लाॅकडाउन में अवैध कब्जे:100 पर केस के बाद 400 और मामले दर्ज करने की तैयारी

रायपुर3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • निगम कमिश्नर की जोन में सभी मामलों में एफआईआर करने की चिट्ठी

राजधानी में दूसरे लॉकडाउन के दौरान शहर में अवैध कब्जा करने वाले 100 लोगों के खिलाफ एफआईआर के बाद अब नगर निगम ने तहसील से भेजी गई सूची के मुताबिक 400 और लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी कर ली है। राजधानी के राजस्व अमले ने लाॅकडाउन के तुरंत बाद शहर में सर्वे कर सरकारी जमीन पर कब्जे के करीब 500 मामले लिस्टेड किए थे।

इनमें से जांच के बाद सौ से ज्यादा मामलों में मई-जून में अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। अफसरों के मुताबिक बाकी 400 मामलों का ब्योरा भी निकाल लिया गया। इस आधार पर निगम कमिश्नर ने सभी संबंधित जोन कमिश्नरों को कब्जेधारियों के खिलाफ थानों में एफआईआर करने के निर्देश दे दिए हैं। इनमें भी रियल एस्टेट से जुड़े कई रसूखदारों के नाम हैं। रायपुर तहसील ने अप्रैल अंत में 500 कब्जेधारियों की सूची निगम को सौंपी थी। इस सूची में सरकारी जमीन पर कब्जे का प्राथमिक ब्योरा ही दर्ज था। इसके बाद राजस्व अमले ने दस्तावेजों के आधार पर कब्जे को साबित करते हुए निगम अफसरों को हर कब्जे का ब्योरा देना शुरू किया। इस आधार पर मई से जून तक करीब दो माह में 100 एफआईआर शहर के अलग-अलग थानों में हुई और कार्रवाई शुरू कर दी गई। बचे हुए 400 लोगों के कब्जे के दस्तावेजी प्रमाण भी निगम को सौंपे जा चुके हैं। यह ब्योरा निगम मुख्यालय ने सभी 10 जोन में भेज दिया है। निगम कमिश्नर ने सभी जोन कमिश्नरों से प्राथमिकता के साथ कहा था कि जिन-जिन लोगों के खिलाफ संबंधित दस्तावेज मिल गए हैं, उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाए।

एक माह से कार्रवाई धीमी वजह बारिश या दबाव?
अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ शुरुआत में एफआईआर होने के बाद से बाकी रसूखदार लोगों ने इस कार्रवाई को रुकवाने के लिए अफसरों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। जोन कमिश्नरों को लगातार फोन कराए गए, जिस वजह से कार्रवाई पिछले एक महीने से धीमी है। कई जोन दफ्तरों में अवैध कब्जा करने वालों की सूची और ब्योरा है, इसके बावजूद निगम अमला एफआईआर के लिए थाने नहीं जा रहा है। हालांकि कुछ जोन अफसरों का कहना है कि मानसून की वजह से अभी कब्जे नहीं हटाए जा रहे हैं। शहर में लगातार बारिश होने की वजह से निगम का पूरा अमला अभी सफाई और नालों से पानी निकासी की व्यवस्था कर रहा है। इसलिए कार्रवाई रुकी है। सितंबर के बाद इन मामलों पर कार्रवाई फिर की जाएगी।

खबरें और भी हैं...