कालीचरण की बोली पर सियासी बवाल:युवा कांग्रेस ने धर्म संसद के आयोजकों पर भी की FIR की मांग; आयोजन समिति में कांग्रेसी नेता भी

रायपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

रायपुर में आयोजित धर्म संसद में स्वयंभू संत कालीचरण की जहरीली बोली के बाद से सियासी बवाल मच गया है। रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे की तहरीर पर रायपुर पुलिस ने कालीचरण बाबा के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। अब युवा कांग्रेस ने धर्म संसद के आयोजकों पर भी FIR की मांग उठाई है। इसके आयोजकों में कांग्रेस नेता भी शामिल थे।

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध हरितवाल ने कहा, रायपुर में आयोजित इस धर्म संसद के आयोजनकर्ताओं पर भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए जिन्होंने कालीचरण जैसे बाबा को आमंत्रित किया। सुबोध हरितवाल ने कहा, बाबा कालीचरण की भाषा में हिंसा झलक रही है जो भारतीय संस्कृति के खिलाफ है और अस्वीकार्य है। महात्मा गांधी के देश में ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। आयोजन समिति के लोगों को यह सुनिश्चित करना था कि सभा में हिन्दू सनातन धर्म की बात हो, देवी देवताओं की बात हो, समाज को मजबूत करते हुए देश को मजबूत करने की बात हो।

हरितवाल ने कहा, कालीचरण बाबा जैसे लोगों को आमंत्रित कर छत्तीसगढ़ का शांत वातावरण खराब करने के लिए कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसी मांग पर पार्टी में ही असमंजस की स्थिति बन रही है।

छत्तीसगढ़ की धर्म संसद में गांधीजी को गाली:महाराष्ट्र से आए संत ने कहा- गांधी ने देश का सत्यानाश किया, गोडसे को नमस्कार जो उन्हें मार दिया

कालीचरण बाबा के बयान का मंच से ही विरोध जताने वाले राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष और दूधाधारी मठ के महंत रामसुंदर दास आयोजन के संरक्षक थे। इसके अलावा कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय और रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे इसके आयोजन से जुड़े हुए थे। हालांकि इसके आमंत्रण में आयोजक के तौर पर अब तक अनाम रहे एक संगठन श्री नीलकंठ सेवा संस्थान एवं समस्त हिंदू संगठनों के नाम का उपयोग हुआ था। इसके संरक्षकों में शंकराचार्य आश्रम के इंदुभवानंद और शदाणी दरबार के प्रमुख युधिष्ठिर लाल को भी शामिल किया गया था। जिस समय महात्मा गांधी को गाली देकर उनके हत्यारे का महिमामंडन हो रहा था, इसमें से अधिकांश लोग वहां मौजूद भी थे।

मीडिया के जरिए इस तरह का आमंत्रण पत्र कांग्रेस नेताओं ने भी प्रसारित किया था।
मीडिया के जरिए इस तरह का आमंत्रण पत्र कांग्रेस नेताओं ने भी प्रसारित किया था।

कांग्रेस बोली, एक्शन पर विचार किया जा रहा है

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, आयोजकों में जो कांग्रेस के पदाधिकारी थे उन पर एक्शन के संबंध में विचार किया जा रहा है। फौरी तौर पर आयोजकों को यह ध्यान रखना था कि वे जिन संतों को बुला रहे हैं उनकी विध्वंसक प्रोफाइल तो नहीं है। वे इस देश की गंगा-जमुनी तहजीब पर प्रहार करने वाले लोग तो नहीं हैं। धर्म संसद की आड़ में राष्ट्रपिता पर प्रहार किया जाएगा तो बर्दाश्त नहीं है। शुक्ला ने कहा, आयोजकों में जो कांग्रेस के लोग शामिल थे, उनसे भी पूछताछ की जाएगी।

बापू का अपमान करने वाले संत पर FIR:महाराष्ट्र के संत कालीचरण पर कांग्रेस ने दर्ज कराया मामला, ढोंगी बाबा हाय-हाय के नारे लगाए

भाजपा के किसी नेता ने नहीं की निंदा

कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी पर ऐसी टिप्पणी भाजपा की शह पर की गई है। शुक्ला ने कहा, जिस वक्त मंच से नाथूराम गोडसे के समर्थन में नारे लग रहे थे, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी मौजूद थे। वहां केवल महंत रामसुंदर दास जी ने विरोध किया। भाजपा के किसी नेताओं ने उस असंत का समर्थन ही किया। अभी तक भाजपा के किसी नेता की ओर से इसकी निंदा में एक बयान तक नहीं आया। यह बताता है कि राष्ट्रपिता गांधी पर यह अभद्र टिप्पणी भाजपा नेताओं के शह पर हुई है।

गांधी के गालीबाजों पर भड़के मुख्यमंत्री:भूपेश बघेल बोले- समाज में जहर घोलने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई होगी; BJP पर भी साधा निशाना

खबरें और भी हैं...