तीज के कारण 10 सितंबर की मोहलत आज खत्म:घने शहर की सड़कों पर बसों का आज आखिरी दिन पर नए टर्मिनल में डबरा, कब्जों से एप्रोच रोड संकरी

रायपुरएक महीने पहले
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मियाद कुछ दिन और बढ़ाने के संकेत। - Dainik Bhaskar
मियाद कुछ दिन और बढ़ाने के संकेत।

भाठागांव इंटरस्टेट बस टर्मिनल 1 सितंबर से शुरू होने वाला था, लेकिन तीज को ध्यान में रखते हुए बस ऑपरेटरों को 10 सितंबर तक की मोहलत दी गई थी, जो शुक्रवार को खत्म हो जाएगी। निगम प्रशासन समेत सरकारी एजेंसियों ने दावा किया था कि शनिवार, 11 सितंबर से पंडरी बस स्टैंड से आपरेटरों को हटा दिया जाएगा और शहर में एक भी बस नहीं चलने दी जाएगी।

दस दिन पहले किए गए इस सरकारी दावे के मुताबिक शुक्रवार को राजधानी की सभी प्रमुख सड़कों पर बसों का आखिरी दिन होगा। लेकिन नए टर्मिनल में पहुंची भास्कर टीम के रियलिटी चेक में यह बात सामने आई कि बीते 10 दिन में इस टर्मिनल में बसों को शुरू करने के लिए कोई जरूरी इंतजाम नहीं हैं। रिंग रोड से टर्मिनल तक जाने वाले एप्रोच रोड कब्जे की वजह से अब भी संकरी है। नए टर्मिनल में जहां से बसें छूटनी हैं, वहां पानी भरा हुआ था जो कीचड़ में तब्दील हो गया है। इसलिए संकेत मिले हैं कि बस स्टैंड की शिफ्टिंग में कुछ दिन की मोहलत और दी जा सकती है।

करीब छह माह टलने के बाद भाठागांव के नए बस टर्मिनल का 20 अगस्त को लोकार्पण हुआ और तभी से बसें यहां से चलाई जाने वाली थीं। लेकिन बस आपरेटरों की मांग के बाद उन्हें 1 सितंबर तक का समय दिया गया। जब टर्मिनल शुरू करने का समय आया तो बस आपरेटरों ने प्रशासन पर फिर दबाव बनाया और तीज त्योहार के लिए 10 और दिनों की मोहलत ले ली।

उनका कहना था कि तीज में बसों में महिलाओं की भीड़ रहती है। ऐसे में बस स्टैंड के पंडरी से भाठागांव शिफ्ट होने में दिक्कतें बढ़ जाएगी। प्रशासन ने उनकी मातें मानकर फिर दस दिन की मोहलत दी। अब 10 सितंबर से बस स्टैंड शुरू किया जाना है लेकिन फिलहाल बस स्टैंड को शुरू करने की किसी तरह की तैयारी नहीं हुई है।

रियलिटी चेक : सिटी लाने के साधन नहीं, पीने के पानी तक का संकट
परिसर की ढाल ही गलत : बस स्टैंड परिसर के सामने वाले हिस्से में पानी भरा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि शहर में बारिश होने पर बस स्टैंड परिसर में इसी तरह पानी भर जाता है। पानी निकासी के लिए नालियां बनाई गई हैं। लेकिन ढाल सही नहीं होने के कारण यहां पानी भरा रहता है। बस आपरेटरों ने भी कहा कि अगर इसी तरह पानी रहा तो बस वालों ही नहीं, यात्रियों को भी खासी दिक्कत होगी।

स्वीमिंग पूल के पास कई बिजली के खंभे
बसें भाठागांव के पास रिंग रोड की दोनों सर्विस रोड का इस्तेमाल नए टर्मिनल तक जाने और वहां से निकलने के लिए करेंगी। लेकिन इन दोनों ही सड़कों में ट्रैफिक को स्मूथ करने के लिए प्रशासन ने कोई काम नहीं किया है। एक निजी स्वीमिंग पूल के पास बड़ी संख्या में बिजली के खंभे हैं। इन्हें शिफ्ट नहीं किया जा सका। एप्रोच रोड की चौड़ाई बढ़ाने के लिए कब्जे नहीं हटाए हैं।

यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव
परिसर में बसों को सिर्फ पार्क करने या आने-जाने के इंतजाम हैं। यात्रियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। आपरेटरों का कहना है कि वे बस लेकर पहुंच जाएंगे, लेकिन यात्रियों के लिए यहां न तो पानी की व्यवस्था है न खाने की। यहां तक यात्रियों को बस स्टैंड तक लाने ले जाने की भी कोई व्यवस्था नहीं हुई है। कहा गया था कि वहां से शहर तक सिटी बसें चलेंगी। इस व्यवस्था का लिखित निर्देश जारी नहीं हुआ है।

  • अभी छुट्टियां हैं तथा कुछ और मुद्दों पर बातचीत चल रही है। 10 सितंबर की मियाद जरूर है, लेकिन लगातार छुट्टियों के कारण तैयारी अधूरी है। इस पर काम कर रहे हैं, शिफ्टिंग जल्दी होगी। - पुलक भट्टाचार्य, अपर आयुक्त नगर निगम
  • बस टर्मिनल शुरू करने के लिए आधारभूत सुविधाएं तय समय में पूरी होनी चाहिए। बसों के संचालन के साथ चाय-नाश्ता, मेडिकल सुविधा तथा अन्य चीजों के लिए दुकानें या जगह जरूरी है। - प्रमोद दुबे, संरक्षक छग यातायात महासंघ
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