पटरियों पर बैठे किसान:केंद्रीय गृह राज्य मंत्री टेनी को बर्खास्त करने की मांग, कोरबा में मालगाड़ी रोकी; रायपुर में पहले ही रोके गए

रायपुरएक महीने पहले
कोरबा के गेवरा-दिपका रेलखंड पर किसान पटरियों पर प्रदर्शन करने लगे। कुछ देर तक कोयलों की ढुलाई बाधित रही।

लखीमपुर खीरी हत्याकांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी नहीं होने से किसान आंदोलन फिर भड़क गया है। सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान संगठनों ने अलग-अलग जगहों पर रेल रोकने की कोशिश की। कोरबा में कोयला ढो रही मालगाड़ी को रोक लिया गया। वहीं रायपुर में स्टेशन पहुंचने से पहले ही किसानों के जत्थे को पुलिस ने रोक लिया।

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ की अगुवाई में किसान प्रतिनिधियों ने रायपुर रेलवे स्टेशन में रेल रोकने की कोशिश की। किसान एक्सप्रेस-वे के मुहाने पर इकट्‌ठा हुए। वहां से उन लोगों ने रेल पटरियों की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन राज्य पुलिस और आरपीएफ ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। किसान संगठन एक्सप्रेस-वे पर ही नारेबाजी करते रहे। इस दौरान पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर, महासंघ संयोजक मंडल के जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, पारसनाथ साहू, भारतीय किसान यूनियन के सचिव हरप्रीत सिंह रंधावा आदि मौजूद रहे। किसानों का कहना था, अजय मिश्रा टेनी के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रहते हुए मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। ऐसे में उनको तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए। किसानों ने तीनों कृषि कानून वापस लेने और MSP की गारंटी देने वाला कानून लाने की मांग की।

रायपुर में किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त करने की मांग भेजी।
रायपुर में किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त करने की मांग भेजी।

उधर, कोरबा में अखिल भारतीय किसान सभा ने मोर्चा खोला। यहां किसानों ने गेवरा-दिपका रेलखंड को निशाना बनाया। गंगानगर के पास दर्जनों किसानों का जत्था पटरियों पर बैठ गया। कुछ देर तक यह धरना चलता रहा। किसानों का दावा है कि उनके धरने की वजह से गेवरा खदान से निकलने वाले कोयले के कई रैक प्रभावित हुए हैं। इससे SECL को नुकसान हुआ है। बाद में पहुंची पुलिस ने पहले किसानों को समझाकर पटरी से हटाने की कोशिश की। किसानों ने पटरी से हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने किसानों को खींचकर पटरी से हटाया। बाद में भी किसान पटरी से थोड़ी दूर पर इकट्‌ठा होकर नारेबाजी करते रहे।

रायपुर में रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शन करते किसानों ने रेल रोकने की भी कोशिश की।
रायपुर में रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शन करते किसानों ने रेल रोकने की भी कोशिश की।

रात में ही भूमिगत हो गए थे नेता

अखिल भारतीय किसान सभा के जवाहर सिंह कंवर ने बताया, इस आंदोलन को लेकर पुलिस और रेलवे प्रशासन दोनों सख्ती बरत रहे थे। स्थानीय किसान नेता सख्ती को देखते हुए रात में ही घर से निकल गए थे। पुलिस ने गंगानगर के पास नाकेबंदी कर किसानों को पटरियों तक पहुंचने से पहले ही रोकने की कोशिश की। किसान नेता और दूसरे लोग गांव के दूसरे रास्तों से पटरियों तक पहुंच गए।

रायपुर में कुछ किसानों ने रेल पटरियों तक पहुंचकर इस तरह प्रदर्शन किया और नारे लगाए।
रायपुर में कुछ किसानों ने रेल पटरियों तक पहुंचकर इस तरह प्रदर्शन किया और नारे लगाए।

रायपुर में इक्का-दुक्का किसान पहुंच पाए

रायपुर रेलवे स्टेशन में पुलिस की सख्ती के बीच जागेश्वर जुगनू चंद्राकर और मदनलाल साहू जैसे कुछ किसान पटरियों तक पहुंच गए। इन लोगों ने पटरियों के बीच खड़ा होकर प्रदर्शन किया। कृषि कानूनों के खिलाफ नारे लगाए और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को हटाने की मांग उठाई। बाद में पुलिस ने इन लोगों को पटरियों से हटा दिया।