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घरेलू बिजली 8% महंगी, उद्योगों को राहत:अब 400 यूनिट बिजली पर 180 रुपए ज्यादा आएगा बिल, घरेलू उपभोक्ताओं को हर यूनिट पर 48 पैसा ज्यादा देना होगा

रायपुरएक महीने पहले
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  • 400 यूनिट तक आधे बिल की छूट मिलती रहेगी

प्रदेश में घरेलू बिजली की दरें 8 फीसदी तक महंगी कर दी गई हैं। हालांकि उद्योगों और कारोबारियों को दी जाने वाली बिजली की दरों में बदलाव नहीं है। इसे ऐसे समझें कि 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने में अब आपको 40 रुपए ज्यादा देना होगा। अब तक 100 यूनिट पर 340 रुपए का बिल आता था।

अब 380 रुपए आएगा। 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ करने की योजना जारी रखी गई है। 400 यूनिट तक बिजली 180 रुपए महंगी होगी। तीन साल से बिजली दरें नहीं बढ़ी थीं। इस अवधि को मेंटेन करने के लिए ये बढ़ोत्तरी की गई है। विद्युत विनियामक आयोग में नए चेयरमैन की नियुक्ति चार महीने देरी से हुई। इस कारण दरें जारी होने में समय लगा। घरेलू उपभोक्ताओं को हर यूनिट पर 48 पैसा ज्यादा देना होगा। 100 यूनिट तक खपत पर 40 और 1000 यूनिट पर 690 रुपए का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।

कोरोना की वजह से 2020-21 में बिजली की नई दरें लागू नहीं हो पाई थीं। बिजली कंपनी ने 2021-22 के लिए अनुमानित आय और खर्च का ब्यौरा भेजकर विद्युत विनियामक आयोग को बिजली की दरें में वृद्धि का प्रस्ताव भेजा था। आयोग ने आय-व्यय का अध्ययन करने के बाद 941 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा अनुमानित किया और इसकी पूर्ति के लिए ही बिजली की दरों में 8.09 प्रतिशत वृद्धि का आदेश जारी किया है। इसमें खास बात यह है कि यह वृद्धि सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ही की गई है। गैर घरेलू और उद्योंगों सहित कृषि इत्यादि के टैरिफ में वृद्धि नहीं की गई है। उन्हें कई तरह की राहतों की सिफारिश की गई है। गैर घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सिंगल फेज पर संबद्ध भार को 3 से बढ़ाकर 5 किलोवॉट किया गया है।

इनके स्थायी और ऊर्जा प्रभार में संतुलन किया गया है, जिससे दरों में मामूली वृद्धि होगी। महिला सशक्तिकरण के लिए पंजीकृत महिला स्वसहायता समूहों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट दी गई है। 0.95 से अधिक पावर फैक्टर मैंटेन करने वाले निम्नदाब उद्योगों को पावर फैक्टर में प्रति 0.01 की वृद्धि पर ऊर्जा प्रभार में 1 से 5 प्रतिशत की छूट दी गई है। टाइम आफ डे टैरिफ वाले उच्चदाब उपभोक्ताओं को रात के समय की सरप्लस बिजली को खपत करने के लिए प्रोत्साहित करने आफ पीक समय में लगने वाले ऊजा प्रभार की गणना 75 के बजाए 65 प्रतिशत से कर 10 फीसदी की छूट दी गई है। टैक्सटाइल प्लांट की दरें कम की गईं हैं। स्टील उद्योगों को लोड फैक्टर रीबेट दिया गया है। स्टील उद्योगों को लोड फेक्टर इंसेंटिव की सुविधा अभी 63 से 70 प्रतिशत है। इसे 50 से 74 प्रतिशत किया गया है। पोहा-मुरमुरा उद्योग, मशरूम उत्पादन, स्वतंत्र आक्सीजन प्लांट, टेक्सटाइट प्लांट इत्यादि को नई टैरिफ में राहतें दी गई हैं।

घाटे को कवर करने दरें बढ़ाईं
कोरोना की वजह से 2019-20 में दरों में 2 से 10% और 2018-19 में 4 से 8% की कमी की गई थी। तीन साल के इस गैप तथा इस साल अनुमानित राजस्व घाटे (941 करोड़) को कवर करने के लिए ही दरों में मामूली वृद्धि की गई है।
-हेमंत वर्मा, चेयरमैन, विद्युत विनियामक आयोग

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