ओपी चौधरी से विशेष बातचीत:पूर्व IAS और भाजपा नेता बोले-कांग्रेस पॉलिटिक्स में पास, पर गुड गवर्नेंस में फेल; गोधन योजना कार्यकर्ताओं के लिए

रायपुर2 महीने पहलेलेखक: विश्वेश ठाकरे
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13 साल तक आईएएस रहने के बाद साल 2018 में राजनीति में आए ओपी चौधरी को भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश का महामंत्री बनाया है। पिछली बार ओपी अपना पहला विधानसभा चुनाव खरसिया से हार चुके हैं, बावजूद इसके वे प्रदेश में लोकप्रिय हैं। छत्तीसगढ़ भाजपा जिस तरह से नये लीडर खड़ी कर रही है, उससे पूरी संभावना है कि ओपी को भविष्य में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाए। पूर्व ब्यूरोक्रेट, वर्तमान पार्टी महामंत्री और भविष्य में बड़ी जिम्मेदारी के लिए तैयार नेता से दैनिक भास्कर ने लंबी बातचीत की। कुछ सवालों के उन्होंने सीधे जवाब दिए तो कुछ सवालों पर कहा...यह जवाब प्रकाशित करने के लिए नहीं है...

सवाल- ठेठ किसान परिवार में जन्म फिर आईएएस फिर राजनीति, बीच में स्टॉक मार्केट अब फिर से फार्मिंग। ये जीवन को लेकर कोई विचार है या कन्फ्यूजन...

ओपी- नहीं कोई कन्फ्यूजन नहीं। कुछ बेहतर करने, समाज के लिए कुछ करने का प्रयास है। किसान का बेटा था, उस समय खेती करता तो लगता मजबूरी में कर रहा हूं इसलिए खुद को साबित करने के लिए आईएएस क्वालिफाई किया। कलेक्टर रहते हुए जितना बन सका लोगों की सेवा की, फिर लगा कि इसमें सीमाएं हैं। कुछ बड़ा करना हो तो राजनीति एक रास्ता हो सकता है, लिहाजा राजनीति में आ गया। सिर्फ राजनीति से खर्च कैसे चलता, लिहाजा स्टॉक मार्केट स्टडी करता रहा। इन्वेस्ट करता रहा। जब आर्थिक रूप से सक्षम हो गया तो लगा कि गांवों में इनोवेटिव, प्रोग्रेसिव फार्मिंग सीखाना चाहिए तो वो कर रहा हूं। लक्ष्य वही है लोगों की सेवा, तरीके अलग हैं।

हाल ही में ओपी चौधरी भाजपा में महामंत्री बनाए गए हैं।
हाल ही में ओपी चौधरी भाजपा में महामंत्री बनाए गए हैं।

सवाल- देश की सबसे बड़ी सर्विस छोड़कर राजनीतिक अनिश्चित भविष्य का फैसला कठिन था या आसान...

ओपी- बिल्कुल कठिन नहीं था। मैंने खुद से बात की। लगा निर्णय लेने का समय है इसलिए निर्णय ले लिया और मैं बेहद खुश हूं, संतुष्ट हूं। अब मैं कहीं भी, कभी भी लोगों की कैसी भी मदद के लिए स्वतंत्र हूं। यही मैं चाहता था।

पिछले विधानसभा चुनावों से ऐन पहले ओपी रायपुर के कलेक्टर थे।
पिछले विधानसभा चुनावों से ऐन पहले ओपी रायपुर के कलेक्टर थे।

सवाल- भारतीय जनता पार्टी ही क्यों...

ओपी- मुझे लगता है कि यह पार्टी मेरी विचारधारा के ज्यादा करीब है। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी का प्रभाव कह सकते हैं। पार्टी की नीतियों और हिंदुत्व विचारधारा का प्रभाव भी कह सकते हैं। मोदी जी की विजनरी लीडरशिप का असर भी इसमें शामिल है। मुझे लगता है कि भारतीय जनता पार्टी देशवासियों की सुरक्षा, विकास को ज्यादा बेहतर तरीके से समझती है। इसलिए भाजपा।

सवाल- पहले चुनाव का अनुभव कैसा रहा...

ओपी- पहला चुनाव बहुत कुछ सिखाने वाला रहा। मैं तो कुछ जानता ही नहीं था। यहां तक कि संगठन के लोगों, कार्यकर्ताओं को भी नहीं जानता था। पार्टी ने कहा चुनाव लड़ो तो लड़ा। पर उससे बहुत सारी बातें क्लीयर हुई। संगठन, लोगों से जुड़ना कैसे है। आम जनता की अपेक्षाएं क्या है। बूथ मैनेजमेंट क्या होता है जैसी अनगिनत बातें मालूम हुई। एक भ्रम भी टूटा कि लोगों में लोकप्रिय होना, सबका आपको जानना ही जरूरी नहीं है, पार्टी संगठन, कार्यकर्ताओं से जुड़ाव होना भी बेहद जरूरी है।

सवाल- 2023 में फिर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे...

ओपी- तैयारी तो है, पार्टी फिर योग्य समझेगी, टिकट देगी तो जरूर लड़ूंगा।

सवाल- छत्तीसगढ़ की वर्तमान स्थिति, कांग्रेस सरकार के कामकाज को लेकर क्या विचार हैं...

ओपी- कांग्रेस पॉलिटिक्स में पास है, लेकिन गुड गवर्नेंस में फेल है। आप देखिए सड़क, पानी, बिजली, रोजगार, उद्योग जैसे तमाम जरूरी मूलभूत काम ठप हैं। अपराध बढ़ रहा है। लोगों में असंतोष है। जो विकास है भाजपा काल का है। सरकार का काम लोगों को सुविधा, संसाधन और सुरक्षा देना है, उसकी निगरानी करना है, उसे सतत सुचारु रूप से जारी रखना है, लेकिन इसमें सरकार असफल है।

डॉ रमन सरकार में ओपी ने बतौर ब्यूरोक्रेट काम किया था।
डॉ रमन सरकार में ओपी ने बतौर ब्यूरोक्रेट काम किया था।

सवाल- गोधन योजना की पूरे देश में तारीफ हो रही है, आप कहते हैं फेल है...

ओपी- गोबर खरीदी, गौ मूत्र खरीदी की योजना कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए है। सरकार का सोचना है कि उनके लोगों के पास पैसे रहेंगे तो वे उन्हें जीता कर ले आएंगे। किसानों को इससे फायदा नहीं है। किसान तो खाद खरीदने की अनिवार्यता के कारण नाराज हैं।

सवाल- पिछला चुनाव बिजली बिल हाफ ...कर्जा माफ़ी पर जीता गया था, भाजपा के पास इसका कोई तोड़ है क्या...

ओपी- कर्जा माफ का उतना प्रभाव नहीं था, हां बढ़े हुए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के वादे ने किसानों को प्रभावित किया था। एंटी इनकंम्बेंसी भी थी। पार्टी सभी बातों की समीक्षा कर रही है। बीजेपी हमेशा से किसानों, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बड़ी योजनाएं लाती रही है। इस बार भी पार्टी का इन पर पूरा फोकस है।

खेती के कामों में ओपी इनदिनों अपना वक्त बिताते हैं।
खेती के कामों में ओपी इनदिनों अपना वक्त बिताते हैं।

सवाल- कांग्रेस में भूपेश बघेल का चेहरा सामने है, भाजपा में ऐसा कोई नेता नहीं दिखता जो बड़े नेता हैं वे संशय की स्थिति में हैं कि उनका क्या होगा इसलिए पार्टी एकजुट नहीं दिख रही है...

ओपी- भाजपा में अभी मोदी जी ही चेहरा है, लेकिन आपका फीडबैक है तो मैं पार्टी में इसे बताउंगा। सभी नेता अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पार्टी में नये लोगों को मौका भी दिया जा रहा है। प्रभारी बदले हैं, दिल्ली से लगातार अपडेट लिए जा रहे हैं। चुनाव तो हम पूरी ताकत से लड़ेंगे, इसकी तैयारी भी जारी है।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों को ओपी ऐतिहासिक बदलाव बताते हैं।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों को ओपी ऐतिहासिक बदलाव बताते हैं।

सवाल- लगातार बढ़ रही महंगाई, टैक्स का बोझ, घटती ब्याज दरें, सब्सिडी खत्म करना जैसे केंद्र सरकार के तमाम फैसलों को कैसे देखते हैं...

ओपी- जब देश विकासशील से विकसित में बदल रहा होता है तो ऐसी दिक्कतें आती हैं। हमारे टैक्स का पैसा देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और ऐसे तमाम चीजों के काम आ रहा है, जो हमारे लिए ही है। फोर लेन बन रही है, सड़कों, पुलों, ब्रिज का जाल बिछ रहा है। यह समाज के आगे बढ़ने के लिए सबसे जरूरी है। डेवलप कंट्री बनने के लिए बेस बन रहा है। अगर सरकार कुछ कड़े कदम नहीं लेगी तो हमारी अर्थव्यवस्था श्रीलंका जैसी हो जाएगी। अमेरिका में ब्याज दर 1 फीसदी से भी नीचे है। अभी की थोड़ी महंगाई, भविष्य के समृद्ध भारत के लिए बेहद जरूरी है।

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