मई में आ गए आषाढ़ जैसे बादल:सुबह काले बादलों ने घेरा और जमकर बरसे,अगले 7 दिनों तक ऐसे ही रहेंगे हालात; CM ने कलेक्टर्स से कहा, प्रभावितों को मुआवजा दें

रायपुर6 महीने पहले
मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ के इस मौमस की वजह विदर्भ में आया चक्रवात है। तस्वीर रायपुर के बोरिया इलाके की।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत भिलाई, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कवर्धा, रायगढ़ जैसे शहरों में मंगलवार की सुबह अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रायपुर में सुबह के 4 बजे से तेज बरसात हुई थी। कुछ देर थमी बारिश सुबह 7 बजे फिर से शुरू हो गई। शहर के टीकरापारा, सेज बहार, अवंति विहार, देवेंद्र नगर समेत दर्जन भर हिस्सों में सुबह से बिजली भी गुल हो गई। दोपहर के वक्त सुधार के बाद कई हिस्सों में बिजली की सप्लाई शुरू हो पाई। रायपुर की जल विहार कॉलोनी में सड़कें बारिश के पानी से लबालब हो गईं। सुबह 11 बजे तक हल्की धूप भी खिल आई।

तस्वीर रायपुर के संतोषी नगर इलाके की।
तस्वीर रायपुर के संतोषी नगर इलाके की।

मौसम विभाग के मुताबिक 7 दिनों तक रहेंगे ऐसे ही हालात

मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर में 57 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। राजनांदगांव में भी जमकर पानी बरसा है। बस्तर के नारायणपुर में सर्वाधिक 110 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। अन्य कई जगहों पर मध्यम से कुछ भारी और अधिकांश जगहों पर हल्की बारिश तथा बौछारें पड़ी हैं। भीषण गर्मी के इस सीजन में हो रही बारिश से मानसून के पूर्व आगमन जैसा महसूस हो रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बीते दो-तीन दिन से बारिश हो रही है।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि भले ही अभी हवा का रुख दक्षिण-पश्चिमी है। बारिश भी हो रही है, लेकिन मानसून की घोषणा के लिए कुछ मापदंड पूरे होने चाहिए। अभी ऐसी परिस्थिति नहीं बनी है लेकिन फिलहाल अगले सप्ताहभर तक प्रदेश में तेज गर्मी पड़ने के कोई आसार नहीं हैं। मौसम इसी तरह का रह सकता है। दक्षिण पूर्व विदर्भ के ऊपर 0.9 किमी ऊंचाई तक एक चक्रवात है। विदर्भ से केरल तक मराठवाड़ा और अंदरूनी कर्नाटक होते हुए 0.9 किमी तक एक द्रोणिका है। बिहार के ऊपर 0.9 किमी ऊंचाई तक एक अन्य चक्रवात है। इस वजह से मौसम में ये बदलाव है।

रायपुर के जल विहार कॉलोनी के हालात ।
रायपुर के जल विहार कॉलोनी के हालात ।

CM ने सभी कलेक्टर्स को राहत पहुंचाने के लिए कहा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में हुई बेमौसम बारिश से फसल सहित अन्य हानि का आंकलन करने और प्रभावितों को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों से कहा है कि बारिश और आंधी-तूफान की वजह से फसल सहित अन्य जन-धन के नुकसान के सर्वे के लिये तत्काल टीम का गठन कर आंकलन करें और पीड़ितों को तत्काल राजस्व विभाग के नियमों के तहत आर्थिक सहायता राशि दें।

करोड़ों का धान सड़ गया, कार्रवाई करे सरकार

पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बारिश से करोड़ों के धान के नुकसान का दावा किया है। उन्होंने कहा कि सही इंतजाम न होने की वजह से प्रदेश में पिछले साल भी कई टन धान सड़ गया था, इस साल भी बारिश में धान भीगा है। इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए।

जीपीएम जिले की तस्वीर ।
जीपीएम जिले की तस्वीर ।

300 गांवों में ठप बिजली व्यवस्था

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में बारिश और आंधी की वजह से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इस जिले के कई हिस्सों में बीती रात आठ घंटे से लगातार हो रही बारिश के चलते बिजली गुल है। तेज हवाओं और बारिश के चलते करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर जहां पेड़ गिर गये तो वहीं कुछ कच्चे मकानों को भी नुकसान हुआ है। जिले के शहरी इलाकों में कई जगहों पर जलजमाव के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार की आज रात भर बारिश होने के चलते करीब 300 गांवों की बिजली रात भर गुल रही।

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