आरक्षण और लव जिहाद के खिलाफ संत:धर्म संसद में साध्वी विभानंद बोलीं-गैर हिन्दू संग भागने वाली लड़कियां हत्या, गैंगरेप का शिकार बनती हैं

रायपुर8 महीने पहले
साध्वी विभानंद ने अलग-अलग मुद्दे पर दैनिक भास्कर से बातचीत की है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धर्म संसद 2021 का आयोजन किया जा रहा है। यहां दिल्ली, अयोध्या, हरिद्वार से पहुंचे संत हिंदू संस्कृति और सनातन धर्म के प्रचार की बात कर रहे हैं। संतों का मानना है कि वर्तमान समय में समाज को सनातन संस्कृति से जोड़ा जाना बहुत जरूरी है। अलग-अलग मुद्दों पर दिल्ली से आई साध्वी विभानंद गिरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की।

धर्म संसद का आयोजन क्यों ?

साध्वी विभानंद गिरी ने कहा कि देश के मठ मंदिरों की सुरक्षा, लव जिहाद खत्म करने, बढ़ते धर्मांतरण के मामलों के प्रति लोगों को जागरूक करने, हिंदू संस्कृति का महत्व बताने के लिए धर्म संसद का आयोजन किया गया है। धर्म संसद आज की व्यवस्था नहीं है। 1800 के दशक में स्वामी विवेकानंद विश्व धर्म संसद में शामिल हुए थे।

आरक्षण की व्यवस्था खत्म की जाए

साध्वी विभा ने कहा कि देश से आरक्षण की व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाना चाहिए। आज के समय में सामान्य वर्ग का गरीब व्यक्ति शिक्षा और रोजगार हासिल नहीं कर पा रहा। जबकि दूसरे वर्ग के लोग आरक्षण की वजह से संपन्न होने के बाद भी रोजगार और शिक्षा पा रहे हैं। यह व्यवस्था ठीक नहीं है।

दूसरे धर्म के लड़कों संग भाग रही लड़कियां

18 वर्ष की आयु में बालिग होने के बाद जब मां-बाप एक युवती को पालते पोसते हैं, पढ़ा लिखा कर बड़ा करते हैं , फिर वह दूसरे धर्म के युवकों के बहकावे में आकर समाज और परिवार के सम्मान को ताक पर रखकर घर से भाग जाती है। इसके बाद वहां हत्या, गैंगरेप जैसी घटनाओं का शिकार होती है। यह लव जिहाद है, ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगे, यही हमारा प्रयास है।

पंडितों को भी मिलनी चाहिए तनख्वाह

साध्वी विभा ने कहा कि मस्जिदों में हाफिज को तनख्वाह दी जाती है। हम चाहते हैं कि मंदिरों मठों में भी पुजारियों के लिए यह व्यवस्था की जाए, मठ मंदिरों को संरक्षित किया जाए। मंदिरों को तोड़े जाने से बचाया जाए। आज के समय में सरकारी पैसे से हज की सुविधा दी जाती है, क्या हिंदुओं को तीर्थ की सुविधा नहीं दी जानी चाहिए।

सरकारें आंख मूंदकर बैठी

विभानंद गिरी ने आगे कहा कि आज के वक्त में सरकारें आंख मूंदकर बैठी हैं। देश में एक जैसी व्यवस्था हो जो सभी वर्ग, जाति, संप्रदाय के लोगों पर लागू की जानी चाहिए। आबादी कम करने का जिम्मा सिर्फ हिंदुओं का नहीं है। देश में कानून होना चाहिए और इसे समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का राजा ऐसा हो जिसके अंदर सभी लोगों के लिए समान भाव। ऐसा करने पर ही देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा।

धर्म संसद के इस आयोजन में पहले दिन शोभायात्रा निकालकर रावण भाटा मैदान में सभा का आयोजन किया गया। रविवार को इस धर्म संसद का समापन कार्यक्रम है, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल होंगे।