विवाद गहरा:डीएमई के फिर प्रोफेसर बनने पर उठाए सवाल

रायपुर2 महीने पहले
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31 जुलाई को चिकित्सा शिक्षा संचालक के पद से रिटायर हुए डॉ. आरके सिंह को प्रोफेसर नियुक्त करने के पहले विवाद गहरा गया है। कॉलेज के बड़े अधिकारी, स्क्रूटिनी व चयन कमेटी में शामिल अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। कमेटी के अधिकारी डॉ. सिंह के वॉक इन इंटरव्यू के समय एनओसी जमा नहीं करने का हवाला देकर चयन करने से इनकार कर रहे हैं। जबकि उच्चाधिकारी उनकी नियुक्ति के पक्ष में है।

डॉ. सिंह 30 जुलाई को पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में आयोजित वॉक इन इंटरव्यू में शामिल हुए थे। तब वे डीएमई के पद पर कार्यरत थे। उनके पास तब शासन का एनओसी नहीं था। जानकारों के अनुसार सरकारी सेवा में रहने के दौरान इंटरव्यू में शामिल होने के लिए एनओसी अनिवार्य है। इसके बिना उनका इंटरव्यू ही अवैध है और चयन नहीं हो सकता। अब वे रिटायर हो चुके हैं और अगस्त में आयोजित वॉक इन में शामिल हो सकते हैं। डॉ. सिंह डीन व डीएमई बनने के पहले लंबे समय तक फोरेंसिक विभाग के एचओडी रह चुके हैं। वहां प्रोफेसर का पद खाली है। ये खाली पद अभी दर्शाया गया, जब सिंह इंटरव्यू के लिए इच्छुक थे। इसके पहले कभी भी कॉलेज प्रबंधन ने प्रोफेसर का पद खाली नहीं दिखाया। चंूकि ये प्रमोशन के पद हैं इसलिए सीधी भर्ती भी नहीं की जा सकती।

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