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आफत से राहत के 75 दिन:15 मार्च से 40 दिन में आया पीक, 10 जून तक हो सकते हैं 10 लाख केस

रायपुर25 दिन पहलेलेखक: अमिताभ अरुण दुबे
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छत्तीसगढ़ में कोरोना की दूसरी लहर का कहर मौटे तौर पर 15 मार्च से शुरू माना गया है। उस दिन प्रदेश में 645 केस मिले इसके बाद हर दिन नए संक्रमितों के तादाद हजार के क्रम में बढ़ने लगी और इसके 40 दिन बाद तक पूरे प्रदेश में कोरोना संक्रमण और मौतों ने दहशत फैलाकर रख दी।

16-17 मार्च को जहां 800 से ज्यादा केस मिले, उसके बाद 18 मार्च से नए पॉजिटिव की तादाद एक हजार से अधिक आने लगी। इस क्रम में बढ़ते हुए केवल चालीस दिन के अंदर प्रदेश में दूसरी लहर के पीक 23 अप्रैल को आया जब नए संक्रमितों का तादाद अब तक की सर्वाधिक संख्या 17397 पर पहुंच गई। इसके बाद अगले 24 दिन में अर्थात 16 मई के आसपास से केस कम होने शुरू हुए। शुरुआत के ठीक 75 दिन बाद, यानी 30 मई की स्थिति में हालात लगभग काबू में नजर आने लगे हैं और विशेषज्ञ मान चुके हैं कि दूसरी लहर विदा हो गई। लेकिन नए संक्रमित अभी भी मिल रहे हैं।

दूसरी लहर के पीक में 3 लाख से ज्यादा नए केस सामने आए
प्रदेश में 15 मार्च से यानी वो तारीख जब से अचानक केस बढ़ने शुरु से हुए उससे दूसरी लहर के पीक यानी 23 अप्रैल के बीच नए पॉजिटिव केस 3.04 लाख से ज्यादा मिले। यानी इन चालीस दिनों के अंदर प्रदेश में हर दिन मिले मरीजों का औसत 7624 के आसपास रहा। इसकी तुलना अभी केस में कमी आने की स्थिति से करी जाए तो प्रदेश में अब पीक की स्थिति तक पहुंचने में मिल रहे केस से ये 4489 तक अब कम हो गया है। एक्सपर्ट की मानें तो प्रति सौ टेस्ट में नए संक्रमितों की तादाद का 5 प्रतिशत से कम होना दूसरी लहर के पूरी तरह खत्म होने का संकेत है।

रायपुर में प्रदेश से 10 दिन पहले आया पीक
रायपुर में प्रदेश से करीब दस दिन पहले यानी 13 अप्रैल को दूसरी लहर का पीक आया जब यहां 4168 केस मिले। दोनों लहर में राजधानी में दर्ज हुआ ये अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा।

एक्सपर्ट व्यू; पॉजिटिविटी रेट 4 प्रतिशत
प्रदेश में जांच के अनुपात में अब नए मरीजों का पॉजिटिविटी रेट 4 प्रतिशत से कम आ गया है। इस लिहाज से दूसरी लहर का पीक गुजरे अब ज्यादा दिन बीत गए। कोरोना के नियंत्रण में वैसे तो कई फैक्टर रहे हैं, लेकिन मुख्य रूप से टेस्टिंग ट्रीटमेंट और ट्रेसिंग-ट्रेकिंग की थ्योरी काफी असरदार रही है। प्रदेश में कोरोना जांच की बात करें, तो अभी भी 60 हजार से अधिक टेस्ट हो रहे हैं। जिसके अनुपात में लगातार नए मरीजों की संख्या घट रही है।
-डॉ. सुभाष मिश्रा, डायरेक्टर, हेल्थ एपिडेमिक कंट्रोल

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