OBC-EWS का सर्वेक्षण अगले साल तक:छत्तीसगढ़ में 30 नवंबर तक पूरा करना था सर्वेक्षण; अब जारी किया गया संशोधित कार्यक्रम

रायपुर8 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) की गणना का काम अगले साल तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इस काम के लिए गठित छत्तीसगढ़ क्वांटिफायबल डाटा आयोग ने सितम्बर में सर्वेक्षण का काम शुरू किया था। इसे 30 नवम्बर तक पूरा कर लिया जाना था। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब सरकार ने सर्वेक्षण की तिथि 15 जनवरी 2022 तक के लिए बढ़ा दी है।

सरकार का कहना है, नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए यह तिथि बढ़ाई गई है। छत्तीसगढ़ क्वांटिफायबल डाटा आयोग ने सर्वेक्षण एवं डाटा संग्रह के लिए समयबद्ध विस्तृत संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। पंचायत विभाग के आयुक्त और नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक को नए कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित समयावधि में सर्वेक्षण कार्य पूर्ण करने को कहा गया है। नए कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण एवं डाटा संग्रहण व सत्यापन का कार्य 15 जनवरी 2022 तक किया जाएगा। डाटा इकट्‌ठा हो जाने के बाद ग्राम पंचायतवार और शहरों में वार्डवार सूची का प्रारंभिक प्रकाशन होगा। इस सूची को 31 जनवरी 2022 तक सभी ग्राम पंचायत कार्यालय, जनपद कार्यालय, तहसील कार्यालय एवं जोन कार्यालय में चस्पा की जाएगी।

सूची पर दावा-आपत्ति का भी मौका

नए कार्यक्रम के मुताबिक प्रारंभिक प्रकाशन पर दावा एवं आपत्ति 15 फरवरी 2022 तक प्राप्त किए जाएंगे। प्राप्त दावा आपत्ति का निराकरण 28 फरवरी 2022 तक किया जाएगा।

30 अप्रैल तक चलेगा काम

बताया गया, ग्राम पंचायत क्षेत्र में ग्राम सभा द्वारा एवं नगरीय निकाय क्षेत्र में PIC एवं MIC द्वारा अनुमोदन 15 मार्च 2022 तक किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में जनपद स्तर पर एवं नगरीय क्षेत्र में निकाय स्तर पर डाटा संकलन का कार्य 30 मार्च 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। जनपद एवं निकाय स्तर से जिला स्तर पर डाटा 15 अप्रैल 2022 तक भेजा जाना है। राज्य स्तर से डाटा आयोग को यह डाटा 30 अप्रैल 2022 तक भेजने का कार्यक्रम तय हुआ है।

आरक्षण बचाने की कवायद का हिस्सा

राज्य सरकार ने 4 सितम्बर 2019 को जारी एक आदेश से प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्गों का आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27% कर दिया था। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य श्रेणी के लोगों को भी 10% आरक्षण देना तय हुआ। कई लोगों ने बिलासपुर हाईकोर्ट में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को चुनौती दी। उसके बाद अदालत ने इस आरक्षण के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। सरकार ने वह आंकड़ा मांगा गया, जिससे पता चले कि जनसंख्या में इस वर्ग का अनुपात क्या है। उसके बाद सरकार ने क्वांटिफायबल डाटा आयोग का गठन किया।

दूसरी बार बढ़ाया गया समय

क्वांटिफायबल डाटा आयोग ने सर्वेक्षण का काम एक सितम्बर से शुरू किया। इसके लिए एक मोबाइल ऐप और पोर्टल बनाया गया, जहां OBC और EWS श्रेणी के लोगों को पंजीयन कराना था। यह काम 30 अक्टूबर तक पूरा करना था। काम पूरा नहीं हुआ तो सर्वेक्षण की तारीख 30 नवम्बर तक बढ़ा दी गई। बताया जा रहा है, अनुमान से 50% लोगों ने ही पंजीयन कराया है। ऐसे में इसका समय 15 जनवरी तक के लिए बढ़ाया गया है।

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