कहना है कि इंग्लिश मीडियम स्कूल की तरह ही हिंदी मीडियम स्कूलों को भी बनाया जाएगा। इसके लिए शहर के 3 स्कूल का चयन किया गया। इसमें जेएन.पांडेय गवर्नमेंट स्कूल, जेआर.दानी गर्ल्स स्कूल और माधव राव सप्रे स्कूल शामिल है। यह तीनों स्कूल यहां खास पहचान रखते हैं। इसलिए इन्हें ही पहले उत्कृष्ट हिंदी मीडियम स्कूल में तब्दील किया जाएगा।

प्राइमरी की पढ़ाई शुरू हो सकती है

जेएन.पांडेय मल्टीपरपस स्कूल व जेआर दानी गर्ल्स स्कूल में छठवीं से लेकर बारहवीं तक की पढ़ाई होती है। इन स्कूलों को अपग्रेड कर उत्कृष्ट बनाने की याेजना है। इसलिए इन स्कूलों मे प्राइमरी की कक्षाएं भी शुरू हो सकती है। इसे लेकर भी विचार किया जा रहा है। सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में कक्षा पहली से बारहवीं तक की पढ़ाई है। इसलिए हिंदी मीडियम में भी यही व्यवस्था की जा सकती है। शिक्षाविदों का कहना है कि प्राइमरी पढ़ाई के लिए बेस है। यहीं छात्रों के प्रवेश ज्यादा होते हैं। इसलिए हिंदी मीडियम के अच्छे स्कूल बनेंगे तो वहां भी प्राइमरी की कक्षाएं हो सकती है।

भर्ती को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

इंग्लिश के तर्ज पर जो सरकारी स्कूल अपग्रेड होंगे वहां भर्ती होगी या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अफसरों का कहना है कि अभी योजना बनाई जा रही है। जो शिक्षक इन स्कूलों में हैं, वे रहेंगे। दूसरे स्कूल के शिक्षकों को भी अवसर दिया जा सकता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर भर्ती भी हो सकती है। गौरतलब है कि सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रतिनियुक्ति के अलावा बड़ी संख्या में शिक्षक व स्टॉफ संविदा के रूप में कार्यरत हैं।

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