लोगों की परेशानी बढ़ गई:तीन बैंकों के विलय से पुरानी चेकबुक्स रद्द, 15 दिन से नई नहीं, हजारों कस्टमर परेशान

रायपुरएक महीने पहले
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इलाहाबाद बैंक, ओरिएंटल बैंक और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय, इसलिए तीनों बैंक की पुरानी चेकबुक बेकार। - Dainik Bhaskar
इलाहाबाद बैंक, ओरिएंटल बैंक और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय, इसलिए तीनों बैंक की पुरानी चेकबुक बेकार।

इलाहाबाद बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की पुरानी चेकबुक इस महीने की शुरुआत यानी 1 अक्टूबर से बेकार हो गई हैं। इन तीनों बैंकों का विलय पंजाब नेशनल बैंक में किया गया है। विलय के बाद नया आदेश जारी कर तीनों बैंकों की पुरानी चेक बुक को आमान्य कर दिया गया है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

रायपुर समेत कुछ प्रमुख शहरों में, जहां इन बैंकों की शाखाएं थीं, वहीं इनके लगभग एक लाख कस्टमर थे जिनके पास चेकबुक थी। लेकिन इनमें से 25 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनके पास विलय के बाद नई चेकबुक नहीं पहुंची है। उनका बैंकिंग लेन-देन इसी से हो रहा था, इसलिए नई चेकबुक नहीं होने के कारण यह ठप है। इस वजह से कारोबारियों के साथ ही आम लोगों के कई वित्तीय लेन-देन रुक गए हैं।

पंजाब नेशनल बैंक के अफसरों का कहना है कि तीनों बैंकों के ग्राहकों को पहले ही बता दिया गया था कि उनकी पुरानी चेक बुक 1 अक्टूबर के बाद मान्य नहीं की जाएगी। नए सिस्टम के तहत बैंक में चेक बुक के लिए आवेदन देने के बाद उनके नाम वाली चेक बुक सीधे उनके घरों में पहुंचाई जा रही है। मुख्यालय से ही चेक बुक इश्यू होने की वजह से इसमें थोड़ा वक्त लगता है।

तीनों बैंकों के विलय के बाद अब उनका आईएफएससी कोड भी बदल गया है। इसलिए किसी भी परिस्थिति में अब पुरानी चेक बुक से वित्तीय लेन-देन मान्य नहीं किया जा सकता है। ऐसे में लोगों को नई चेक बुक के लिए पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं में आवेदन करना ही होगा।

मोबाइल पर भेजे गए मैसेज
इन तीन बैंकों के पहले इलाहाबाद बैंक का मर्जर इंडियन बैंक में हुआ था। इस वजह से इस बैंक की भी चेक बुक पुरानी हो गई है। इस बैंक के लिए नियम 1 अप्रैल 2020 से प्रभाव में आ गया था। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय पंजाब नेशनल बैंक में होने का नियम 1 अप्रैल 2019 से प्रभावी हुआ है।

इसलिए बैंक वालों का कहना है कि चेक बुक बदलने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। चेक बुक नई लेने के लिए ग्राहकों को उनके मोबाइल नंबर पर एसएमएस भी किए गए थे। विलय होने वाले बैंकों के ग्राहकों को पीएनबी की ओर से नए आईएफएसी और एमआईसीआर कोड वाली चेक बुक जारी की जा रही है।

ऑनलाइन पेमेंट में भी दिक्कत
तीनों बैंकों के आईएफएससी कोड बदल जाने की वजह से ऑनलाइन पेमेंट में भी तकनीकी दिक्कतें आ रही है। पेमेंट मोड पर जाने के बाद नए कोड के लिए सर्च करना पड़ा रहा है या बैंकिंग शाखाओं से जानकारी लेनी पड़ रही है।

जहां बिलकुल जरूरत नहीं, वहां बंद होंगी शाखाएं
तीनों बैंकों के विलय के बाद पीएनबी ने नया सर्वे भी शुरू कर दिया है। विलय होने वाले तीन बैंकों की शाखाएं आसपास हुईं, तो जरूरत के अनुसार शाखाएं खोली या बंद की जाएंगी। जहां विलय होने वाले बैंकों के ब्रांच आसपास होंगे उन्हें बंद किया जाएगा। लोगों की जरूरत और बैंक ग्राहकों की संख्या के अनुसार बैंकों का विस्तार भी किया जाएगा।

हालांकि इससे पहले भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा में कई बैंकों के विलय के बाद कई शाखाएं बंद की गई थी। इसी तरह का प्लान दूसरे बैंक वाले भी अपना रहे हैं। चैंबर अध्यक्ष अमर पारवानी का कहना है कि बैंकों में विलय के बाद केवल चेक बुक ही अमान्य नहीं होती ग्राहकों के खाता नंबर भी बदल जाते हैं। आम लोगों के साथ ही व्यापारियों को भी नई पास बुक लेनी होती है। ऐसे में कई तरह की समस्याएं भी होती हैं। इसलिए विलय के बाद बैंकों को अतिरिक्त सुविधाएं देनी ही चाहिए।

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