छत्तीसगढ़...भास्कर एक्सक्लूसिव:अब प्रवेश के लिए सिर्फ दो दिन; 50 हजार से ज्यादा सीटें खाली, कॉलेज में प्रवेश का आखिरी दिन 30 सितंबर

रायपुर2 महीने पहलेलेखक: सुधीर उपाध्याय
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प्रमुख शासकीय कॉलेजों के अफसरों ने बताया कि आरक्षित वर्ग की अधिकांश सीटें खाली हैं।- प्रतीकात्मक इमेज - Dainik Bhaskar
प्रमुख शासकीय कॉलेजों के अफसरों ने बताया कि आरक्षित वर्ग की अधिकांश सीटें खाली हैं।- प्रतीकात्मक इमेज

प्रदेश में 2021-22 के लिए कॉलेजों में एडमिशन की डेडलाइन 30 सितंबर है, यानी सिर्फ दो दिन बचे हैं और पूरे प्रदेश के कालेजों को मिलाकर ग्रेजुएशन के फर्स्ट ईयर में अभी लगभग 50 हजार से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। भास्कर ने प्रदेश के सभी प्रमुख सरकारी विश्वविद्यालयों में एडमिशन के आंकड़े लिए हैं। यह बात सामने आई कि राजधानी के पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों में यूजी की 42705 सीटें हैं, जिनमें से 18791 सीटें अब तक खाली हैं।

इसी तरह, बस्तर विवि के कालेजों की 13 हजार सीटों में से 7 हजार से ज्यादा सीटें खाली हैं। सरगुजा विश्वविद्यालय में 23845 सीटें हैं, जिनमें साढ़े 8 हजार से अधिक सीटें नहीं भर पाई हैं। इसी तरह बिलासपुर और दुर्ग विश्वविद्यालयों में भी यूजी की 8-8 हजार से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं। शिक्षाविदों को उम्मीद है कि दो दिन में अधिकांश सीटें भर जाएंगी, लेकिन अब तक इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई है कि 30 सितंबर के बाद भी सीटें खाली रहीं तो उन्हें भरा जाएगा या नहीं।

कोरोना काल में बारहवीं के छात्रों को थोक में नंबर मिले, इसलिए ग्रेजुएशन में प्रवेश के लिए कटऑफ ज्यादा था। प्रमुख कॉलेजों में 90 प्रतिशत नंबर पाने वाले को ही प्रवेश के लिए बुलाया गया। कुल मिलाकर कंपीटिशन ज्यादा था, इससे संभावना बनी थी कि इस बार सीटें पहले ही भर जाएंगी, 30 सितंबर तक मारामारी जैसी नौबत नहीं आएगी।

अंतिम तिथि के दो दिन पहले भास्कर ने एडमिशन की स्थिति की पड़ताल की तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए कि प्रदेश में यूजी (अंडर ग्रेजुएशन यानी बीकॉम, बीएससी, बीए अथवा अन्य कोर्स के फर्स्ट इयर) की 50 हजार से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। दिलचस्प बात यह है कि खाली सीटें सिर्फ कामर्स व आर्ट्स ही नहीं, बल्कि साइंस (मैथ्स और बायो दोनों) की भी हैं। जितनी सीटें भरी हैं, उनमें ज्यादातर सरकारी कालेजों की हैं। खाली सीटें प्राइवेट की ही ज्यादा रह गई हैं।

शहर के सरकारी कॉलेज करीब फुल

साइंस कॉलेज रायपुर में बायो ग्रुप (केमिस्ट्री, बॉटनी और जूलॉजी) के लिए अब सिर्फ 20 सीटें और मैथ्स ग्रुप (फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ) के लिए 11 सीटों में प्रवेश बाकी है। इनमें से भी अधिकांश सीटें आरक्षित वर्ग की है। छत्तीसगढ़ कॉलेज की साइंस में 143, बीकॉम की 72 सीटें और बीए में 129 सीटें बची हैं। जबकि डिग्री गर्ल्स कॉलेज में साइंस में 63, कामर्स में बीकॉम में 34 और बीए की 42 सीटें खाली हैं।

कटऑफ 90 फीसदी से नीचे नहीं

इस बार राजधानी के प्रमुख शासकीय कॉलेजों में साइंस की सीटों के लिए कटऑफ 90 प्रतिशत से नीचे नहीं आया। शुरुआत में 95 प्रतिशत कटऑफ था। बाद में यह कुछ कम हुआ, लेकिन 90 प्रतिशत से नीचे नहीं गया। साइंस की तरह की कामर्स के लिए 88 प्रतिशत से कटऑफ नीचे नहीं आया। आर्ट्स का कटऑफ भी 87 प्रतिशत तक था। प्राइवेट कॉलेजों में कटऑफ थोड़ा कम था, लेकिन छात्रों की प्राथमिकता शासकीय कॉलेज रही।

अब होगी ओपन काउंसिलिंग
कॉलेजों में यूजी व पीजी की सीटें भरने के लिए अब ओपन काउंसिलिंग होगी। अधिकांश कॉलेजों में प्रवेश के लिए 5 से अधिक मेरिट लिस्ट जारी की गई, फिर भी सीटें खाली रह गईं। प्रमुख शासकीय कॉलेजों के अफसरों ने बताया कि आरक्षित वर्ग की अधिकांश सीटें खाली हैं। इसके लिए ओपन कांउसिलिंग बुलाई गई है, ताकि दो दिन में ज्यादा से ज्यादा छात्रों को प्रवेश दिला दिया जाए।

यूजी व पीजी में प्रवेश के लिए पहले ऑनलाइन आवेदन की अनिवार्यता थी, लेकिन जब सीटें खाली रही तो फिर अनिवार्यता को खत्म किया गया। बाद में ऑनलाइन आवेदन का नियम हटाया, और अब आखिरी में पहले आओ पहले पाओ के सिस्टम पर दाखिला मिल जाएगा।