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  • Now Only Those Votes Will Be Able To Cast And Contest In The Corporation And Panchayat Elections, Whose Name Will Be Recorded In The Voter List Of That Assembly Constituency.

27 साल बाद बदले गए नियम:निगम और पंचायत चुनाव में अब वही वोट डाल सकेंगे और चुनाव लड़ सकेंगे, जिनका नाम उस विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में दर्ज होगा

रायपुर17 दिन पहले
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राज्य निर्वाचन आयोग ने आने वाले चुनावों को निपटाने के लिए शुरू की तैयारियां। - Dainik Bhaskar
राज्य निर्वाचन आयोग ने आने वाले चुनावों को निपटाने के लिए शुरू की तैयारियां।
  • नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने जारी की अधिसूचना, चुनाव सुधार की दिशा में कदम
  • चुनाव लड़ने के लिए कहीं से भी नाम नहीं जुड़वा सकेंगे, वोटर लिस्ट अपडेट करना होगा

निकाय और पंचायत चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने नए नियम लागू कर दिए हैं। अब निकाय और पंचायत चुनाव में वही व्यक्ति वोट कर सकेगा, जिसका नाम उस विधानसभा की लिस्ट में है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि कोई भी कहीं से भी चुनाव न लड़ सके। कोई व्यक्ति अब कहीं चुनाव लड़ेगा और कहीं वोट डालेगा, ऐसा नहीं हो सकेगा। यदि उसने किसी दूसरी विधानसभा में नाम जुड़वाने की कोशिश की, तो साफ्टवेयर पकड़ लेगा।

नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। यह बदलाव 27 साल बाद हो रहा है। दरअसल विधानसभा की मतदाता सूची हर साल अपडेट होती है। वहीं राज्य निर्वाचन आयोग की वोटरलिस्ट जब चुनाव होते हैं, तभी बनवाई या अपडेट की जाती है। इसका फायदा कई नेता व वोटर उठाते थे। ताकि वे कहीं से भी चुनाव लड़ सकें या वोट डाल सकें। अब ऐसा नहीं चलेगा।

कई नेता तो चुनाव जीतने वोटरों को ढोकर दूसरे राज्यों या शहरों में ले जाते हैं। अब ऐसा करने मतदाता वाले पकड़ में आ जाएंगे। अब तक होता था कि किसी जगह से आरक्षित या सामान्य सीट नहीं मिलने पर लोग पलायन कर दूसरी जगह से फार्म भर देते थे। फिर वहां के लोग बाहरी कहकर उनका विरोध करते थे। विवाद होते थे।

इस वजह से आयोग ने विधानसभा की वोटरलिस्ट एडाप्ट करने का नियम बनाया है। बताते हैं कि चुनाव में दो ही मुख्य नियम लागू होते हैं एक तो वोटर 18 साल से ऊपर हो और दूसरा संबंधित क्षेत्र का निवासी हो। राज्य निर्वाचन आयोग के कमिश्नर ठाकुर राम सिंह चुनावी अमले को अपडेट कर रहे हैं।

चरोदा, भिलाई, रिसाली, जामुल में निकाय चुनाव इसी साल

आयोग के अनुसार 16 अगस्त तक वोटरलिस्ट का प्रारंभिक प्रकाशन होगा। दावा एवं आपत्तियां प्राप्त कर इसे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें राज्य सरकार द्वारा जारी की गई कोविड गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करना होगा।

भिलाई, रिसाली, जामुल की वोटरलिस्ट तैयार है। चरोदा निगम का चुनाव नवंबर-दिसंबर में तय है। चरोदा के साथ-साथ भिलाई, रिसाली और जामुल निकाय का भी चुनाव साथ होना तय माना जा रहा है। आयोग को नोटिफिकेशन जारी करना है।

ये होंगे फायदे

एक व्यक्ति एक ही जगह वोट डाल सकेगा {फर्जी वोटिंग से मिलेगी मुक्ति {चुनाव से संबंधित शिकायतें कम होंगी {मतदान दलों को विवाद से निपटने बड़ी राहत मिलेगी {सभी चुनाव की सूची में एकरूपता आएगी।

ऐसे समझे बदले नियमों को

ये संशोधन 27 साल बाद हुए हैं। नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। छत्तीसगढ़ नगर पालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम-3 ग में नया प्रावधान जोड़ा गया है। नियम पांच के उप नियम (1) में संशोधन किया गया है।

क्या है प्रारूप क, क-1, ख और ग: पूर्व में प्रारंभिक प्रकाशन के बाद दावा-आपत्तियों के दौरान आयोग की वोटर लिस्ट में नाम न होने पर उसके नाम जोड़ने आवेदन ले लिए जाते थे। किंतु संशोधन के बाद केवल पात्र व्यक्तियों से ही आवेदन लिए जाएंगे, जिनके नाम विधानसभा की वोटरलिस्ट में होंगे।

यदि उनका नाम प्रारंभिक प्रकाशन में नाम छूट गया हो। या उनका नाम गलत वार्ड में जुड़ गया हो तो इसके लिए प्रारूप क में लोगों को अर्जी देनी होगी। नियम पांच में संशोधन के बाद प्रारूप क (1) जोड़ा गया है। इसमें ऐसे लोगों से आवेदन लिए जाएंगे, जिनके नाम विधानसभा की वोटरलिस्ट में नहीं हैं, लेकिन दावा-आपत्ति और वोटरलिस्ट के प्रारंभिक प्रकाशन से लेकर दावा आपत्ति के निपटारे तक दर्ज कर लिए गए हों।

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