छत्तीसगढ़ में पहली बार ऐसा विरोध प्रदर्शन:भीड़ जुटाकर नारे लगाए- हम मास्क-टीका नहीं लगवाएंगे, मीडिया का फैलाया भ्रम है कोरोना; 5 लोगों पर FIR

रायपुर5 महीने पहले
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रायपुर जिला प्रशासन की नाक के नीचे कुछ लोगों ने अजीब प्रदर्शन किया। ये लोग भीड़ इकट्‌ठा कर रायपुर के धरना स्थल पर जमा हो गए। इनके हाथों में तख्तियां भी थीं, इनमें लिखा था मास्क स्वैच्छिक है, नो मास्क, नो वैक्सीन, टीका नहीं लगवाएंगे, हमारा शरीर हमारा है सरकार का नहीं, TV मीडिया ही कोरोना है, कोरोना सिर्फ सामान्य सर्दी खांसी है।

इन लोगों को कोरोना बीमारी पर भरोसा ही नहीं।
इन लोगों को कोरोना बीमारी पर भरोसा ही नहीं।

एक तरफ जहां दुनियाभर की सरकारें कोरोना से निपटने की कोशिश में हैं, वहां पूरी दुनिया से उलट संदेश देते हुए ये लोग नारेबाजी करते रहे कि न मास्क पहनेंगे न टीका लगवाएंगे। जिस कोरोना की वजह से छत्तीसगढ़ में 13 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई उसकी राजधानी में ही जमा होकर इन लोगों ने कह दिया कोरोना तो सिर्फ मीडिया का फैलाया भ्रम है।

मीडिया ही असली कोरोना है इनके मुताबिक।
मीडिया ही असली कोरोना है इनके मुताबिक।

पुलिस ने दर्ज किया केस
इस मामले में धरना स्थल के पास ही चाय का स्टॉल लगाने वाले मोह. कासिम नाम के युवक की शिकायत पर पुलिस ने अब इन प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज किया है। आईपीसी की धारा 149 यानी भीड़ का एक राय होकर किसी अपराध को अंजाम देना, महामारी नियमों का उल्लंघन और जानबूझकर बीमारी फैलाना लोगों के लिए खतरा खड़ा करने की धारा 269 और 270 के तहत 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन पांचों के नाम डॉ सुशन राज, दीपक सरवान, नरेंद्र गुप्ता, दुष्यंत कुमार और रानू ब्रम्ने हैं। इन पांचों ने गुपचुप तरीके से रविवार की शाम कोरोना को एक साजिश बताकर रायपुर के धरना स्थल में धरना दिया था।

इनके हाथों में रखी तख्तियां पढ़िए।
इनके हाथों में रखी तख्तियां पढ़िए।

शिकायतकर्ता मो कासिम ने बताया कि ये लोग पोस्टर लिए थे जिनमें लिखा था- जबरन टीकाकरण बंद करो, कोरोना महामारी या महा साजिश, मेरा शरीर मेरा अधिकार, कोरोना एक षडयंत्र है। भीड़ में किसी ने मास्क नहीं पहना था। इन लोगों को धरना से हटाने की कोशिश करने पर ये हुज्जत पर उतर आए हालांकि कुछ देर बाद ये सभी लोग धरना स्थल छोड़कर चले गए। अब पुलिस को इन गैर जिम्मेदार लोगों की तलाश है।