सबका सवाल:पेट्रोल 100 रुपए, 5 माह में राज्य ने कमाए 2106 करोड़, तो वैट की दर क्यों नहीं घटती

रायपुर5 महीने पहलेलेखक: राकेश पांडेय
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100 रुपए लीटर पेट्रोल में केंद्र को मिलते हैं 39 रुपए तो राज्य को भी 27 रुपए लेकिन छत्तीसगढ़ में आज तक किसी भी सरकार ने वैट का हिस्सा कम नहीं किया, किसी भी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में इसे शामिल नहीं किया। - Dainik Bhaskar
100 रुपए लीटर पेट्रोल में केंद्र को मिलते हैं 39 रुपए तो राज्य को भी 27 रुपए लेकिन छत्तीसगढ़ में आज तक किसी भी सरकार ने वैट का हिस्सा कम नहीं किया, किसी भी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में इसे शामिल नहीं किया।

राज्य में पेट्रोल ने 100 रुपए का आंकड़ा छू लिया है। डीजल भी करीब पहुंचता जा रहा है। राज्य सरकारें बढ़ती कीमतों के लिए केंद्र पर और विपक्ष के लोग राज्य सरकार पर इसके लिए उंगली उठाते रहे हैं, लेकिन सच यह है कि न तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट को कम करने के लिए कदम उठाए और न ही कांग्रेस की सरकार ने।

यहां तक कि दोनों पार्टियों ने अपने घोषणा-पत्र में भी कभी इसका जिक्र नहीं किया, जबकि सच ये है कि राज्य सरकारें भी केंद्र के साथ-साथ इसमें बराबर कमाई करती आ रही हैं। पिछले पांच माह के आंकड़ों को गौर करें, तो शराब और पेट्रोल-डीजल को मिलाकर जितनी कमाई राज्य ने की है, राज्य में जीएसटी कलेक्शन उससे बेहद कम है।

पिछले पांच माह (जनवरी से मई) में जीएसटी (गुड्स एवं सर्विस टैक्स) से केवल 2829 करोड़ रुपए मिले, जबकि पेट्रोल-डीजल और शराब से 3796 करोड़ रुपए मिले, जो जीएसटी के कुल कलेक्शन से 967 करोड़ रुपए ज्यादा है। पिछले पांच माह में राज्य सरकार को शराब से 1690 करोड़ और पेट्रोल-डीजल-एटीएफ(एयर ट्रैफिक फ्यूल) से 2106 करोड़ की कमाई हुई।

बता दें कि पिछले 5 माह के आंकड़ों से साफ है कि राज्य को जीएसटी से ज्यादा पेट्रोल-डीजल-एटीएफ और शराब पर लगने वाले वैट से राजस्व मिला है। हालांकि, कोरोना की दूसरी लहर के कारण राज्य की बिगड़ी आर्थिक स्थिति अभी तक पटरी पर नहीं आ सकी है। अफसरों का कहना है जून माह में स्थिति पहले से बेहतर हुई है और आने वाले महीनों में इसके और बेहतर होने की उम्मीद है। दरअसल, कोरोना के कारण अप्रैल में लगे लॉकडाउन का सीधा असर राज्य की कमाई पर पड़ा।

  • 100 रुपए लीटर पेट्रोल में केंद्र को मिलते हैं 39 रुपए तो राज्य को भी 27 रुपए लेकिन छत्तीसगढ़ में आज तक किसी भी सरकार ने वैट का हिस्सा कम नहीं किया, किसी भी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में इसे शामिल नहीं किया।

केंद्र-राज्य की कमाई का बड़ा जरिया पेट्रोल-डीजल पर वैट
पेट्रोल-डीजल पर छत्तीसगढ़ में 25 फीसदी वैट है। इसके अलावा पेट्रोल पर 2 रुपए और डीजल पर एक रुपए सेस अलग से लगता है। इस तरह राज्य को 100 रुपए के पेट्रोल में 27 रुपए और डीजल में 26 रुपए मिलता है। जबकि केंद्र सरकार को टैक्स के रूप में 39 रुपए मिलता है। इसमें पेट्रोल पंप संचालकों का कमीशन भी शामिल है। पंप संचालकों को पेट्रोल में 3.20 रुपए और डीजल में 2.02 रुपए से 2.20 रुपए तक कमीशन मिलता है।

क्या कहते है राजनेता

भाजपा ने दो से तीन बार कम किया: बृजमोहन

  • हमारी सरकार ने दो से तीन बार टैक्स कम किया। केंद्र सरकार तो पूरे देश के लिए काम करती है। राज्य के लोगों को राहत देने के लिए राज्य सरकार को चिंता करनी चाहिए। राज्य सरकार आंकड़े जारी करे कि पहले, दूसरे साल कितनी कमाई होती थी और तीसरे साल में कितनी कमाई हो रही है। - बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री

वैट कम करने को लेकर कोई चर्चा नहीं: चौबे

  • मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बार पेट्रोल- डीजल की कीमतों में 33 बार वृद्धि हुई है। जब केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी तो क्रूड ऑयल की कीमतें आज से दुगुनी थी। उस समय पेट्रोल-डीजल की कीमत क्रूड ऑयल से आधी थी। फिलहाल, वैट कम करने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। - रविंद्र चौबे, प्रवक्ता छग सरकार
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