छत्तीसगढ़ में 'ओमिक्रॉन' का अलर्ट:संक्रमण वाले 12 देशों से आए हर यात्री की एयरपोर्ट पर होगी जांच, निगेटिव मिला तो भी 7 दिन आइसोलेशन

रायपुर6 महीने पहले
हवाई अड्‌डों पर कोरोना जांच तेजी पकड़ेगा। विदेशों से आए यात्रियों को इससे गुजरना होगा।

अफ्रीका और यूरोपीय देशों में सामने आए कोरोना के नए वैरिएंट 'ओमिक्रॉन' को लेकर प्रदेश में प्रशासन और स्वास्थ्य एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग ने ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं।

कहा गया है कि एट रिस्क यानी संक्रमण के खतरे वाले 12 देशों से आए प्रत्येक यात्री की एयरपोर्ट पर ही जांच होगी। उनका रिजल्ट निगेटिव भी आया तो भी उन्हें 7 दिन के अनिवार्य क्वारैंटाइन में रहना होगा। 8वें दिन फिर से कोरोना का टेस्ट लिया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने हवाई अड्‌डा वाले तीनों जिलों रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर प्रशासन को हवाई अड्‌डे पर अलग से एक हेल्प डेस्क बनाने को कहा है। यहां विदेश से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग होगी। उनकी कोरोना जांच की जाएगी। टीकाकरण के बारे में पूछा जाएगा। उनसे यह भी पूछा जाएगा कि भारत आने के बाद उन्होंने 7 दिन का अनिवार्य क्वारैंटाइन अवधि पूरा कर लिया है या नहीं। उनसे कोरोना के लक्षण संबंधी जानकारी भी ली जाएगी।

प्रदेश के सभी जिलों को विदेश से आ रहे लोगों की जानकारी लेने को कहा गया है। यह जानकारी उन्हें राज्य स्तरीय सर्विलांस सेंटर से मिलेगी। इस सूची में शामिल लोगों से संपर्क कर जिला प्रशासन को व्यवस्था बनानी है। ऐसे लोग जिन्होंने भारत आने के बाद 7 दिन का क्वारैंटाइन पूरा नहीं किया है, जिला प्रशासन उनकी पहचान कर क्वारैंटाइन सुनिश्चित कराएगा। 8वें दिन उनका कोरोना टेस्ट होगा। अगर पॉजिटिव आए तो नमूने को जीनोम सीक्वेंसिंग टेस्ट के लिए भेजना होगा ताकि कोरोना के वैरिएंट की पहचान हो सके।

इन देशों को एट रिस्क का दर्जा
सरकार ने 12 देशों को एट रिस्क का दर्जा दिया है। यानी इन देशों में नए वैरिएंट का खतरा अधिक है। इनमें यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इजरायल शामिल हैं। सभी यूरोपीय देशों को भी खतरे की श्रेणी में रखा जा रहा है।

जांच का दायरा बढ़ेगा, 5% नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग
सरकार ने सभी जिलों को कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कोरोना के नए वैरिएंट की पहचान के लिए प्रत्येक जिले में पॉजिटिव पाए गए नमूनों का 5% जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाने हैं। अभी प्रदेश में औसतन 22 से 24 हजार टेस्ट रोजाना हो रहे हैं।

टीकाकरण और मास्क पर जोर
जिला प्रशासन को कहा गया है कि टीकाकरण को 100% पूरा कराने के उपाय जल्द से जल्द करें। इसके साथ ही लोगों को कोरोना अनुरूप व्यवहार का पालन कराने पर भी जोर दिया गया है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को लेकर सख्ती बढ़ने वाली है।

खबरें और भी हैं...