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कोरोना की वजह से बजट नहीं:रेलवे पुल प्लान कर दोनों ओर फोरलेन बना दी बजट के इंतजार में 3 साल से रुका ओवरब्रिज

रायपुर3 महीने पहले
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मोहबाबाजार-हीरापुर के बीच बनी सड़क पटरी के पास अधूरी रह गई। - Dainik Bhaskar
मोहबाबाजार-हीरापुर के बीच बनी सड़क पटरी के पास अधूरी रह गई।
  • हीरापुर अंडरब्रिज बनाकर क्रासिंग बंद, पुल नहीं बनने से नई सड़क बेकार

तकरीबन 3 लाख की आबादी वाले हीरापुर-मोहबाबाजार इलाके के लोगों के लिए जीई रोड को रिंग रोड-2 से जोड़नेवाली इकलौती सड़क का प्रेशर कम करने के लिए निर्माण एजेंसियों ने उसी के समानांतर फोरलेन रोड और बीच से गुजरनेवाली रेलवे लाइन पर एक ओवरब्रिज 3 साल पहले प्लान कर लिया।

जितना बजट था, उसमें रेललाइन के दोनों ओर ओवरब्रिज के साइज के हिसाब से फोरलेन सड़क बना दी गई। यह फोरलेन पिछले दो साल से इसी तरह पड़ी है और किसी काम की नहीं, क्योंकि ओवरब्रिज नहीं बना और वहां अंडरब्रिज होने की वजह से रेलवे क्रासिंग भी नहीं दी जा सकती।

पीडब्लूडी अफसरों का कहना है कि कोरोना की वजह से बजट नहीं है, इसलिए ओवरब्रिज रोकना पड़ा है। आशंका तो यह भी है कि बजट के अभाव में इस साल भी ओवरब्रिज का प्रोजेक्ट नहीं लिया जाएगा। इस तरह, अगले दो-तीन साल तक करीब 8 करोड़ रुपए से दोनों ओर बनी सड़कें अनुपयोगी तो रहेंगी ही, पुल बनने तक इनके खराब होने का खतरा भी बढ़ जाएगा।

राजदानी में कई रेलवे क्रॉसिंग को उसी जगह ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनाकर बंद किया गया है। यही प्लान मोहबाबाजार से हीरापुर जाने वाली सड़क के लिए भी हुआ था। यह बड़ी आबादी की इकलौती सड़क है, जिस पर रेलवे क्रासिंग भी थी। यहां दो दर्जन से ज्यादा बड़े निजी हाउसिंग प्रोजेक्ट और हाउसिंग बोर्ड की विशाल कबीरनगर कालोनी है, जो इसी सड़क के भरोसे है।

एम्स से रिंगरोड की कनेक्टिविटी भी यहीं से है। इस रोड पर अंडरब्रिज बनाने के बाद क्रासिंग बंद कर दी गई है। इसीलिए आबादी और जरूरत के हिसाब से संकरा अंडरब्रिज नाकाफी साबित होने लगा है। दरअसल मोहबाबाजार से हीरापुर तक ट्रांसपोर्ट का बड़ा बिजनेस है। भारी और बड़ी गाड़ियां गुजरती हैं, जिनके हिसाब से अंडरब्रिज की हाइट फिट नहीं है। इसलिए तय हुआ कि पुरानी सड़क पर ओवरब्रिज के बजाए वहां नई फोरलेन सड़क बनाई जाए और उस पर अलग ओवरब्रिज का निर्माण कर लिया जाए।

तीन साल पहले सारी जरूरी प्रक्रिया पूरी कर दोनों ओर सड़कों के निर्माण शुरू हुआ और लगभग एक साल में इन्हें बना लिया गया। पीडब्लूडी का अनुमान था कि सड़कें बनने से पहले ही ओवरब्रिज का प्रोजेक्ट फाइनल हो जाएगा और समय पर काम पूरा हो जाएगा। लेकिन करीब 3 साल से ओवरब्रिज का प्रस्ताव ही लंबित है।

बंद हो गईं स्कूल बसें : पुरानी रेलवे क्रासिंग थी, तब ऊंचाई वाले वाहन गुजर जाते थे। यहां फुल हाईट का अंडरब्रिज बनना था, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। अंडरब्रिज बनने से क्रासिंग बंद कर दी गई। इस वजह से बड़ी गाड़ियों की आवाजाही बंद हो गई। इसका खामियाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है क्योंकि इस सड़क से स्कूल बसें गुजर ही नहीं सकतीं। ट्रांसपोर्टरों को भी गाड़ियां मोहबाबाजार से टाटीबंध जाकर वहां से रिंगरोड होते हुए हीरापुर तक लानी पड़ रही है।

कोरोना से हुई देरी : सीई

  • यह सही है कि इस फोरलेन पर ओवरब्रिज का प्रस्ताव था, जो कोरोना संक्रमण की वजह से लंबित हो गया। फाइल फिर निकाली जाएगी और विभाग के निर्देश के बाद काम शुरू करेंगे -बीएस बघेल, सीई-पीडब्ल्यूडी (ब्रिज)
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