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ईको फ्रेंडली मूर्ति बना रहीं नम्रता-रश्मि:प्रतिमा में डालती हैं फूलों के बीज; मिट्‌टी से बनाई बप्पा की 1 हजार प्रतिमा, विसर्जन के बाद उगेंगे पौधे

रायपुर22 दिन पहले
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मिट्‌टी से बप्पा की ईको फ्रेंडली प्रतिमा तैयार करतीं नम्रता। - Dainik Bhaskar
मिट्‌टी से बप्पा की ईको फ्रेंडली प्रतिमा तैयार करतीं नम्रता।

गुढ़ियारी में रहने वाली नम्रता गुप्ता और उनकी बहन रश्मि मिट्‌टी के गणेश बना रही हैं। इस साल दोनों ने अपनी टीम के साथ मिलकर 10 इंच से डेढ़ फीट तक की 1 हजार मूर्तियां तैयार की हैं। खास बात ये है कि इन मूर्तियों में वे फूलों के बीज भी डालती हैं, ताकि मूर्ति का घर में ही विसर्जन कर लोग मिट्‌टी को गमले में डालकर पौधा उगा सकें।

नम्रता ने बताया, मुंबई के मरीन ड्राइव में हमने गणपति की पीओपी की मूर्तियों को विसर्जन के बाद किनारे पर देखा। पर्यावरण को होने वाले नुकसान को ध्यान में रखकर हमने ईको फ्रेंडली गणपति बनाने का डिसीजन लिया। पांच साल से मूर्तियां बना रहे हैं। इसके लिए सालभर तैयारी करते हैं। ये गणेश प्रतिमा ना सिर्फ रायपुर, बल्कि मुंबई, रायगढ़, इंदौर के अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर में भेजती हैं। कोविड से पहले दुबई सहित अन्य देशों से भी प्रतिमा के ऑर्डर मिले थे।

पानी में 2 घंटे में घुल जाती है प्रतिमा
नम्रता ने बताया, हम नदी किनारे की मिट्‌टी से प्रतिमा बनाते हैं। ऐसी प्रतिमा विसर्जन के दो घंटे में ही पानी में घुल जाती है। प्रतिमा बनाने के लिए न फेविकोल मिलाते हैं और न कोई केमिकल। सजावट के लिए फ्रूट्स के कलर यूज करते हैं। 15 से 20 महिलाओं को रोजगार भी दे रहे हैं। इस बार मूर्तियों में रजनीगंधा फूल का बीज डाला है। पहले गेंदा आैर लीली का बीज डाल चुके हैं।

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