पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भास्कर पहल से जुड़ता समाज:ओबीसी महासभा ने कहा- ऐसी प्रथा किस काम की जिसमें रोते-रोते कराना पड़े भोजन; मांग- मृत्युभोज के खिलाफ बने सख्त कानून

रायपुर10 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • 51 % आबादी वाले पिछड़ा वर्ग समाज के सबसे बड़े संगठन ने कुरीति को बंद कराने लिखा पीएम को पत्र

प्रदेश की 51% आबादी वाले पिछड़ा वर्ग समाज के सबसे बड़े संगठन ‘ओबीसी महासभा’ का कहना है... ऐसी प्रथा किस काम की जिसके चलते मां-बाप, भाई-बहन की मृत्यु के बाद व्यक्ति को रोते-रोते भोजन कराना पड़े। संगठन ने मृत्युभोज के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में आरक्षण समेत समाज की अन्य मांगें भी शामिल हैं।  ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश साहू ने कहा कि समाज में कई कुरीतियां अब भी प्रचलित हैं। घर-परिवार में किसी की मौत हो गई हो तो व्यक्ति पूरे समाज या गांव के भोजन की व्यवस्था कैसे कर सकता है। दुख के समय में ऐसी परंपराएं लोगों को और दुखी कर देती हैं। समाज के जरिए राजनीतिक हित साधने वाले लोगों के चलते ये कुप्रथाएं अब तक प्रचलित हैं, लेकिन अब ज्यादातर लोग अब जागरूक हाे गए हैं। वे चाहते हैं कि ऐसी कुरीतियां जल्द से जल्द बंद होनी चाहिए। इसीलिए हमने केंद्र सरकार से मांग की है कि राजस्थान की तरह पूरे देश में मृत्युभोज के खिलाफ सख्त कानून लागू किया जाए।

महासभा ने केंद्र सरकार से आरक्षण बढ़ाने समेत कई और मांगें भी की हैं, जो इस प्रकार हैं... 

जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कॉलम बनाया जाए
महासभा के जिलाध्यक्ष भुनेश्वर देवांगन ने कहा, 1931 की जनगणना के मुताबिक देश में पिछड़ा वर्ग की आबादी 51% थी। इसके बाद 2011 में गणना हुई जिसके आंकड़े कभी देश के सामने नहीं रखे गए। हम चाहते हैं कि जनगणना में अब ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कॉलम बना देना चाहिए, ताकि सही आंकड़े सामने आ सकें। इसी हिसाब से पिछड़ा वर्ग को आरक्षण मिलना चाहिए। उत्थान के लिए अन्य योजनाएं भी इसी आधार पर बनानी चाहिए। ये इसलिए जरूरी है क्योंकि देश की सबसे बड़ी आबादी का विकास हुए बिना देश का विकास भी संभव नहीं।

केंद्र-राज्य में ओबीसी पदों के लिए जल्द शुरू हो भर्ती प्रक्रिया
शहर जिलाध्यक्ष भूषण देवांगन ने कहा कि पूरे देश  में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हजारों-लाखों पद रिक्त पड़े हैं। बैकलॉग के लिए विशेष भर्ती प्रक्रिया की तारीख आगे बढ़ाई जाए। इसके अलावा ओबीसी आरक्षण में क्रीमिलेयर की अनावश्यक शर्तों को लेकर भी समाजों में काफी आक्रोश है। क्रीमिलेयर के अंतर्गत सैलरी, कृषि समेत अन्य आय को जोड़ना गलत है। यह भविष्य में ओबीसी वर्ग की बहुत बड़ी आबादी को आरक्षण से बाहर करने की साजिश है। अनुसूचित जाति-जनजाति की तरह पिछड़ा वर्ग को भी पदोन्नति में आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए।

छग में सीलिंग एक्ट के तहत अधिगृहीत जमीन वापस करें
जिला उपाध्यक्ष मुकेश यादव ने कहा, छत्तीसगढ़ में सीलिंग एक्ट 1970-80 के तहत किसानों की जमीनें अधिगृहीत की गईं। योजना तो कहीं नहीं दिखी, लेकिन भू माफियाओं ने जमीनें हथिया लीं और किसानों से मुख्तियारनामा बनवाकर अरबपति बन गए। इस मामले की जांच होनी चाहिए और किसानों को उनकी जमीनें वापस की जानी चाहिए। इसके अलावा फरवरी में हुए ओबीसी आंदोलन के दौरान छतरपुर में आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को भी अविलंब वापस लेने और पिछड़ा वर्ग समाज के लिए अलग से ऋण योजना शुरू करने की मांग की है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- समय कड़ी मेहनत और परीक्षा का है। परंतु फिर भी बदलते परिवेश की वजह से आपने जो कुछ नीतियां बनाई है उनमें सफलता अवश्य मिलेगी। कुछ समय आत्म केंद्रित होकर चिंतन में लगाएं, आपको अपने कई सवालों के उत...

    और पढ़ें