राजधानी के 126 सेंटरों में पहले दिन टीकाकरण:पहले दिन 13 हजार बच्चों को टीके यही रफ्तार तो 11 दिन में लक्ष्य पूरा

रायपुर5 महीने पहले
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दानी स्कूल में वैक्सीन लगाने के बाद चेहरे पर मुस्कान। - Dainik Bhaskar
दानी स्कूल में वैक्सीन लगाने के बाद चेहरे पर मुस्कान।

राजधानी में 15 से 18 साल के एज ग्रुप में बच्चों का टीकाकरण शुरु हो गया है। पहले ही दिन 56 से अधिक सेंटरों पर बच्चों में टीका लगवाने को लेकर बहुत अधिक उत्साह दिखाई दिया। 56 केंद्रों पर वैक्सीनेशन के लिए 126 से अधिक डेस्क बनाई गई थी। हर साइट पर 50 से अधिक टीके लगाने का टारगेट दिया गया।

ज्यादातर केंद्रों पर पहला दिन होने की वजह से आधा घंटे के आब्जरवेशन को लेकर भी काफी कड़ाई दिखी। बच्चों ने आधा घंटे के आब्जरवेशन पीरियड में सेल्फी लेकर साथियों के साथ वैक्सीन लगवाने की खुशी का इजहार किया। शहर में बच्चों का टीकाकरण किस तरह चल रहा है। ये जानने के लिए कलेक्टर सौरभ कुमार, जिला पंचायत सीईओ मयंक चतुर्वेदी, सीएमओ डॉ. मीरा बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा, स्मार्ट सिटी के एडिशनल एमडी चंद्रकांत वर्मा की टीम ने केंद्रों में घूमकर टीकाकरण का जायजा लिया। राजधानी में सुबह 10.30 बजे से टीकाकरण शुरु करने का वक्त तय किया था। बच्चों के उत्साह को देखते हुए एक घंटे पहले यानी 9.30 बजे सुबह से ही वैक्सीनेशन की शुरुआत हो गई। रायपुर में पहले दिन 12981 बच्चों को इस एजग्रुप में टीके लगाए गए। जो कि पूरे प्रदेश में पहले दिन बच्चों को लगाए गए कुल 1.55 लाख टीके का करीब 9 फीसदी रहा है।

भास्कर डेटा विश्लेषण; रोजाना 12981 टीके लगते रहे तो 11 दिन में हो जाएंगे 1.46 लाख
रायपुर में बच्चों के टीकाकरण के लिए 56 से अधिक सेंटर बनाए गए हैं। हर दिन लगभग 23 हजार से अधिक टीके इस एजग्रुप में लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सोमवार को पहले दिन की स्पीड यानी 12981 टीके भी अगर रोज लग जाते हैं तो आने वाले केवल 11 दिन के अंदर 1.46 लाख से अधिक बच्चों को पहला टीका लग जाएगा। रायपुर सीएमओ के मुताबिक रायपुर में बच्चों के टीके का केवल 10 दिन के अंदर टारगेट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और अफसरों के मुताबिक पहले दिन के आंकड़े उम्मीद जताने वाले हैं।

मेडिकल कॉलेज के सेंटर में 96 टीके
प्रदेश के सबसे बड़े वैक्सीनेशन सेंटर नेहरु मेडिकल कॉलेज में अभिभावकों के साथ बच्चे सुबह से ही टीका लगवाने पहुंच गए थे। यहां सुबह 9.30 बजे से शाम 4 बजे के बीच 96 से अधिक बच्चों को टीके लगाए गए। सबसे पहला टीका फाफाडीह में रहने वाली 17 साल की खुशी को लगाया गया। चूंकि बच्चों को पहली बार टीका लगाया जा रहा था। लिहाजा आब्जरवेशन पीरियड को लेकर इस मौके पर खासी कड़ाई दिखी। खुशी को पहला टीका लगने के बाद आधा घंटे तक जब कोई एडवर्स इफेक्ट नहीं दिखाई दिया, तो उसको पहले डोज का सर्टिफिकेट देकर वैक्सीनेशन सेंटर से रवाना किया गया। बच्चों के टीके लिए स्थापित सेंटरों में भी अलग से इंतजाम किए गए।

दानी स्कूल में बना रिकार्ड, शाम तक 560 बच्चियों को वैक्सीन
दानी गर्ल्स स्कूल में दिनभर में 560 टीके लगाए गए। स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों को टीका लगाने के लिए 10 से अधिक डेस्क बनाई गई थी। यहां भी टीकाकरण की शुरूआत 10.30 बजे से पहले हो गई थी। मेनका साहू, आरुषि, योगेश्वरी और सोनिया यादव को यहां सबसे पहले टीका लगाया गया। स्कूल में बच्चियों में दिनभर टीकाकरण को लेकर बहुत उत्साह दिखाई दिया। टीका लगवाते वक्त ज्यादातर बच्चियों ने मोबाइल से साथी छात्राओं की मदद से तस्वीरें भी खिंचवाई। वहीं टीके लगाने के बाद ग्रुप में सेल्फी भी जमकर ली। टीके के दौरान स्कूल में पढ़ाने वाले टीचरों ने बच्चों को टीके के बाद बरती जाने वाली सावधानियां भी बताई। बच्चों के मॉडल अस्पताल आयुर्वेदिक कॉलेज में 90 टीके लगाए गए। यहां पहला टीका 17 साल के चंदन को लगाया गया।

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