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राजधानी में पहला ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिलिंग प्लांट:सरकारी अस्पतालों, केयर सेंटरों में ऑक्सीजन का संकट, इसलिए हेल्थ अमला लगाएगा अपना प्लांट

रायपुर16 दिन पहले
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अंबेडकर में कोरोना के नए वार्ड का काम लगभग पूरा - Dainik Bhaskar
अंबेडकर में कोरोना के नए वार्ड का काम लगभग पूरा
  • दो हफ्ते में टेंडर और फिर इतने ही दिन में मंदिरहसौद में निर्माण, प्लांट की क्षमता एक बार में 300 से अधिक बड़े सिलेंडर भरने की

राजधानी में पहली बार जिला स्वास्थ्य विभाग ऑक्सीजन सिलेंडरों का रिफिलिंग प्लांट बनाने जा रहा है। करीब 7 करोड़ की लागत में ये प्लांट राजधानी के आउटर यानी मंदिरहसौद में बनाया जाएगा। दरअसल दूसरी कोरोना लहर के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति बड़ा संकट बन गई थी। इसके लिए सरकारी अस्पताल और केयर सेंटर सिर्फ प्राइवेट सप्लायर पर निर्भर थे। यह दिक्कत फिर न आए, इसलिए स्वास्थ्य विभाग ही ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांट बना रहा है। यहां एक बार में 300 से अधिक जंबो यानी बड़े आकार के ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल किए जा सकेंगे।

जिला के स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन रिफिल प्लांट बनाने के लिए छत्तीसगढ़ दवा कार्पोरेशन (सीजीएमएससी) से इस प्लांट की लागत तथा इस्टेबलिशमेंट का पूरा प्लान मांगा था। सीजीएमएससी ने जो प्रस्ताव दिया है, उसके मुताबिक एक बार में 600 जंबो सिलेंडरों की रिफिलिंग का प्लांट लगाने में करीब साढ़े 13 करोड़ और 300 सिलेंडर रिफिल प्लांट के लिए करीब 7 करोड़ का खर्च आएगा।

यही नहीं, इन प्लांट्स में बूस्टर मशीन लगाने अर्थात ऐन वक्त पर क्षमता बढ़ाने के लिए 3 करोड़ की मशीन और भी लगाई जा सकती है। इसका टेंडर अगले हफ्ते जारी करने की तैयारी की जा रही है। टेंडर फाइनल होने तथा वर्क आर्डर जारी होने में अधिकतम 20 दिन लगेंगे। इसके बाद प्लांट तैयार करने के लिए संबंधित ठेकेदार को 15 दिन का समय दिया जाएगा, क्योंकि इसे लगाने में ज्यादा दिक्कत नहीं है।

सप्लाई सिर्फ सरकारी सेंटरों में
राजधानी में कोरोना की तीसरी लहर में एक दर्जन से अधिक केयर सेंटर केवल शहर में ही बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति इस प्लांट से की जाएगी। दरअसल, तीसरी लहर के मद्देनजर जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 50 से 1 करोड़ की लागत तक के ऑक्सीजन प्लांट आईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए पहले ही बनाए जा रहे हैं। कालीबाड़ी में नया प्लांट बनकर तैयार भी हो गया है। मंदिर हसौद के रिफिल प्लांट का मकसद ऐसे मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल करना रहेगा जिनको सिलेंडर के जरिए ऑक्सीजन दी जाएगी। इसमें इमरजेंसी में घर में रहने वाले होम आइसोलेशन के मरीज भी शामिल रहेंगे।

अंबेडकर में कोरोना के नए वार्ड का काम लगभग पूरा
अंबेडकर अस्पताल में भी इमरजेंसी वार्ड के बगल में कोरोना मरीजों के लिए एक नए वार्ड का काम अब आखिरी चरण में है। अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था का प्रस्ताव पहले से ही है। करीब सौ बिस्तरों का नया वार्ड ग्राउंड फ्लोर पर बनाया जा रहा है। एक हॉल के रूप में नया वार्ड बनाया जा रहा है। इसमें ऑक्सीजन की जरूरत वाले कोरोना मरीजों के इलाज की व्यवस्था रहेगी। अंबेडकर में कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए बंदोबस्त की जा रही है। फिलहाल अंबेडकर में एक साथ 500 से अधिक कोरोना मरीजों के इलाज की सुविधा है। इस क्षमता को बढ़ाकर 600 से अधिक किया जा रहा है।

तीसरी लहर की तैयारी के लिए ही हम खुद का ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांट लगाने की तैयारीी कर रहे हैं, ताकि यह सिस्टम हमारे हाथ में रहे। इससे सरकारी अस्पतालों और केयर सेंटरों की बहुत सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी।
डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ, रायपुर

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